Songs of Shailendra::
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1960s

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१९६८ – ब्रह्मचारी – चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी | 1968 – Brahmachari – chakke mein chakka chakke pe gadi

चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी गाड़ी में निकली अपनी सवारी थोड़े अगाड़ी, थोड़े पिछाड़ी थोड़े अगाड़ी, थोड़े पिछाड़ी चुन्नू छबीले, मुन्नु हठीले मखमल की टोपी, छोटू रंगीले लल्लू बटाटा, लल्ली टमाटा गामा बनेंगे गट्टू गठीले पेट में इनके लंबी-सी दाढ़ी चक्के में चक्का … उमर में कच्चे, ये छोटे बच्चे हैं भोले-भाले, हैं सीधे-सछे … Continue reading →

१९६७ – बदतमीज़ – हसीन हो तुम ख़ुदा नहीं हो | 1967 – Budtameez – haseen ho tum khuda nahin ho

हसीन हो तुम, ख़ुदा नहीं हो, तुम्हारा सिजदा नहीं करेंगे मगर मोहब्बत में हुक़्म दोगे, तो हँसते-हँसते ये जान भी देंगे हसीन हो तुम, ख़ुदा नहीं हो समझते हो ख़ुद को न जाने क्या तुम, कि सारी दुनिया को ख़ाक जाना ग़ुरूर का सर झुकेगा एक दिन, हँसेगा तुम पर भी ये ज़माना हमेशा ये … Continue reading →

१९६८ – ब्रह्मचारी – आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर | 1968 – Brahmachari – aaj kal tere mere pyar ke charche har zaban par

आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर सबको मालूम है और सबको ख़बर हो गई तो क्या! आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे हर ज़बान पर सबको मालूम है और सबको ख़बर हो गई हमने तो प्यार में ऐसा काम कर लिया प्यार की राह में अपना नाम कर लिया आजकल तेरे-मेरे … दो बदन … Continue reading →

१९६७ – बदतमीज़ – दिल को ना मेरे तड़पाओ | 1967 – Budtameez – dil ko na mere tadpao

दिल को न मेरे तड़पाओ, प्यार को मत ठुकराओ अब तो हमारे हो जाओ दिल को न मेरे तड़पाओ यूँ न रहेगा हरदम, हुस्न है आख़िर फ़ानी बँधके कहाँ रहता है, दरिया का बहता पानी चाँद से मत टकराओ, धरती पे वापस आओ अब तो हमारे हो जाओ दिल को न मेरे तड़पाओ छोड़ो चलन … Continue reading →

१९६३ – अपने हुए पराए – मैंने बुलाया और तुम आए | 1963 – Apne Huye Paraye – main ne bulaya aur tum aaye

मैंने बुलाया और तुम आए, अब दिल चाहे क्या आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना आँचल में हैं फूल ख़ुशीके, तुमसा मीत मिला आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना तुम हँसे और मेरे दिल में रौशनी हो गई ज़िंदगी प्यार की रागिनी के संग खो गई आओ … Continue reading →

१९६३ – अपने हुए पराए – फिर कोई मुस्कुराया फिर एक फूल खिला | 1963 – Apne Huye Paraye – phir koi muskuraya phir koi phool khila

फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला कोई बुलाए और कोई आए, अब दिल चाहे क्या फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला ज़िंदगी फिर वही गीत गुनगुनाने लगी इस गली झूमती फिर बहार आने लगी फिर कोई मुस्कुराया … दिल मेरे झूम ले, याद करके उस शाम को बहके हम जिस घड़ी, पीके प्यार … Continue reading →

१९६३ – एप्रिल फ़ूल – आ गले लग जा मेरे अपने मेरे सपने मेरे पास आ | 1963 – April Fool – aa gale lag ja mere apne mere sapne mere paas aa

आ गले लग जा मेरे सपने, मेरे अपने मेरे पास आ आबाद है तू मेरी धड़कनों में, मेरी जान तुझमें बसी है बादल से जो आस है मोर को मेरे दिल को वो तुझसे लगी है एक तेरी मुस्कान, अँगड़ाई लेती हुई मेरी तक़्दीर जागे एक तेरी झलकी, चली आएँ पल में मेरी मंज़िलें मेरे … Continue reading →

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – दुनिया की सैर कर लो | 1967 – Around The World – duniya ki sair kar lo

दुनिया की सैर कर लो, दुनिया की सैर कर लो इन्साँ के दोस्त बनकर, इन्साँ से प्यार कर लो Around the world in 8 dollars Around the world in 8 dollars Los Angeles भड़कीला, जहाँ Hollywood है रंगीला देखो Disneyland में आकर, परियों का देश धरतीपर दुनिया की सैर कर लो … जब Grand Canyon … Continue reading →

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – जाने भी दे सनम मुझे | 1967 – Around The World – jane bhi de ae sanam mujhe

जाने भी दे ऐ सनम मुझे अभी जाने जाने जाने जाने दे कल भी तो फिर मिलेंगे हम जाने दे, जाने जाने दे जाने भी दे ऐ सनम मुझे देख रहे हैं दुनियावाले क्या समझेंगे मन के काले छोड़ दे दामन, ओ मतवाले जाने जाने जाने दे जाने भी दे ऐ सनम मुझे … दिल … Continue reading →

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – जोश-ए-जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से | 1967 – Around The World – josh-e-jawani haay re haay nikale jidhar se

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से धूम मचाए दुनिया का मेला, मैं हूँ अकेला कितना अकेला हूँ मैं शाम का रंगीं शोख़ नज़ारा और बेचारा ये दिल ढूँढके हारा कोई सहारा पर ना मिली मंज़िल जोश-ए-जवानी हाय रे हाय … कोई तो हमसे दो बात करता कोई तो कहता हलो घर ना बुलाता, पर … Continue reading →