Songs of Shailendra::
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Shailendra

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१९६५ – पूनम की रात – ता दीम ताना दीम | 1965 – Poonam Ki Raat – ta deem tana deem

ता दीम ताना दीम, ता दीम दीम दीम कह दो कोई बेदर्दी से जाके कहता है जो आज का मौसम ता दीम ताना दीम, ता दीम दीम दीम ज़िंदगी है दो दिन की, पलछिन की जवानी तू तो न होगा, तेरी रह जाएगी कहानी तेरी एक नज़र में था क्या असर तुझे क्या पता, तुझे … Continue reading →

१९६५ – पूनम की रात – दिल तड़पे तड़पाए | 1965 – Poonam Ki Raat – dil tadpe tadpaye

दिल तड़पे, तड़पाए जिनके मिलन को तरसे, वो तो न आए मौसम आए-जाए दिल तड़पे, तड़पाए सपने तो खो गए करके दीवाना मुझे करनी पे अपने दिल की पड़ा पछताना मुझे ख़ुद को मना लूँ, दुखड़े छुपा लूँ दिल की लगी हाय कौन बुझाए दिल तड़पे, तड़पाए सपनों के साथी मेरे दमभर को आजा घायल … Continue reading →

१९५३ – पतिता – मिट्टी से खेलते हो बार-बार | 1953 – Patita – mitti se khelte ho baar baar kisliye

मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए टूटे हुए खिलौनों से प्यार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए बनाके ज़िंदगानियाँ बिगाड़ने से क्या मिला मेरी उम्मीद का जहाँ उजाड़ने से क्या मिला आई थी दो दिनों की ये बहार किसलिए मिट्टी से खेलते हो बार-बार किसलिए ज़रा-सी धूल को हज़ार रूप नाम दे दिए ज़रा-सी … Continue reading →

१९५२ – पूनम – दो दिन की ज़िंदगी में | 1952 – Poonam – do din ki zindagi mein

दो दिन की ज़िंदगी में दुखड़े हैं बेशुमार दुखड़े हैं बेशुमार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार उभरेंगे फिर सितारे, चमकेगा फिर से चाँद चमकेगा फिर से चाँद उजड़े हुए चमन में आएगी फिर बहार आएगी फिर बहार है ज़िंदगी उसीकी जो हँस-हँसके दे गुज़ार हँस-हँसके दे गुज़ार है धूप कहीं … Continue reading →

१९५२ – पूनम – झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी | 1952 – Poonam – jhummak jhummak chal mere haathi

झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी, चल मेरे हाथी दूल्हा बनके गुड्डा निकला, पीछे चलें बाराती झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी, चल मेरे हाथी जल्दी-जल्दी चल मेरे भाई, गुडिया का घर दूर है अपने संग एक बुड़्ढा बाबा चलने से मजबूर है गुडिया का घर दूर है, होय झुम्मक-झुम्मक चल मेरे हाथी … नीचे अपना दूल्हा राजा, ऊपर … Continue reading →

१९६५ – पूनम की रात – साथी रे, तुझबिन जिया उदास रे | 1965 – Poonam Ki Raat – saathi re, tujh bin jiya udaas re

साथी रे, साथी रे तुझबिन जिया उदास रे, ये कैसी अनबुझ प्यास रे आजा, आ आ, आ आ, आ आ दोनों जहाँ से दूर यहाँ मैं भटक रही हूँ जाने कहाँ मैं साथी रे … ना मैं काया ना मैं छाया फिर क्यूँ डोले मन भरमाया साथी रे … प्यार की मैं अनबूझ कहानी कुछ … Continue reading →

१९५२ – पूनम – दिन सुहाने, ये मौसम बहार का | 1952 – Poonam – din suhane ye mausam bahar ka

दिन सुहाने, ये मौसम बहार का दिल ये चाहे, मैं गाऊँ गीत प्यार का दिन सुहाने, ये मौसम बहार का ये धड़कन, ये मस्ती, ये हलचल ये जवानी पे ख़ुशियों का आँचल कहना क्या ज़िंदगी के सिंगार का मौसम बहार का दिन सुहाने, ये मौसम बहार का जी ये चाहे कि अपना हो कोई नींद … Continue reading →

१९५४ – नौकरी – अर्ज़ी हमारी ये मर्ज़ी हमारी | 1954 – Naukri – arzi hamari ye marzi hamari

अर्ज़ी हमारी, ये मर्ज़ी हमारी जो सोचे बिना ठुकराओगे, देखो बड़े पछताओगे दिल ही हमारा बचा न बेचारा, तो किस पे ये तीर चलाओगे देखे हैं तुम्हारे सपने, सोची हैं तुम्हारी बातें देखा है वो चँदा जबसे, आँखों में गुज़ारी रातें रुनझुन मन में धूम मचाके, हौले-हौले आके ये आग लगाके जो और कहीं चले … Continue reading →

१९५६ – नई दिल्ली – अरे भाई निकलके आ घर से | 1956 – New Delhi – are bhai nikalke aa ghar se

अरे भाई निकल के आ घर से आ घर से दुनिया की रौनक देख फिर से देख ले फिर से अरे भाई निकल के आ घर से केम ऊंघे छे भाई घनशामजी हो केम ऊंघे छे भाई घनशामजी दुनिया बदल गई प्यारे आगे निकल गई प्यारे अँधे कुँए में छुपके क्यूँ बैठा हुआ है मन … Continue reading →

१९५६ – नई दिल्ली – गोरी तेरे सपनों के सजना | 1956 – New Delhi – gori tere sapnon ke sajna

गोरी तेरे सपनों के सजना आए तेरे अंगना कर ले सोलह सिंगार हो जा जाने को अब तैयार लेके डोली खड़े हैं कहार कल से बालम के रंग रंग जाएगी तू उनके मन के महल को सजाएगी तू बीते जो दिन भूल जाना सखी भूल जाना वो बचपन का प्यार लेके डोली खड़े हैं कहार … Continue reading →