आहा आई मिलन की बेला देखो आई बनके फूल हर कली मुस्कुराई अहा आई मिलन की बेला देखो आई उनसे नैन मिले मैं शरमाई आहा आई मिलन की बेला जाने क्यूँ तेज़ हुई जाती है दिल की धड़कन चुटकियाँ लेती है क्यूँ सीने में मीठी-सी चुभन प्यार जो करते हैं होता है यही हाल उनका … Continue reading
बहार बनके वो मुस्कुराए हमारे गुलशन में बाद-ए-सबा तू न आए तो क्या, काली घटा तू न छाए तो क्या बहार बनके वो मुस्कुराए हमारे गुलशन में मेरे दिल की राहों पे मेरे संग-संग आ तुझको दिखला दूँ मैं हमदम अपना रंगोंभरी दुनिया मेरी, मेरा प्यार पहला बाद-ए-सबा तू न आए तो क्या, काली घटा … Continue reading
हमरे मनोरथ पूरे करना रघुपति राघव राजाराम रघुपति राघव राजाराम तुम चाहो तो पलभर में बन जाएँ अपने बिगड़े काम रघुपति राघव राजाराम रघुवर के गुण गावे रे, हम रघुवर के गुण गावे रे बोलो सियापति रामचंद्र की जय सोने के हिरन के पीछे गए, क्यूँ राम अभी तक आए नहीं नारी का मन कोमल … Continue reading
ये चमन हमारा अपना है इस देश पे अपना राज है मत कहो कि सर पे टोपी है कहो सर पे हमारे ताज है ये चमन हमारा अपना है आती थी एक दीवाली, बरसों में कभी ख़ुशहाली अब तो हर एक वार एक त्योहार है, ये उभरता-सँवरता समाज है ये चमन हमारा अपना है … … Continue reading