Songs of Shailendra::
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Amarendra R N

Amarendra R N has written 568 posts for शैलेंद्र के गीत | Songs of Shailendra

Shailendra’s 50th Death Anniversary {December 14, 2016}

Remembering Shailendra … It was 50 years ago on this date that the great lyricist bid adieu to the world, at the age of 43. An untimely departure. One imagines at least a few hundred more memorable songs would have been created had he lived longer. A salute to the master whose songs will live … Continue reading

Street in Mathura named after Shailendra – Geetkar-Jankavi Shailendra Marg – Mathura

A street in the Dhauli Pyau locality of Mathura was named after Shailendra on March 9, 2016. Shailendra spent 16 years of his early life in Mathura before moving to Mumbai to work for the Indian Railways in 1947. Geetkar-Jankavi Shailendra Marg – Mathura Image Courtesy: Amar Ujala | Shailendrasongs.wordpress.com District Magistrate Rajesh Kumar along … Continue reading

१९५१ – बुज़दिल – मैं अलबेली रुमझुम-रुमझुम बाजे | 1951 – Buzdil – main albeli rumjhum rumjhum baaje

मैं अलबेली, रुमझुम-रुमझुम बाजे घूँघर मोरा सौ-सौ फेरे मारे पागल रूप का लोभी भँवरा मैं अलबेली, रुमझुम-रुमझुम बाजे घूँघर मोरा मैं अलबेली मैं हूँ छुईमुई, छुओ ना मुझको, छूने से मैं मुरझाऊँगी अँखियाँ तुम्हारी जैसे कटारी, बिना मौत मर जाऊँगी मैं हूँ बेचारी, ओ रे शिकारी, डाल ना मुझपे डोरा मैं अलबेली … मैं नाचूँ … Continue reading

१९५१ – बुज़दिल – झनझन झनझन पायल बाजे | 1951 – Buzdil – jhanjhan jhanjhan payal baaje

झनझन झनझन झनझन झनझन झनझन झनझन पायल बाजे कैसे जाऊँ पी से मिलन को लाज की मारी मरूँ, कौन जतन करूँ, रामा झनझन झनझन पायल बाजे पार जिगर के बाण बिरह का, काजर-कारी रैन उत कजरारे बदरा बरसें, इत बरसें मोरे नैन पाँव में बेड़ी लाज की, तड़प-तड़प रह जाऊँ मैं दुनिया की रीत निभाऊँ … Continue reading

१९५१ – बुज़दिल – जाने ना जाने ना हाय | 1951 – Buzdil – jaane na haay jaane na

जाने ना, जाने ना ये दुनिया जाने ना दिल की लगी बिगड़ी बनाऊँ कैसे उनको मनाऊँ रे ये दुनिया जाने ना दिल की लगी, हाय राम जाने ना दिल की लगी दिल में रहे वो मेरे, दिल की न जानी, हाय दिल की न जानी काँटों में उलझी रोए मेरी ज़िंदगानी, रोए मेरी जवानी कैसे … Continue reading

१९५१ – बुज़दिल – रोते-रोते गुज़र गई रात रे | 1951 – Buzdil – rote rote guzar gayi raat re

रोते-रोते गुज़र गई रात रे याद आई तेरी हर बात रे रोते-रोते गुज़र गई नींद भी मेरी न मेरी हो सकी रोके भी शबनम न ये ग़म धो सकी थी मैं तेरी पर न तेरी हो सकी रोते-रोते गुज़र गई ख़्वाब की दुनिया उजड़कर रह गई छीन ली सूरज ने घर की रौशनी चाँद से … Continue reading

१९५१ – नगीना – तूने हाय मेरे ज़ख्म-ए-जिगर को | 1951 – Nagina – tune haay mere zakhm-e-jigar ko

तूने हाय मेरे ज़ख़्म-ए-जिगर को छू लिया दूर हूँ मैं तेरी दुनिया से क्यूँ छुआ ना मन मेरा तूने हाय मेरे ज़ख़्म-ए-जिगर को छू लिया मैं प्यार की चाँदनी रात हूँ उलझी हुई दर्द की बात हूँ तूने हाय मेरे ज़ख़्म-ए-जिगर को छू लिया सूना था घर कोई रहने लगा डरके मगर दिल ये कहने … Continue reading

१९५१ – नगीना – एक सितारा है आकाश में | 1951 – Nagina – ek sitara hai akash mein

एक सितारा है आकाश में, एक सितारा, एक सितारा दो थे कुछ दिन, आज अकेला एक वही पथहारा एक सितारा धुँधला-सा एक दीप जलाए, फिर अँधेरा बढ़ता जाए बड़े जतन से दिल में छुपाए, आग का एक अँगारा एक सितारा रात जो देखे उसक ग़म तो, ओस के आंसू रोए दुनिया अपने मीठे सपने गले … Continue reading

१९५१ – नगीना – हमसे कोई प्यार करो जी | 1951 – Nagina – hum se koi pyar karo ji

हमसे कोई प्यार करो जी hello एक एक एक एक बार करो जी hello हमसे कोई प्यार करो जी एक एक एक एक बार करो दिल को मेरे गुलज़ार करो जी हमसे कोई प्यार करो झाँकके आँखों से कहता दिल, hello hello, hello hello प्यार की दुश्मन है ये दुनिया, भाग चलो, चलो चलो हमसे … Continue reading

१९५१ – नगीना – कोई नहीं घर में | 1951 – Nagina – koi nahin ghar mein

my my my my my dear, आओ near आओ, mummy नहीं daddy नहीं कोई नहीं घर में लगता है मुझको डर, my dear झंडी क्यूँ दिखाई दिल का इंजन बेक़रार है देखूँ तेरे दिल क junction, कबसे इंतज़ार है देखो देखो देखो देखो लागे ना नज़र, मेरी बाली बाली बाली बाली उमर तेरी काली काली … Continue reading