Songs of Shailendra::
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१९५९ – छोटी बहन – बड़ी दूर से आई हूँ तेरा दिल बहलाने | 1959 – Chhoti Bahen – badi door se aayi hoon tera dil behlane

बड़ी दूर से आई हूँ. मैं तेरा दिल बहलाने मैं तो तेरी हो चुकी, कोई माने ना माने बड़ी दूर से आई हूँ बेज़ार हो गया तू, जब थकके सो गया तू बेहोश होके मेरे सपनों में खो गया तू तो मैं चोरी-से आकर, बैठी तेरे सिरहाने मैं तो तेरी हो चुकी, कोई माने ना … Continue reading

१९५९ – छोटी बहन – बाग़ों में बहारों में इठलाता गाता | 1959 – Chhoti Bahen – bagon mein baharon mein ithlata gata

बाग़ों में बहारों में, इठलाता गाता आया कोई नाज़ुक-नाज़ुक कलियों के दिल को धड़काता आया कोई आया कोई, आया कोई, आया कोई, होय बाग़ों में बहारों में … भीनी हवा ऊदी घटा, कहे तेरे आँगन में बरसेगा प्यार फूलों के हार लेके बहार, करने को आई मेरे सोलह-सिंगार रंगों की उमंगों की गागर छलकाता आया … Continue reading

१९५९ – छोटी बहन – भैय्या मेरे राखी के बंधन को निभाना | 1959 – Chhoti Bahen – bhaiya mere rakhi ke bandhan ko nibhana

भैय्या मेरे, राखी के बँधन को निभाना भैय्या मेरे, छोटी बहन को ना भुलाना देखो ये नाता निभाना, निभाना भैय्या मेरे, … ये दिन ये त्यौहार ख़ुशीका, पावन जैसे नीर नदीका भाई के उजले माथे पे बहन लगाए मंगल टीका झूमे ये सावन सुहाना, सुहाना भैय्या मेरे, राखी के बँधन को निभाना … बाँधके हमने … Continue reading

१९५९ – छोटी बहन – मैं रिक्शावाला मैं रिक्शावाला | 1959 – Chhoti Bahen – main rikshavala main rikshavala

मैं रिक्शावाला, मैं रिक्शावाला है चार के बराबर ये दो टाँगवाला कहाँ चलोगे बाबू, कहाँ चलोगे लाला मैं रिक्शावाला, मैं रिक्शावाला दूर-दूर दूर कोई मुझको बुलाए, मुझको बुलाए क्या करूँ दिल उसे भूल ना पाए, भूल ना पाए मैं रिश्ते जोड़ूँ दिल के मुझे ही मंज़िल पे कोई ना पहुँचाए, कोई ना पहुँचाए मैं रिक्शावाला, … Continue reading

१९५९ – छोटी बहन – ये कैसा न्याय है तेरा | 1959 – Chhoti Bahen – ye kaisa nyay hai tera

ये कैसा न्याय तेरा, दीपक तले अँधेरा किसीको दी निगाह, राह छीन ली किसीको राह दी, निगाह छीन ली ये कैसा न्याय तेरा, दीपक तले अँधेरा तक़्दीर हमसे रूठी, अपने हुए पराए जाने कहाँ चले हैं, जाने कहाँ से आए चारों तरफ़ अँधेरा, बरबादियों ने घेरा किसीको दी निगाह, राह छीन ली किसीको राह दी, … Continue reading

१९६५ – छोटी छोटी बातें – मोरी बाली रे उमरिया अब कैसे बीते | 1965 – Chhoti Chhoti Baten – mori bali umariya re ab kaise beete

लकडी जल कोयला भई, कोयला जल भयो राख मैं पापन ऐसी जली, न कोयला भई न राख मोरी बाली रे उमरिया, अब कैसे बीते राम रो-रोके बोली राधा, मोहे तजके गयो श्याम मोरी बाली रे उमरिया जो छोड़के ही जना था, तूने काहे को प्रीत लगाई मेरे मीत तेरा क्या बिगड़ा, मेरी हो गई जगत-हँसाई … Continue reading

१९५९ – चाँद – खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना | 1959 – Chaand – khoyi khoyi ankhiyan neend bina

खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना देख रही हैं एक सपना खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना झूम-झूमके बहार मेरी सेज बिछाए घड़ी-घड़ी करे अजब इशारे सज-धजके मैं जाऊँ, बैठी-बैठी घबराऊँ गड़ी जाऊँ देखो लाज के मारे आते ही होंगे मोरे सजना खोई-खोई अँखियाँ … आके मेरे मनभाए मेरा घुँघटा उठाएँ मोसे पलक उठाए उठ ना मेरी माँग को … Continue reading

१९५४ – चाँदनी चौक – बहक चले मेरे नैनवा | 1954 – Chandni Chowk – behak chale more nainwa

बहक चले मेरे नैनवा हाय, न जाने कैसी चली हवा क्यूँ न लगी कल रात को पलक, मुझे ये क्या हो गया हाय, मुझे ये क्या हो गया आँचल से मेरा हाथ हटे ना, नैन रहें मेरे झुके-झुके खड़ी रहूँ दर्पन के आगे, उलझी लट ना सुलझ सके मुझ-ही को मेरे हाल पे शर्माना कोई … Continue reading

१९५४ – चाँदनी चौक – जितने भी हैं ग़म ग़लत कर डाल | 1954 – Chandni Chowk – jitne bhi hain gham ghalat kar daal

ऐ ज़म ऐ ज़म ऐ ज़म ज़ी जितने-भी ग़म हैं, ग़लत कर डाल कि दुनिया है दो दिन की सारे जहाँ की बहारें, प्यार से तेरा ही नाम पुकारें झूमके पी ले मय उल्फ़त के जाम की ऐ ज़म ऐ ज़म … चाँद, हवा, ये सितारे, देखो हमारे हैं आज हमारे प्यार में जी ले, … Continue reading

१९५४ – चाँदनी चौक – दिल की शिकायत नज़र के शिकवे | 1954 – Chandni Chowk – dil ki shikayat nazar ke shikwe

दिल की शिकायत नज़र के शिकवे, एक ज़ुबाँ और लाख बयाँ छुपा सकूँ ना दिखा सकूँ, मेरे दिल के दर्द भी हुए जवाँ चाँद हँसा, तारे चमके, और मस्त हवा जब इठलाई छुपती फिरी न जाने क्यूँ मैं, जाने क्यूँ मैं शरमाई तेरे सिवा है कौन जो समझे क्या गुज़री मुझपे यहाँ छुपा सकूँ ना … Continue reading