Songs of Shailendra::
archives

Uncategorized

This category contains 377 posts

१९५५ – चोरी चोरी – तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले | 1955 – Chori Chori – tum arbon ka her pher karnewale

तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले राम-जी सवा लाख की लाटरी भेजो अपने भी नाम जी पैसे-पैसे को जवानी मेरी तरसे सोते-सोते उठ जाऊँ बिस्तर से कब जाएगी ग़रीबी मेरे घर से तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले … कैसी प्यारी है ख़बर अख़बारों में लक्ष्मीदेवी होंगी अपने इशारों में होगा बंगला हमारा भी सितारों में तुम … Continue reading →

१९६७ – छोटी-सी मुलाक़ात – कल नहीं पाए जिया मोरे पिया तुम बिन | 1967 – Chhoti Si Mulaqat – kal nahin paye jiya o more piya tum bin

कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया सज सोलह-सिंगार खड़ी मैं पंथ निहारूँ घड़ी-घड़ी मैं सूना सब जग रसिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं पाए जिया, मोरे पिया आँगन जाऊँ, अटारी जाऊँ साँझ भए से आस लगाऊँ जलूँ जैसे जले दिया, मोरे पिया तुम बिन कल नहीं … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – जहाँ मैं जाती हूँ वहीं | 1955 – Chori Chori – jahan main jati hoon wahin

जहाँ मैं जाती हूँ, वहीं चले आते हो चोरी-चोरी मेरे दिल में समाते हो ये तो बताओ कि तुम मेरे कौन हो दिल की दिल से लगन की ये बात है प्यार की राह-रस्म की ये बात है मुझसे ना पूछो कि तुम मेरे कौन हो मैं तो शोर मचाऊँगी, करनी तुम्हारी सबको बताऊँगी ख़ैर … Continue reading →

१९५५ – चिंगारी – बड़ी मुश्किल है अजब मेरा दिल है | 1955 – Chingari – badi mushkil hai ajab mera dil hai

बड़ी मुश्किल है, अजब मेरा दिल है न जाने किसे ढूँढ़े, न जाने किसे चाहे सखियों से छुपती फिरूँ, कहीं जी ना लगे रातों को तारे गिनूँ, पलक भी ना लगे मेरे संग-संग मेरी निंदिया भी सारी रात जगे बड़ी मुश्किल है … सपने आए, मन ललचाए, जाके फिर ना आए दिल नादाँ, ये अरमाँ … Continue reading →

१९६७ – छोटी-सी मुलाक़ात – मत जा मत जा मेरे बचपन | 1967 – Chhoti Si Mulaqat – mat ja mat ja mere bachpan

मत जा मत जा मत जा, मेरे बचपन नादाँ बचपन ने कहा मुझसे, कुछ रोज़ के हम मेहमाँ जबसे ये रुत मतवाली आई है मेरे आँगन रहते हैं खिंचे-से नैना, रूठा रहता है मन अपने रूठे मन को मैं लेकर जाऊँ कहाँ बचपन ने कहा मुझसे, कुछ रोज़ के हम मेहमाँ मत जा मत जा … Continue reading →

१९६७ – छोटी-सी मुलाक़ात – जीवन के दो राहे पर खड़े सोचते हैं हम | 1967 – Chhoti Si Mulaqat – jeewan ke do rahe pe jhade sochte hain hum

जीवन के दो-राहे पे खड़े, सोचते हैं हम जाएँ तो किधर जाएँ ताने है दिल इधर को तो, खींचें उधर क़दम जाएँ तो किधर जाएँ जीवन के दो-राहे पे खड़े, सोचते हैं हम हर मोड़ पे देता है ये संसार दुहाई हर गाम पे देता है मेरा प्यार दुहाई इस रास्ते में मंदिर हैतो उस … Continue reading →

१९६१ – चार दीवारी – गोरी बाबुल का घरवा | 1961 – Char Diwari – gori babul ka gharwa

गोरी, बाबुल का घरवा अब है बिदेसवा साजन के चरणों में घर है तेरा ओ गोरी, चार दीवारी, अंगना, अटारी यही तेरी दुनिया, ये जग है तेरा गोरी, बाबुल का घरवा आई है तू, बगिया में जैसे बहार आई रे आँचल में प्यार, अँखियों में सपने हज़ार लाई रे बड़ी गहरी नदिया के पार आई … Continue reading →

१९६५ – छोटे नवाब – घर आजा घिर आए बदरा | 1965 – Chhote Nawab – ghar aa ja ghir aaye

घर आजा घिर आए बदरा साँवरिया मोरा जिया धक-धक रे, चमके बिजुरिया घर आजा घिर आए सूना-सूना घर मोहे डसने को आए रे खिड़की पे बैठे-बैठे सारी रैन जाए रे टप-टीप सुनत मैं तो भई रे बाँवरिया घर आजा घिर आए कसमस जियरा, कसक मोरी दूनी रे प्यासी-प्यासी अँखियों की गलियाँ हैं सूनी रे जाने … Continue reading →

१९६५ – छोटे नवाब – इलाही तू सुन ले हमारी दुआ | 1965 – Chhote Nawab – ilahi tu sun le hamari dua

इलाही तू सुन ले हमारी दुआ हमें सिर्फ़ एक आसरा है तेरा तेरी रहमतें राह रौशन करें सलामत रहे साया माँ-बाप का इलाही तू सुन ले हमसे लेकर उम्र सारी, नींद दे-दे उन्हें दर्द उनके दे हमें बुरी ये घड़ी टाल दे, ऐ ख़ुदा इलाही तू सुन ले … नाज़ उठाए, जिसने पाला प्यार हरदम … Continue reading →

१९६५ – छोटे नवाब – मतवाली आँखोंवाले ओ अलबेले दिलवाले | 1965 – Chhote Nawab – matwali ankhonwale o albele dilwale

मतवाली आँखोंवाले, ओ अलबेले दिलवाले दिल तेरा हो रहेगा गर तू इसे अपना ले मतवाली आँखोंवाले तुझको शायद धोखा हो गया सुन ऐ हसीं, मैं वो नहीं, मैं वो नहीं तू है तो महफ़िल में रंग है तू जो नहीं, कुछ भी नहीं, कुछ भी नहीं मतवाली आँखोंवाले … जब से तुझको देखा एक नज़र … Continue reading →