Songs of Shailendra::
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1960s

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१९६५ – छोटे नवाब – मतवाली आँखोंवाले ओ अलबेले दिलवाले | 1965 – Chhote Nawab – matwali ankhonwale o albele dilwale

मतवाली आँखोंवाले, ओ अलबेले दिलवाले दिल तेरा हो रहेगा गर तू इसे अपना ले मतवाली आँखोंवाले तुझको शायद धोखा हो गया सुन ऐ हसीं, मैं वो नहीं, मैं वो नहीं तू है तो महफ़िल में रंग है तू जो नहीं, कुछ भी नहीं, कुछ भी नहीं मतवाली आँखोंवाले … जब से तुझको देखा एक नज़र … Continue reading

१९६५ – छोटी छोटी बातें – मोरी बाली रे उमरिया अब कैसे बीते | 1965 – Chhoti Chhoti Baten – mori bali umariya re ab kaise beete

लकडी जल कोयला भई, कोयला जल भयो राख मैं पापन ऐसी जली, न कोयला भई न राख मोरी बाली रे उमरिया, अब कैसे बीते राम रो-रोके बोली राधा, मोहे तजके गयो श्याम मोरी बाली रे उमरिया जो छोड़के ही जना था, तूने काहे को प्रीत लगाई मेरे मीत तेरा क्या बिगड़ा, मेरी हो गई जगत-हँसाई … Continue reading

१९६१ – चार दीवारी – नींदपरी लोरी गाए | 1961 – Char Diwari – neend pari lori gaye

नींदपरी लोरी गाए, माँ झुलाए पालना सो जा मेरे लालना, सो जा मेरे लालना मीठे-मीठे सपनों में खो जा मेरे लालना नींदपरी लोरी गाए तूने मेरे मदभरे सपनों को रंग डाला तेरी दोनों अँखियोँ में दुनिया का उजियाला तू जो हँसे, झिलमिलाए दीपमाला नींदपरी लोरी गाए … तू ना होता ज़िंदगी में आहें होतीं सूनी-सूनी … Continue reading

१९६१ – चार दीवारी – हमको समझ बैठी है दुनिया दीवाना | 1961 – Char Diwari – humko samajh baithi hai duniya deewana

हमको समझ बैठी है ये दुनिया दीवाना, दीवाना पर मैं अगर पागल हूँ, दुनिया है पागलख़ाना दीवाना, दीवाना हमको समझ बैठी है ये दुनिया दीवाना, दीवाना चाल बेढ़ंगी, दुनिया दोरंगी, मतलब की अँधी हमको न पूछे, पत्थर पूजे, दौलत की बंदी धोखे में मत आ जाना, दुनिया से दिल ना लगाना है बात ये पते … Continue reading

१९६१ – चार दीवारी – कैसे मनाऊँ पियवा | 1961 – Char Diwari – kaise manaoon piyawa

कैसे मनाऊँ पियवा, गुण मेरे एकहू नाहीं आई मिलन की बेला, घबराऊँ मन माहीं कैसे मनाऊँ पियवा साजन मेरे आए, धड़कन बढ़ती जाए नैना झुकते जाएँ, घूँघट ढलका जाए तुझसे क्यूँ शर्माए, आज तेरी परछांईं कैसे मनाऊँ पियवा मैं अनजान पराई, द्वार तिहारे आई तुमने मुझे अपनाया, प्रीत की रीत निभाई हाय रे, मन की … Continue reading

१९६१ – चार दीवारी – अकेला तुझे जाने न दूँगी | 1961 – Char Diwari – akela tujhe jane na doongi

अकेला तुझे जाने ना दूँगी बनके छैंया मैं संग-संग चलूँगी अकेला तुझे जाने ना दूँगी पूरब-दिस है जादू-टोना, भोला है मेरा सजन सलोना कोई बहका ले तो मैं क्या करूँगी अकेला तुझे जाने ना दूँगी चढ़ती नदिया बहता पानी, ढाए सौ-सौ जुलम जवानी गहरी धारा, मैं कब तक बहूँगी अकेला तुझे जाने ना दूँगी हमरा … Continue reading

१९६१ – चार दीवारी – झुक-झुक झूम घटा छाई रे | 1961 – Char Diwari – jhuk jhuk jhoom ghata chhayi re

झुक-झुक-झुक-झूम घटा छाई रे, मन मोरा लहराए पीहू पीहू पीहू पीहू पपीहा गाए, हाय झुक-झुक-झुक-झूम घटा छाई रे, घटा छाई रे गली-गली आज छिड़ी बादलों की रागिनी चंचल नारी-सी हँसे मतवारी दामिनी मस्तीभरी झूमे सावन की परी सुनके रिमझिम की झड़ी, जिया ललचाए, हाय झुक-झुक-झुक-झूम घटा छाई रे, घटा छाई रे दूर-दूर देश गईं संग … Continue reading

१९६१ – बॉय फ़्रैंड – देखो ना जाओ ऐ बेरहम | 1961 – Boy Friend – dekho na jao ae beraham

देखो न जाओ ऐ बेरहम दिल ना दुखाओ ऐ बेरहम हमसे नज़र तो मिलाओ, एक दफ़ा मुस्कुराओ देखो न जाओ ऐ बेरहम बहुत मुंतज़िर था ये दिल, कि फिर से मुलाक़ात हो ज़ुबाँ से न हो तो न हो , निगाहों से ही बात हो देखो न जाओ ऐ बेरहम … मेरे इश्क़ की इब्तिदा, … Continue reading

१९६१ – बॉय फ़्रैंड – क्यूँ जी मुझे पहचाना | 1961 – Boy Friend – kyun ji mujhe pehchana

क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! मैं भी दिलवाला, किसीका मतवाला ज़रा मेरी भी सुन जाना क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! जाओ न मेरी सूरत पर ये सब है गर्दिश का असर अंदर से कुछ और हूँ मैं आता हूँ कुछ और नज़र क्यूँ जी, मुझे पहचाना? ओहो, नहीं पहचाना! … सीधी-सीधी … Continue reading

१९६१ – बॉय फ़्रैंड – देखो ना जाओ ऐ जान-ए-मन | 1961 – Boy Friend – dekho na jao ae jaan-e-man

देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन दिल ना दुखाओ ऐ जान-ए-मन हमसे नज़र तो मिलाओ, एक दफ़ा मुस्कुराओ देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन लगी दिल की छुपती है क्या, जो हमसे छुपाते हो तुम मोहब्बत में दे देंगे जान, किसे आज़माते हो तुम देखो न जाओ ऐ जान-ए-मन … मोहब्बत बुरी चीज़ है, तो हम भी … Continue reading