याद आई आधी रात को, कल रात की तौबा दिल पूछता है झूमके, किस बात की तौबा याद आई आधी रात को मरने भी न देंगे मुझे, दुश्मन मेरी जाँ के हर बात पे कहते हैं कि इस बात की तौबा याद आई आधी रात को … साक़ी मुझे बतला तो दे, मुँह फेरके मत … Continue reading
रुक जा, रुक जा ओ जानेवाली रुक जा मैं तो राही तेरी मंज़िल का नज़रों में तेरी मैं बुरा सही आदमी बुरा नहीं मैं दिल का देखा ही नहीं तुझको, सूरत भी न पहचानी तू आके चली छम-से, ज्यूँ धूप के दिन पानी रुक जा, रुक जा ओ जानेवाली … मुद्दत से मेरे दिल के … Continue reading
मंज़िल वही है प्यार की, राही बदल गए सपनों की महफ़िल में हम-तुम नए मंज़िल वही है प्यार की, राही बदल गए दुनिया की नज़रों से दूर, जाते हैं हम-तुम जहाँ उस देश की चाँदनी गाएगी ये दास्ताँ मौसम था वो बहार का, दिल थे मचल गए सपनों की महफ़िल में हम-तुम नए मंज़िल वही … Continue reading
इतने बड़े जहाँ में ऐ दिल तुझको अकेला छोडूँ कैसे तू नादान, लोग बेगाने इन संग नाता जोडूँ कैसे मत जा रे, इन अनजानी गलियों से बचियो रे, दुनियावाले छलियों से तू एक जान, शिकारी लाखों इनका निशाना तोड़ूँ कैसे मत ललचा, गर काँटों में फूल भी है पूछ किसीसे, दिल का लगाना भूल भी … Continue reading
नी बलिये, रुत है बहार की सुन चन वे, रुत है बहार की देखो आए वो, लेके डोली प्यार की कुछ मत पूछो कैसे बीतीं घड़ियाँ इंतज़ार की नी बलिये, रुत है बहार की सुन चन वे, रुत है बहार की आख़िर सुन ली मनमोहन ने, मेरे मन की बोली अब जाकर हमको पहचानी उनकी … Continue reading
है आग हमारे सीने में, हम आग से खेलते आते हैं टकराते हैं जो इस ताक़त से, वो मिट्टी में मिल जाते हैं तुमसे तो पतंगा अच्छा है, जो हँसते हुए जल जाता है वो प्यार में मिट तो जाता है, पर नाम अमर कर जाता है हम भी हैं, तुम भी हो, दोनों हैं … Continue reading
होंठों पे सच्चाई रहती है, जहँ दिल में सफ़ाई रहती है हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है मेहमाँ जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है ज़्यादा की नहीं लालच हमको, थोड़े में गुज़ारा होता है बच्चों के लिए जो धरती माँ, सदियों से सभी कुछ सहती … Continue reading
पानी पे बरसे जब पानी, जब हों फ़िज़ाएँ दीवानी फिर तो ऐसे मौसम में, करता है दिल भी नादानी कुछ ढूँढ़ती हैं दो आँखें, कुछ खोजता है मन मेरा वो कौन है कहाँ पर है, जिसके ख़याल ने घेरा पानी पे बरसे जब पानी … बिजली चमक-चमककर क्यूँ हमें मुँह-चिढ़ाए जाती है नटखट इशारे कर-करके … Continue reading
ओ बसंती पवन पागल, ना जा रे ना जा रोको कोई ओ बसंती पवन पागल बनके पत्थर हम पड़े थे, सूनी-सूनी राह में जी उठे हम जबसे तेरी बाँह आई बाँह में छीनकर नैनों से काजल, ना जा रे ना जा रोको कोई ओ बसंती पवन पागल… याद कर, तूने कहा था, प्यार से संसार … Continue reading
रे आनेवाले आ, तू देर ना लगा हर आहट पे हो धक-से दीवाना दिल मेरा रे आनेवाले आ कबसे तेरी राहों में खड़ी मैं बेक़रार बोला जो पपीहा, थी वो मेरी ही पुकार फूलों को सजाए जैसे बाग़ों में बहार आँखों में सजाए मैंने सपने हज़ार रे आनेवाले आ … पापी मेरा दिल मेरे बस … Continue reading