Songs of Shailendra::
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1960s

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१९७० – मेरा नाम जोकर – काटे ना कटे रैना | 1970 – Mera Naam Joker – kaate na kate raina

जो मैं ऐसा जानती कि प्रीत किए दुख होय तो नगर ढिंढ़ोरा पीटती, कि प्रीत न करियो कोय काटे ना कटे रैना मोरे लागे उनसे नैना, रे काटे ना कटे रैना तुम्हारे वादे, कि ज्यों शराबी करे है तौबा नशे में आकर हमारी आदत, कि मुंतज़िर हैं, जवान रातों का दिल दुखाकर चँदा हँसे आकाश … Continue reading →

१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – तुझसे नज़र मिलाने में | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – tujhse nazar milane mein

तुझसे नज़र मिलाने में, घूमके फिर शरमाने में देर लगी बस इतनी-सी, हाथ से दिल के जाने में तुझसे नज़र मिलाने में प्यार का मौसम आ ही गया, गुपचुप फूल खिला ही गया मस्त हवा के झोंके में, आँचल था लहरा ही गया झूमके आने जाने में ओ, तुझसे नज़र मिलाने में … तीर-ए-नज़र ने … Continue reading →

१९६४ – मेम दीदी – बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ | 1964 – Mem Didi – beta wow wow, mere kaan mat khao

बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ सोने की कटोरी में चलके दूध-भात खाओ बेटा वाओ वाओ वाओ आज मैं छुईमुई लड़की, बहू बनूँगी बड़े घर की होगा तू दरबान मेरा, रानी मैं रूपनगर की बेटा वाओ वाओ वाओ … लंच-डिनर पे हरदिन रहेगा आना-जाना खाएँगे हम बिर्यानी, और तू बिस्कुट खाना बेटा वाओ … Continue reading →

१९७० – मेरा नाम जोकर – अंग लग जा बालमा | 1970 – Mera Naam Joker – ang lag ja baalma

करे-कारे बदरा, सूनी-सूनी रतिया, सजना बिजुरी जो चमके, धड़क जाए छतिया, सजना मैं अकेली पिया, लरजे मोरा जिया, ऐसे में तू न जा अंग लग जा बालमा, मोरे अंग लग जा बालमा मैं अकेली पिया, लरजे मोरा जिया, ऐसे में तू न जा मोरे अंग लग जा बालमा, मोरे अंग लग जा बालमा आज हवाएँ … Continue reading →

१९६४ – मेम दीदी – हु तू तू तू | 1964 – Mem Didi – hu tu tu tu

हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो घर में चूल्हा फूँकें, मज़े करे तू हु तू तू तू, तू तू, हु तू तू तू, तू हम तो लड़ें ज़िंदगी से, हमसे लड़े तू हु तू तू तू, तू ढोल बाजे, ताशे बाजे और बाजी शहनाई बाबुल की मैं लाडली … Continue reading →

१९६४ – मेम दीदी – भुला दे ज़िंदगी के ग़म | 1964 – Mem Didi – bhula de zindagi ke gham

भुला दो ज़िंदगी के ग़म, तराना छेड़ो प्यार का कि आ रहा है, आ रहा है कारवाँ बहार का कली-कली से कह दो, हमसे मुस्कुराना सीख ले कहाँ है भँवरा, आके हमसे गुनगुनाना सीख ले ये दिन है सारी ज़िंदगी में सिर्फ़ एक बार का कि आ रहा है, आ रहा है कारवाँ बहार का … Continue reading →

१९६४ – मेम दीदी – रातों को जब नींद उड़ जाए | 1964 – Mem Didi – raton ko jab neend ud jaye

रातों को जब नींद उड़ जाए, घड़ी-घड़ी याद कोई आए किसी भी सूरत से बहले ना दिल तब क्या किया जाए, बोलो क्या किया जाए ये तो प्यार का रोग है, रोग बुरा जिसे एक दफ़ा ये लगा सो लगा चँदा को देख आग लग जाए, तन्हाई में चाँदनी न भाए ठण्डी हवाओं में काँपे … Continue reading →

१९६४ – मेम दीदी – मैं जानती हूँ | 1964 – Mem Didi – main janati hoon

मैं जानती हूँ, तुम झूठ बोलते हो फिर भी कहो अजी फिर से कहो, तुमको मुझसे प्यार है तुम जानती हो, मैं सच बोलता हूँ फिर भी सुनो लो फिर से सुनो, मुझको तुमसे प्यार है मैं जानती हूँ आँखों में झाँको मेरे सपनों की रानी पढ़के तो देखो मेरे दिल की कहानी मैं जानती … Continue reading →

१९६४ – मेम दीदी – बचपन ओ बचपन | 1964 – Mem Didi – bachpan o bachpan

बचपन ओ बचपन, प्यारे-प्यारे बचपन हो ल ला, सच बतला कहाँ गया तू छोड़के घर में सहन में ढूँढ़ा, जंगल में बन में ढूँढ़ा कलियों से जाके पूछा, सारे चमन में ढूँढ़ा रिश्ते वो सारे तोड़के बचपन ओ बचपन … जिस दिन से तू गया है, ये दिल मचल रहा है दुनिया है कुछ अजब-सी, … Continue reading →

१९६७ – लाट साहब – सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे | 1967 – Laat Saheb – sawerewali gadi se chale jayenge

सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे, सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे ये मेला दो घड़ी का, दो दिनों की है बहार समय की बहती धार कहती जाती है पुकार मेहमान कब रुके हैं कैसे रोके जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली … Continue reading →