Songs of Shailendra::
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Amarendra R N

Amarendra R N has written 569 posts for शैलेंद्र के गीत | Songs of Shailendra

१९५१ – नगीना – कोई नहीं घर में | 1951 – Nagina – koi nahin ghar mein

my my my my my dear, आओ near आओ, mummy नहीं daddy नहीं कोई नहीं घर में लगता है मुझको डर, my dear झंडी क्यूँ दिखाई दिल का इंजन बेक़रार है देखूँ तेरे दिल क junction, कबसे इंतज़ार है देखो देखो देखो देखो लागे ना नज़र, मेरी बाली बाली बाली बाली उमर तेरी काली काली … Continue reading

१९५१ – नगीना – रोऊँ मैं सागर के किनारे | 1951 – Nagina – rouun main sagar kinare

रोऊँ मैं सागर के किनारे, सागर हँसी उड़ाए क्या जानें ये चंचल लहरें, मैं हूँ आग छुपाए मैं भी इतना डूब चुका हूँ, क्या तेरी गहराई काहे होड़ लगाए मोसे, काहे होड़ लगाए रोऊँ मैं सागर के किनारे … तुझमें डूबे चाँद मगर, एक चाँद ने मुझे डुबाया मेरा सबकुछ लूटके छिप गई, चाँदनी रात … Continue reading

१९५४ – पूजा – रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी | 1954 – Pooja – rumjhumake bajao bansari murari

रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी अंग-अंग में तरंग लाओ बनवारी रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी मधुबन में मधुवंती गाएँ ब्रिजनारी रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी राधा के मन में प्यार, रुनझुन पायल पुकार सखियाँ सजके सिंगार, आईं जमुना के पार रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी रुक-थमके चाँद चले, तारों का मन मचले रुनक-झुनक धूम-धाम नीलम के गगन तले रूमझूमके … Continue reading

१९५४ – पूजा – मोरी बिपदा आन हरो | 1954 – Pooja – mori bipada aan haro

मोरी बिपदा आन हरो, प्रभु काहे देर करो मोरी बिपदा आन हरो मैं सपनों के महल बनाऊँ आशाओँ के दीप जलाऊँ आँख खुले तो कुछ ना पाऊँ मोसे छलिया छल ना करो मोरी बिपदा अन हरो … मन के बिखरे तार सजाऊँ जी चाहे संगीत सुनाऊँ लेकिन जाने क्यूँ घबराऊँ मेरा ये डर दूर करो … Continue reading

१९५४ – पूजा – मैं मुरलीधर की मुरली लई | 1954 – Pooja – main murlidhar ki murli layi

मैं मुरलीधर की मुरली लई, मुरलीधर ने लई मेरी माला मैं मुरलीधर की मुरली भई, मुरलीधर हो गए मेरी माला मैं मुरलीधर की मुरली लई मैं क्या जानूँ प्यार है क्या बला, ये दर्द है कैसा ये जग सारा लागे मुझे सखी सपनों के जैसा मैं अपनी सुध-बुध खो बैठी, दो नैनों ने जादू डाला … Continue reading

१९५४ – पूजा – जो एक बार कह दो | 1954 – Pooja – jo ek baar keh do

जहाँ कहीं दीपक जलता है, वहाँ पतंगा भी आता है प्रीत की रीत यही है, मूरख, तू कहे घबराता है परवाने की नादानी पर दुनिया हँसती है तो हँसे प्यार की मीठी आग में प्रेमी हँसते-हँसते जल जाता है जो एक बार कह दो कि तुम हो हमारे तो बदले ये दुनिया, बदलें नज़ारे जो … Continue reading

१९५४ – पूजा – होली आई प्यारी-प्यारी | 1954 – Pooja – holi aayi pyari pyari

होली आई प्यारी-प्यारी भर पिचकारी, रंग दे चुनरिया हमारी ओ पिया रंग दे चुनरिया हमारी मेरे तन को भिगा दे, मन को भिगा दे मान ले अरज हमारी ओ पिया रंग दे चुनरिया हमारी एक बरस में एक दिन होली, जग दो दिन का मेला तन का पिंजड़ा छोड़के एक दिन पँछी जाए अकेला दो … Continue reading

१९५४ – पूजा – चल-चल रे मुसाफ़िर चल | 1954 – Pooja – chal chal re musafir chal

चल-चल रे मुसाफ़िर चल, तू उस दुनिया में चल जहाँ दिल का एक इशारा हो, और दुनिया जाए बदल चल-चल रे मुसाफ़िर चल, तू उस दुनिया में चल मस्तीभरी हवाएँ, जिस गली से जाएँ, फूल खिलाएँ ये मदहोश निगाहें, जिसपे टिक जाएँ, अपना बनाएँ जहाँ प्यार का रस्ता कोई ना रोके, कोई ना कहे सम्भल … Continue reading

१९५६ – पटरानी – राजा प्यारे मत करो प्यार का मोल | 1956 – Patrani – raja pyare mat karo pyar ka mol

राजा प्यारे, मत करो प्यार का मोल इस दुनिया में एक यही चीज़ अनमोल राजा प्यारे, मत करो प्यार का मोल राजा प्यारे तुम ख़ुशियों के सागर प्यारे, मैं इठलाती लहरी तुम उमड़े तो मैं लहराई, वरना ठहरी-ठहरी राजा प्यारे, मत करो प्यार का मोल … सतरंगी किरनों के सूरज तुमसे जग में ज्योति मैं … Continue reading

१९५६ – पटरानी – कभी तो आ ओ सपनों में आके चले जानेवाले | 1956 – Patrani – kabhi to aa o sapnon mein aake chale janewale

कभी तो आ, कभी तो आ, कभी तो आ ओ सपनों में आके चले जानेवाले भली-बुरी हूँ जैसी भी, मैं तेरी हूँ तरसकर मोहे तरसानेवाले कभी तो आ, कभी तो आ, कभी तो आ रंगीली रुत आ गई, रंगीली रुत आ गई देखके चाँद का ढलना हो, पिया मैं घबरा गई ढलेगी क्या ये उम्र … Continue reading