Songs of Shailendra::
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१९६४ – मेम दीदी – बचपन ओ बचपन | 1964 – Mem Didi – bachpan o bachpan

बचपन ओ बचपन, प्यारे-प्यारे बचपन हो ल ला, सच बतला कहाँ गया तू छोड़के घर में सहन में ढूँढ़ा, जंगल में बन में ढूँढ़ा कलियों से जाके पूछा, सारे चमन में ढूँढ़ा रिश्ते वो सारे तोड़के बचपन ओ बचपन … जिस दिन से तू गया है, ये दिल मचल रहा है दुनिया है कुछ अजब-सी, … Continue reading →

१९५९ – मैं नशे में हूँ – नज़र-नज़र से हो रही है बात प्यार की | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – nazar nazar se ho rahi hai baat pyar ki

नज़र-नज़र से हो रही है बात प्यार की मचल-मचल रही है रात ये बहार की घड़ी नहीं ये सब्र की न इंतज़ार की मचल-मचल रही है रात ये बहार की बहक चले, लहक चले दिल के ये अरमाँ इधर भी हैं उधर भी हैं एक-से तूफ़ाँ ये रात प्यार की, दिलों के हार की नज़र-नज़र … Continue reading →

१९५३ – मयूरपंख – मैं तो चलूँ पश्चिम | 1953 – Mayurpankh – main to chaloon pashchim

मैं तो चलूँ पश्चिम, पूरब चले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया जबसे किसीको बसाया है दिल में हलचल है ग़ैरों की हर महफ़िल में मेरे घर चँदा, सूरज तले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया मैं तो चलूँ पश्चिम … सपनों में वो जबसे आने लगे हैं शाम-ओ-सहर मुस्कुराने लगे हैं मेरी … Continue reading →

१९५३ – मयूरपंख – ये बरखा बहार | 1953 – Mayurpankh – ye barkha bahar

ये बरखा बहार सौतनिया के द्वार न जा मोरे साँवरे पिया न जा मोरे साँवरे पिया अँधेरी रात, घटाओं से दर्द बरसेगा तेरे बिना जलेगी सेज, प्यार तरसेगा मैं रो-रो मरूँ, तोरे पैंया पड़ूँ न जा मोरे साँवरे पिया ये बरखा बहार … तेरे बग़ैर क्या मज़ा है ज़िंदगानी में न जाओ बेरहम, लगाके आग … Continue reading →

१९५३ – मयूरपंख – तंदाना तंदाना … मुश्किल है प्यार छुपाना | 1953 – Mayurpankh – tandana tandana … mushkil hai pyar chhupana

तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना मुश्किल है प्यार छुपाना, तंदाना तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना प्रीत नई दर्द पुराना, तंदाना तू कहीं और का, मैं कहीं और की भँवरा कहीं और का, कली कहीं और की फिर भी हैं मिलने के लाख बहाने तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना नैना चुराके न जाना, तंदाना मौसम बहार का एक बार … Continue reading →

१९५८ – मधुमती – चढ़ गयो पापी बिछुआ | 1958 – Madhumati – chadh gayo papi bichhua

ओ ओ ओ ओ बिछुआ, हाय रे पीपल छैँया बैठी पलभर भरके गगरिया, हाय रे होय ओय ओय ओय दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ ओ हाय हाय रे मर गई, कोई उतारो बिछुआ दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ कैसो रे पापी बिछुआ, कैसो रे पापी बिछुआ दैय्या रे, दैय्या … Continue reading →

१९५९ – मैं नशे में हूँ – मैंने तो नहीं पी | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – main ne to nahin pi

मैंने तो नहीं पी, मैं साक़ी बनी थी पीने को तूने पी, क्यूँ नशा मुझे आया क्यूँ नशा मुझे आया दिखाकर सपनों की झलकी, भुला बैठे बातें कल की हमीं से अब कतराते हो, बड़े भोले बनते हो जी तुम्हारी जो कहानी है, हमारी भी कहानी है ये कैसी बेज़ुबानी है, ना बोले कुछ भी … Continue reading →

१९५५ – मदभरे नैन – आ पलकों में आ | 1955 – Madbhare Nain – aa palkon mein aa

आ, पलकों में आ, सपने सजा बेहोश रातों की निंदिया चुरा आ, पलकों में आ जिस रागिनी को भीगी हुई चाँदनी गा रही है मेरे धड़कते दिल से उसीकी सदा आ रही है आ, पलकों में आ … ये प्यास कैसी है, आकर ये जलते सितारों से पूछ ले बेचैनियाँ मेरी, हर पल मचलती बहारों … Continue reading →

१९५५ – मदभरे नैन – मन पंछी अलबेला | 1955 – Madbhare Nain – man panchhi albela

मन पंछी अलबेला, तारों की नगरी में जाए मत पूछो किसकी लाए खबरिया, मन पंछी अलबेला नई-नई पहचान है, उसका नाम ना जाना मैंने मैं कैसे कहूँ मेरा कौन साँवरिया मन पंछी अलबेला पाँव मेरे धरती पे, मेरी नज़र चाँद को चूमे मेरा आँचल उड़े हवाओं में, मेरा तन झूमे मन झूमे कैसी उलझी नजरिया … Continue reading →

१९५९ – मधु – किसीको ना बताऊँगी | 1959 – Madhu – kisi ko na bataoongi

किसीको ना बताऊँगी, हो चोरी-चोरी जो दिल में समाया, वो कौन है जिसके बिन सूनी मेरी अँखियाँ जैसे चँदा के बिन रतियाँ जिसकी मैं बनी हूँ रे छाया, वो कौन है किसीको ना बताऊँगी … मीठी बतियों से जो भरमाए मोहे जग से दूर बुलाए गीत जिसका पपीहे ने गाया, वो कौन है किसीको ना … Continue reading →