Songs of Shailendra::
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Rafi

This category contains 89 posts

१९७० – ज्वाला – दुनिया की किताबों से एक दिन मुश्किल का | 1970 – Jwala – duniya ki kitabon se ek din mushkil ka

दुनिया की किताबों से एक दिन, मुश्किल का नाम मिट जाएगा इन्साँ के इरादों के आगे, अंबर भी सर को झुकाएगा दुनिया की किताबों से एक दिन, मुश्किल का नाम मिट जाएगा हम अपनी लगन के दीवाने, तूफ़ाँ से भी टकरा जाएँगे अब झुक ना सकेंगे ऐ दुनिया, हम टूट भले ही जाएँगे जीवन की … Continue reading

१९६० – उसने कहा था – चलते ही जाना | 1960 – Usne Kaha Tha – chalte hi jaana

चलते ही जाना, हो चलते ही जाना जहाँ तक आज ये राह चले कहो कि जग सारा, हमारा है हमारा ये प्यारे-प्यारे नीलगगन के तले चलते ही जाना … न बँधके रहेंगे, न दबके रहेंगे जहाँ भी रहेंगे ये मतवाले हिम्मतवाले, ज़माने से निराले दिलों के शहज़ादे, ये दिलवाले हमीं से उजियारा, है ये जग … Continue reading

१९५२ – परबत – क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या | 1952 – Parbat – kya bataoon mohabbat hai kya

क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या सीने में रह-रहके दर्द उठ रहा है, मगर आ रहा है मज़ा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या मौसम तो हरदम बदलते रहे हैं अरमान दिल के मचलते रहे हैं क्या बात है, छूके आँचल मेरा भाग जाती है पागल हवा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या पहले-भी तूफ़ान आते रहे हैं … Continue reading

१९६१ – ससुराल – एक सवाल मैं करूँ | 1961 – Sasural – ek sawal main karun, ek sawal tum karo

एक सवाल मैं करूँ, एक सवाल तुम करो हर सवाल का सवाल ही जवाब हो एक सवाल मैं करूँ, एक सवाल तुम करो प्यार की बेला, साथ सजन का, फिर क्यूँ दिल घबराए? नैहर से घर जाती दुल्हन क्यूँ नैना छलकाए? है मालूम कि जाना होगा, दुनिया एक सराए फिर क्यूँ जाते वक़्त मुसाफ़िर रोए … Continue reading

१९६१ – ससुराल – क्या मिल गया क्या खो गया | 1961 – Sasural – kya mil gaya kya kho gaya

क्या मिल गया, हाय, क्या खो गया मुझे मेरे बालम ये क्या हो गया हम खो गए, हाय, तुम खो गए मोहब्बत की राहों में दिल खो गया ये ख़ुशियों के प्याले छलकते चलेंगे हवाओं के आँचल महकते चलेंगे नए रास्ते ख़ुद-ब-ख़ुद खुल चलेंगे जिधर से भी हम-तुम बहकते चलेंगे क्या मिल गया … सफ़र … Continue reading

१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – तेरे बिन सूने नयन हमारे | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – tere bin soone nayan hamare

तेरे बिन सूने नयन हमारे बाट तकत गए साँझ-सकारे, हाय तेरे बिन सूने रात जो आए, ढल जाए प्यासी दिन का है दूजा नाम उदासी निंदिया न आए, अब मेरे व्दारे तेरे बिन सूने … जग में रहा मैं, जग से पराया साया भी मेरा मेरे पास ना आया हँसने के दिन भी रोके गुज़ारे … Continue reading

१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – नाचे मन मोरा मगन | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – nache man mora magan

नाचे मन-मोरा मगन तिक-दा-धीगी-धीगी बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी नाचे मन-मोरा मगन तिक-दा-धीगी-धीगी कुहूके कोयलिया, कुहूके कोयलिया, कहीं दूर पपीहा पुकारे झूला झूलें सखियाँ, झूला झूलें सखियाँ, कि घर आजा बालम हमारे घिर आए, बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी नाचे मन-मोरा मगन तिक-दा-धीगी-धीगी यहीं रुक जाए, यहीं रुक जाए, ये शाम आज ढलने … Continue reading

१९६४ – राज कुमार – जानेवाले ज़रा होशियार | 1964 – Raj Kumar – janewale zara hoshiyar

होशियार, होशियार जानेवाले ज़रा होशियार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार अमरीकी अंदाज़ भी सीखे, हम योरप के राज़ भी सीखे हमसे जो बाज़ी लेकर जाए, है कोई ऐसा सामने आए सारी दुनिया में अपनी जयकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं … Continue reading

१९६४ – राज कुमार – दिलरुबा दिल पे तू ये सितम किये जा | 1964 – Raj Kumar – dilruba dil pe tu ye sitam kiye ja

दिलरुबा, दिल पे तू, ये सितम किए जा, किए जा हम भी तो आग में जलते रहे, प्यार के शोलों पे चलते रहे दिलरुबा, दिल पे तू … क्या बताऊँ क्या दिल का हाल है, जिस घड़ी से मिले हम जैसे सैंकड़ों बिजलियाँ गिरीं, और जल उठे हम हाय, क्यूँ मुझे ख़ाक करने पर तुले … Continue reading

१९६४ – राज कुमार – नाच रे मन बदकम्मा | 1964 – Raj Kumar – naach re man badkamma

नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा मैं भी नाचूँ, तू भी नाचे, हर कोई नाचे बदकम्म नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा पायल मेरी बोले, लाज के घूँघट खोले जो देखे रह जाए दिल की दुनिया डोले नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा … मौसम है मतवाला, नींद उड़ानेवाला तन-मन रंगता जाए, एक-एक रंग निराला … Continue reading