बहार बनके वो मुस्कुराए हमारे गुलशन में बाद-ए-सबा तू न आए तो क्या, काली घटा तू न छाए तो क्या बहार बनके वो मुस्कुराए हमारे गुलशन में मेरे दिल की राहों पे मेरे संग-संग आ तुझको दिखला दूँ मैं हमदम अपना रंगोंभरी दुनिया मेरी, मेरा प्यार पहला बाद-ए-सबा तू न आए तो क्या, काली घटा … Continue reading
गगन के चँदा न पूछ हमसे, कहाँ हूँ मैं दिल मेरा कहाँ है किसीके चाहत में खो गए हम, ना अपना दिल है, ना अपनी जाँ है गगन के चँदा नज़र से नज़र मिलके शरमा रही है, हर एक राज़ झुककर कहे जा रही है घड़ी ये मोहब्बत के इक़रार की है, रुत प्यार की … Continue reading
साँवरे साँवरे, जाओ, साँवरे साँवरे काहे मोसे करो जोरा-जोरी बैंया ना मरोड़ो मोरी दूँगी दूँगी गारी, हटो जाओ जी साँवरे साँवरे संग ना सहेली, पायके अकेली अब लाज आत हे मोरे श्याम रोको ना डगर मोरी साँवरे साँवरे … गोपी, ग्वाले, देखनेवाले बिन विचार कहेंगे सारे पकड़ी राधा की चोरी साँवरे साँवरे … मुरली बजाओ, … Continue reading
मेरे दिल की धड़कन क्या बोले? क्या बोले? मैं जानूँ और तू जाने, मैं जानूँ और तू जाने मेरा प्यारभरा मन क्यूँ डोले? क्यूँ डोले? मैं जानूँ और तू जाने, मैं जानूँ और तू जाने चली गई रात मदभरी हवाओं की डोली पे होके सवार दे गई चाँद की परी निगाहों को सपनों का पागल … Continue reading
हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए जा-जाके ऋतु लौट आए हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए झिलमिल वो तारे, कहाँ गए सारे मन-बाती जले, बुझ जाए हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए … सूनी मेरी बीना संगीत बिना सपनों की माला मुरझाए हाय रे वो दिन क्यूँ ना आए … haay re … Continue reading
जाने कैसे सपनों में खो गईं अँखियाँ मैं तो हूँ जागी, मोरी सो गईं अँखियाँ अजब दीवानी भईं, मोसे अनजानी भईं पल में पराई देखो हो गईं अँखियाँ मैं तो हूँ जागी, मोरी सो गईं अँखियाँ जाने कैसे सपनों में … बरसी ये कैसी धारा, काँपे तन-मन सारा रंग से अंग भिगो गईं अँखियाँ मैं … Continue reading
बाँसुरिया काहे बजाई, बिन सुने रहा नहीं जाए रे मीठी नज़र काहे मिलाई, बिन देखे रहा नहीं जाए रे बाँसुरिया काहे बजाई, बिन सुने रहा नहीं जाए रे जाने-अनजाने जब मुख पे किसीके आए तेरा नाम सरसे सरक जाए चुनरी, सहेली करे बदनाम होवे रे हमरी जगतहँसाई, रे कान्हा बाँसुरिया काहे बजाई … हँस-हँस जादू … Continue reading
हो धीरे-धीरे चढ़ गया नदी में पानी हो धीरे-धीरे कोई कहे तूफ़ान उठा, कोई कहे रे आई जवानी हो धीरे-धीरे चढ़ गया नदी में पानी हो धीरे-धीरे दिल में बैठा कोई दिल की धड़कन गिनता जाए मेरे मन के भेद चुराकर अपने भेद छुपाए जो-जो मेरी प्रीत बढ़े, मैं होती जाऊँ दीवानी हो धीरे-धीरे चढ़ … Continue reading
झनन झनझनाके अपनी पायल, चली मैं आज मत पूछो कहाँ छम-छम अपनी डगर चलूँगी, जो भी रोके मैं ना रुकूँगी मैं सावन की चंचल नदिया, बँधके रही ना बंधके रहूँगी झनन झनझनाके अपनी पायल, चली मैं आज मत पूछो कहाँ अपनी उमंगों में लहराऊँ, गीत किसीके गाती जाऊँ धरती को बाँहों में भर लूँ, झूमके … Continue reading