Songs of Shailendra::
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१९५१ – बुज़दिल – मैं अलबेली रुमझुम-रुमझुम बाजे | 1951 – Buzdil – main albeli rumjhum rumjhum baaje

मैं अलबेली, रुमझुम-रुमझुम बाजे घूँघर मोरा सौ-सौ फेरे मारे पागल रूप का लोभी भँवरा मैं अलबेली, रुमझुम-रुमझुम बाजे घूँघर मोरा मैं अलबेली मैं हूँ छुईमुई, छुओ ना मुझको, छूने से मैं मुरझाऊँगी अँखियाँ तुम्हारी जैसे कटारी, बिना मौत मर जाऊँगी मैं हूँ बेचारी, ओ रे शिकारी, डाल ना मुझपे डोरा मैं अलबेली … मैं नाचूँ … Continue reading

१९५१ – बुज़दिल – झनझन झनझन पायल बाजे | 1951 – Buzdil – jhanjhan jhanjhan payal baaje

झनझन झनझन झनझन झनझन झनझन झनझन पायल बाजे कैसे जाऊँ पी से मिलन को लाज की मारी मरूँ, कौन जतन करूँ, रामा झनझन झनझन पायल बाजे पार जिगर के बाण बिरह का, काजर-कारी रैन उत कजरारे बदरा बरसें, इत बरसें मोरे नैन पाँव में बेड़ी लाज की, तड़प-तड़प रह जाऊँ मैं दुनिया की रीत निभाऊँ … Continue reading

१९५१ – बुज़दिल – जाने ना जाने ना हाय | 1951 – Buzdil – jaane na haay jaane na

जाने ना, जाने ना ये दुनिया जाने ना दिल की लगी बिगड़ी बनाऊँ कैसे उनको मनाऊँ रे ये दुनिया जाने ना दिल की लगी, हाय राम जाने ना दिल की लगी दिल में रहे वो मेरे, दिल की न जानी, हाय दिल की न जानी काँटों में उलझी रोए मेरी ज़िंदगानी, रोए मेरी जवानी कैसे … Continue reading

१९५१ – बुज़दिल – रोते-रोते गुज़र गई रात रे | 1951 – Buzdil – rote rote guzar gayi raat re

रोते-रोते गुज़र गई रात रे याद आई तेरी हर बात रे रोते-रोते गुज़र गई नींद भी मेरी न मेरी हो सकी रोके भी शबनम न ये ग़म धो सकी थी मैं तेरी पर न तेरी हो सकी रोते-रोते गुज़र गई ख़्वाब की दुनिया उजड़कर रह गई छीन ली सूरज ने घर की रौशनी चाँद से … Continue reading

१९५१ – नगीना – तूने हाय मेरे ज़ख्म-ए-जिगर को | 1951 – Nagina – tune haay mere zakhm-e-jigar ko

तूने हाय मेरे ज़ख़्म-ए-जिगर को छू लिया दूर हूँ मैं तेरी दुनिया से क्यूँ छुआ ना मन मेरा तूने हाय मेरे ज़ख़्म-ए-जिगर को छू लिया मैं प्यार की चाँदनी रात हूँ उलझी हुई दर्द की बात हूँ तूने हाय मेरे ज़ख़्म-ए-जिगर को छू लिया सूना था घर कोई रहने लगा डरके मगर दिल ये कहने … Continue reading

१९५१ – नगीना – हमसे कोई प्यार करो जी | 1951 – Nagina – hum se koi pyar karo ji

हमसे कोई प्यार करो जी hello एक एक एक एक बार करो जी hello हमसे कोई प्यार करो जी एक एक एक एक बार करो दिल को मेरे गुलज़ार करो जी हमसे कोई प्यार करो झाँकके आँखों से कहता दिल, hello hello, hello hello प्यार की दुश्मन है ये दुनिया, भाग चलो, चलो चलो हमसे … Continue reading

१९५४ – पूजा – मोरी बिपदा आन हरो | 1954 – Pooja – mori bipada aan haro

मोरी बिपदा आन हरो, प्रभु काहे देर करो मोरी बिपदा आन हरो मैं सपनों के महल बनाऊँ आशाओँ के दीप जलाऊँ आँख खुले तो कुछ ना पाऊँ मोसे छलिया छल ना करो मोरी बिपदा अन हरो … मन के बिखरे तार सजाऊँ जी चाहे संगीत सुनाऊँ लेकिन जाने क्यूँ घबराऊँ मेरा ये डर दूर करो … Continue reading

१९५४ – पूजा – मैं मुरलीधर की मुरली लई | 1954 – Pooja – main murlidhar ki murli layi

मैं मुरलीधर की मुरली लई, मुरलीधर ने लई मेरी माला मैं मुरलीधर की मुरली भई, मुरलीधर हो गए मेरी माला मैं मुरलीधर की मुरली लई मैं क्या जानूँ प्यार है क्या बला, ये दर्द है कैसा ये जग सारा लागे मुझे सखी सपनों के जैसा मैं अपनी सुध-बुध खो बैठी, दो नैनों ने जादू डाला … Continue reading

१९५४ – पूजा – होली आई प्यारी-प्यारी | 1954 – Pooja – holi aayi pyari pyari

होली आई प्यारी-प्यारी भर पिचकारी, रंग दे चुनरिया हमारी ओ पिया रंग दे चुनरिया हमारी मेरे तन को भिगा दे, मन को भिगा दे मान ले अरज हमारी ओ पिया रंग दे चुनरिया हमारी एक बरस में एक दिन होली, जग दो दिन का मेला तन का पिंजड़ा छोड़के एक दिन पँछी जाए अकेला दो … Continue reading

१९५६ – पटरानी – राजा प्यारे मत करो प्यार का मोल | 1956 – Patrani – raja pyare mat karo pyar ka mol

राजा प्यारे, मत करो प्यार का मोल इस दुनिया में एक यही चीज़ अनमोल राजा प्यारे, मत करो प्यार का मोल राजा प्यारे तुम ख़ुशियों के सागर प्यारे, मैं इठलाती लहरी तुम उमड़े तो मैं लहराई, वरना ठहरी-ठहरी राजा प्यारे, मत करो प्यार का मोल … सतरंगी किरनों के सूरज तुमसे जग में ज्योति मैं … Continue reading