Songs of Shailendra::
archives

Lata

This tag is associated with 209 posts

१९५८ – मुसाफ़िर – लागी नाही छूटे राम चाहे जिया जाए | 1958 – Musafir – laagi naahi chhute raam, chaahe jiya jaye

लागी नाही छूटे राम, चाहे जिया जाए मन अपनी मस्ती का जोगी, कौन इसे समझाए कौन इसे समझाए, रामा लागी नाही छूटे रामा, चाहे जिया जाए तारों में मुस्कान है तेरी, चाँद तेरी परछाँईं उतने गीत हैं जितनी रातें हमने साथ बिताईं कैसे बोलूँ रे साँवरिया, करूँ मैं कौन उपाय चाहे जिया जाए रिमझिम-रिमझिम बुँदियाँ … Continue reading

१९५९ – नई राहें – कल के चाँद आज के सपने | 1959 – Nai Raahen – kal ke chand aaj ke sapne

कल के चाँद, आज के सपने, तुमको प्यार, बहुत-सा प्यार लाल, तुम्हारे-ही दम से कल जगमग होगा ये संसार कल के चाँद, आज के सपने, तुमको प्यार, बहुत-सा प्यार आँखमिचौली खेलेगा कल तुमसे आँगन मेरा संग तुम्हारे लौट आएगा रूठा बचपन मेरा अब तुतलाकर बात करेंगे ये दरवाज़े ये दीवार लाल, तुम्हारे-ही दम से कल … Continue reading

१९५२ – नौबहार – देखो जी मेरा जिया चुराए लिए जाए | 1952 – Nau Bahar – dekho ji mera jiya churaye liye jaye

देखोजी मेरा जिया चुराए लिए जाए नाम ना जानूँ, धाम ना जानूँ क्या होगा अंजाम ना जानूँ मन पंछी घबराए ए री, मेरा जिया चुराए लिए जाए देखोजी मेरा जिया चुराए लिए जाए नैन कहें हमने धन पाया मन कोसे, मोहे किया पराया प्रीत ठुमक मुस्काए ए री, मेरा जिया चुराए लिए जाए देखोजी मेरा … Continue reading

१९५५ – मुनीमजी – नैन खोए-खोए तेरे दिल में भी कुछ होए रे | 1955 – Munimji – nain khoye khoye tere dil mein bhi kuchh hoye re

नैन खोए-खोए तेरे दिल में भी कुछ होए रे प्यार ये नहीं तो और क्या है होंठों पे इनकार, तेरी आँखों में इक़रार रे प्यार ये नहीं तो और क्या है दिल ही दिल में तेरा बलखाना, मन में हाँ-हाँ मगर मुँह पे ना-ना बड़ी-बड़ी आँखों से लेके निशाना, घड़ी-घड़ी तीर चलाके तेरा शरमाना प्यार … Continue reading

१९५८ – मुसाफ़िर – मन रे हरि के गुण गा | 1958 – Musafir – man re, hari ke gun gaa

हरि के गुण गा, मन रे, हरि के गुण गा उन संग प्रीत लगा, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अहल्या तर गई, भवसागर के पार उतर गई सन्मुख शीश झुका, मन रे मन रे, हरि के गुण गा जिनके जपे अमर भई मीरा, नाम उजागर कर गई मीरा लौ उनसे … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – हु तू तू तू | 1964 – Mem Didi – hu tu tu tu

हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो घर में चूल्हा फूँकें, मज़े करे तू हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो लड़ें ज़िंदगी से, हमसे लड़े तू हु तू तू तू, तू ढोल बाजे, ताशे बाजे और बाजी शहनाई बाबुल की मैं लाडली … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ | 1964 – Mem Didi – beta wow wow, mere kaan mat khao

बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ सोने की कटोरी में चलके दूध-भात खाओ बेटा वाओ वाओ वाओ आज मैं छुईमुई लड़की, बहू बनूँगी बड़े घर की होगा तू दरबान मेरा, रानी मैं रूपनगर की बेटा वाओ वाओ वाओ … लंच-डिनर पे हरदिन रहेगा आना-जाना खाएँगे हम बिर्यानी, और तू बिस्कुट खाना बेटा वाओ … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – भुला दे ज़िंदगी के ग़म | 1964 – Mem Didi – bhula de zindagi ke gham

भुला दो ज़िंदगी के ग़म, तराना छेड़ो प्यार का कि आ रहा है, आ रहा है कारवाँ बहार का कली-कली से कह दो, हमसे मुस्कुराना सीख ले कहाँ है भँवरा, आके हमसे गुनगुनाना सीख ले ये दिन है सारी ज़िंदगी में सिर्फ़ एक बार का कि आ रहा है, आ रहा है कारवाँ बहार का … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – रातों को जब नींद उड़ जाए | 1964 – Mem Didi – raton ko jab neend ud jaye

रातों को जब नींद उड़ जाए, घड़ी-घड़ी याद कोई आए किसी भी सूरत से बहले ना दिल तब क्या किया जाए, बोलो क्या किया जाए ये तो प्यार का रोग है, रोग बुरा जिसे एक दफ़ा ये लगा सो लगा चँदा को देख आग लग जाए, तन्हाई में चाँदनी न भाए ठण्डी हवाओं में काँपे … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – मैं जानती हूँ | 1964 – Mem Didi – main janati hoon

मैं जानती हूँ, तुम झूठ बोलते हो फिर भी कहो अजी फिर से कहो, तुमको मुझसे प्यार है तुम जानती हो, मैं सच बोलता हूँ फिर भी सुनो लो फिर से सुनो, मुझको तुमसे प्यार है मैं जानती हूँ आँखों में झाँको मेरे सपनों की रानी पढ़के तो देखो मेरे दिल की कहानी मैं जानती … Continue reading