बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी सच बतला तू नाचे किसके लिए बाँवरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी मैं नाचूँ अपने पिया के लिए नए नाम नित नए रूप धर, मैं आई मैं चली गई लेकिन मैंने धूम मचा दी, जिस नगरी जिस गली गई छोड़के जग तारों में पहुँची, वहाँ भी यही पुकार … Continue reading
आजा, आई बहार, दिल है बेक़रार ओ मेरे राजकुमार, तेरे बिन रहा न जाए झोंकों से जब भी चले पुरवाई तन मेरा टूटे, आए अँगड़ाई देखो बार-बार, तेरा इंतज़ार ओ मेरे राजकुमार, तेरे बिन रहा न जाए आजा, आई बहार … मन में सुनूँ मैं तेरी मुरलिया नाचूँ मैं छम-छम, बाजे पायलिया दिल का तार-तार, … Continue reading
होशियार, होशियार जानेवाले ज़रा होशियार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार अमरीकी अंदाज़ भी सीखे, हम योरप के राज़ भी सीखे हमसे जो बाज़ी लेकर जाए, है कोई ऐसा सामने आए सारी दुनिया में अपनी जयकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं … Continue reading
दिलरुबा, दिल पे तू, ये सितम किए जा, किए जा हम भी तो आग में जलते रहे, प्यार के शोलों पे चलते रहे दिलरुबा, दिल पे तू … क्या बताऊँ क्या दिल का हाल है, जिस घड़ी से मिले हम जैसे सैंकड़ों बिजलियाँ गिरीं, और जल उठे हम हाय, क्यूँ मुझे ख़ाक करने पर तुले … Continue reading
नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा मैं भी नाचूँ, तू भी नाचे, हर कोई नाचे बदकम्म नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा पायल मेरी बोले, लाज के घूँघट खोले जो देखे रह जाए दिल की दुनिया डोले नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा … मौसम है मतवाला, नींद उड़ानेवाला तन-मन रंगता जाए, एक-एक रंग निराला … Continue reading
तुम बिन सजन बरसे नयन, जब-जब बादल बरसे मजबूर हम, मजबूर तुम, दिल मिलने को तरसे नागिन-सी ये रात अँधेरी, बैठी है दिल को घेरके रूठे जो तुम, सब चल दिए मुख फेरके तुम बिन सजन … ये दिल तेरे प्यार की ख़ातिर, जग से बेगाना हो गया एक ख़्वाब था, सब लुट गया, सब … Continue reading
मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए, मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो मेरा दिल अगर कोई दिल नहीं, उसे मेरे सामने तोड़ दो मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए मैं ये भूल जाऊँगा, ज़िंदगी कभी मुस्कुराई थी प्यार में मैं ये भूल जाऊँगा, मेरा दिल कभी खिल उठा था बहार में जिन्हें इस जहाँ ने … Continue reading
याद आई आधी रात को, कल रात की तौबा दिल पूछता है झूमके, किस बात की तौबा याद आई आधी रात को मरने भी न देंगे मुझे, दुश्मन मेरी जाँ के हर बात पे कहते हैं कि इस बात की तौबा याद आई आधी रात को … साक़ी मुझे बतला तो दे, मुँह फेरके मत … Continue reading
रुक जा, रुक जा ओ जानेवाली रुक जा मैं तो राही तेरी मंज़िल का नज़रों में तेरी मैं बुरा सही आदमी बुरा नहीं मैं दिल का देखा ही नहीं तुझको, सूरत भी न पहचानी तू आके चली छम-से, ज्यूँ धूप के दिन पानी रुक जा, रुक जा ओ जानेवाली … मुद्दत से मेरे दिल के … Continue reading
ओ मोरे साँवरे सलोने पिया, तोसे मिलने को मचले जिया हमें तरसा ना अब के बरस, दिन बरखा के आए, रसिया पकी निंबुआ अनार, झुकी अंबुवा की डार करे पपीहा पुकार, पिया आजा एक बार कासे मन की कहूँ मैं बतियाँ, मैंने दिल भी है तुझको दिया हमें तरसा ना अब के बरस, दिन बरखा … Continue reading