Songs of Shailendra::
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Ninu Mazumdar

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१९५४ – भाई साहब – रात फागुन की चाँद पूनम का | 1954 – Bhai Saheb – raat phagun ki chand poonam ka

रात फागुन की, चाँद पूनम का, फैली शीतल आग बड़ी मुश्किल से सोई बिरहन, पिया की याद में जाग आधी रात खुल गई पलक, सखी, कौन आया चौंक-चमक कामिनी उठ बैठी, कौन आया ये सच है या कोई सपना, मोहे नींद से आन जगाया मुख से न बोले, अँखियन मुस्काए साँवरिया मन भाया रे, कौन … Continue reading

१९५४ – भाई साहब – घेरता है गर अँधेरा | 1954 – Bhai Saheb – gherta hai gar andhera

घेरता है गर अँधेरा, ग़म न कर, ग़म न कर दो घड़ी में मुस्कराएगी सहर, तू ग़म न कर घेरता है गर अँधेरा, ग़म न कर, ग़म न कर ढल गया एक और दिन, अच्छा हुआ समझो ज़िंदगी जितनी कटी ग़म कम हुआ समझो शुक्र कर कुछ कम हुआ ज़िंदगानी का सफ़र घेरता है गर … Continue reading

१९५४ – भाई साहब – मंज़िल तो है बड़ी दूर | 1954 – Bhai Saheb – manzil to hai badi door

ऊँची-नीची ऊँची-नीची डगर जीवन की चलना सँभलके प्यारे, सँभलके चलना मंज़िल तो है बड़ी दूर मंज़िल तो है बड़ी दूर, सँभलके चलना मंज़िल तो है बड़ी दूर सूने सफ़र में लाखों चोर मिलेंगे तोहे, करनी करेंगे ज़रूर धर्म-कर्म की झोली कहाँ पे गँवाई तूने, पूछेंगे तेरे हुज़ूर संभलके चलना, मंज़िल तो है बड़ी दूर ऊँची-नीची … Continue reading

१९५४ – भाई साहब – नज़र ने कह दिया अफ़्साना मेरे प्यार का | 1954 – Bhai Saheb – nazar ne kah diya afsana mere pyar ka

Film Bhai Saheb Music Director Ninu Mazumdar Year 1954 Singer(s) C H Atma Audio Video On Screen नज़र ने कह दिया नज़र ने कह दिया अफ़्साना मेरे प्यार का हमेशा आँख में दिल रहता है दिलदार का खुले तो राज़-ए-इश्क़ यूँ खुले किसी भी ग़ैर को ख़बर ना मिले समझनेवाला समझ ले ये भी अंदाज़ … Continue reading