Songs of Shailendra::
archives

Lata

This tag is associated with 209 posts

१९६१ – बॉय फ़्रैंड – देखो ना जाओ ऐ बेरहम | 1961 – Boy Friend – dekho na jao ae beraham

देखो न जाओ ऐ बेरहम दिल ना दुखाओ ऐ बेरहम हमसे नज़र तो मिलाओ, एक दफ़ा मुस्कुराओ देखो न जाओ ऐ बेरहम बहुत मुंतज़िर था ये दिल, कि फिर से मुलाक़ात हो ज़ुबाँ से न हो तो न हो , निगाहों से ही बात हो देखो न जाओ ऐ बेरहम … मेरे इश्क़ की इब्तिदा, … Continue reading →

१९५९ – चाँद – आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके | 1959 – Chaand – aa ja ri chandani hamari gali chand leke

आजा री चाँदनी आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके आजा हमने नैन बिछाए, आजा बैठे लगन लगाए, आजा अब तो रहा न जाए, आजा आजा री चाँदनी हमारी गली चाँद लेके आजा जब-जब मौसम ले अंगड़ाई, बिजली चमकी, बदली छाई राम ही जाने क्या है बात, नींद न आए सारी रात आजा री चाँदनी … Continue reading →

१९५९ – चाँद – ऐ बादलो, रिमझिम के रंग लिए कहाँ चले | 1959 – Chaand – ae badalo, rimjhin ke rang liye jahan chale

ऐ बादलो, ऐ बादलो रिमझिम के रंग लिए कहाँ चले झूमती उमंग लिए, प्यार की पतंग लिए जिया मोरा संग लिए, कहाँ चले ऐ बादलो सनन-सनन पवन घूम-घूमके बाँसुरी बजाए झूम-झूमके कानों-कानों में कहे प्यार करो, देखो ना इनकार करो अजी सुनो, कहाँ चले ऐ बादलो, रिमझिम के रंग लिए कहाँ चले ऐ बादलो थिरक-थिरक … Continue reading →

१९५९ – चाँद – कभी आज कभी कल कभी परसों | 1959 – Chaand – kabhi aaj kabhi kal kabhi parson

कभी आज, कभी कल, कभी परसों ऐसे ही बीते बरसों हमारी सुनते ही नहीं साजना देखो जी, सुनते ही नहीं साजना डाल पे फूल और फूलों पे भँवरे, दिनभर सौ-सौ खेल करें तड़पें-तरसें हमीं अकेले, छुप-छुप ठण्डी आह भरें बीती जाए देखो हाय ये जवानी, ये दिलों की कहानी हमारी सुनते ही नहीं साजना देखो … Continue reading →

१९५५ – बसंत बहार – कर गया रे कर गया मुझपे जादू | 1955 – Basant Bahar – kar gaya re kar gaya mujhpe jadoo

कर गया रे, कर गया मुझपे जादू साँवरिया कर गया मुझपे जादू ये क्या किया रे, ग़ज़ब किया रे चोर को समझी मैं साधु साँवरिया कर गया मुझपे जादू भोली सुरतिया मगर है सयाना सीखे कोई वो से दामन बचाना वादा करके मुकर गया कर गया रे … तुम जो कहो तो मैं नाम बता … Continue reading →

१९५५ – बसंत बहार – नैन मिले चैन कहाँ | 1955 – Basant Bahar – nain mile chain kahan

नैन मिले चैन कहाँ दिल है वहीं तू है जहाँ ये क्या किया सैंया साँवरे तूने ये क्या किया सैंया साँवरे चुप-चुप रहके लुटाया दिल तुझपे एक सुख पाया मैंने सौ दुख सहके, सौ दुख सहके दूर-दूर गली-गली अब तो बात फैल चली ये क्या किया सैंया साँवरे तूने ये क्या किया सैंया साँवरे कौनसे … Continue reading →

१९५५ – बसंत बहार – जा-जा रे जा बालमवा | 1955 – Basant Bahar – ja ja re ja balamawa

जा जा रे जा बालमवा सौतन के संग रात बिताई काहे करत अब झूठी बतियाँ जा जा रे जा बालमवा ग़ैर के घर करी रात-जगाई मोसे कहे तेरे बिना नींद ना आई कैसो हरजाई दैय्या जा जा रे जा बालमवा … काँधे लगा लाई बिंदिया किसीकी जानूँ मैं चुराई तूने निंदिया किसीकी लाज ना आई … Continue reading →

१९५८ – बाग़ी सिपाही – मान भी ले ऐ दिल तू अपनी ये हार | 1958 – Baaghi Sipahi – maan bhi le ae dil too apni ye haar

मान भी ले ऐ दिल तू अपनी ये हार किया नहीं जाता, हो जाता है प्यार मान भी ले ऐ दिल नए रंग लेके उतरती है शाम, जाने क्यूँ बनती-सँवरती है शाम आ हम भी सपनों की दुनिया सँवार लें झूम-झूम गाए ये पागल बहार किया नहीं जाता, हो जाता है प्यार मान भी ले … Continue reading →

१९५८ – बाग़ी सिपाही – ओ बेरहम, तेरे सितम हम पे होंगे कब तक | 1958 – Baaghi Sipahi – o beraham tere sitam hum pe honge kab tak

ओ बेरहम, तेरे सितम हमपे होंगे कब तक, देखेंगे हम ये रौशनी जलती रहे, जान भी जाए तो हमें होगा ना ग़म वो देख आँसुओं से ज़ख़्म धो रही है ज़िंदगी वो ख़ाक होके बीज नए बो रही ज़िंदगी सिवा ख़ुदाके और की ना होगी हमसे बंदगी ये कहके देख ज़ार-ज़ार रो रही है ज़िंदगी … Continue reading →

१९५१ – बादल – ऐ दिल न मुझसे छुपा | 1951 – Badal – ae dil na mujhse chhupa

ऐ दिल न मुझसे छुपा, सच बता क्या हुआ जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ तारे गिने रातभर, जाने कब याद में सो गई वो ख़्वाब था मदभरा, जिसमें बेहोश मैं खो गई कोई नींद में हमसे रूठके, हमको लूटके, चल दिया जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ ऐ दिल न … Continue reading →