Songs of Shailendra::
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Rafi

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१९६६ – गबन – अबके सजन बरसे नयन | 1966 – Gaban – abke sajan barse nayan

तुम बिन सजन बरसे नयन, जब-जब बादल बरसे मजबूर हम, मजबूर तुम, दिल मिलने को तरसे नागिन-सी ये रात अँधेरी, बैठी है दिल को घेरके रूठे जो तुम, सब चल दिए मुख फेरके तुम बिन सजन … ये दिल तेरे प्यार की ख़ातिर, जग से बेगाना हो गया एक ख़्वाब था, सब लुट गया, सब … Continue reading →

१९६८ – कहीं और चल – देखो क्या-क्या लेकर आया | 1968 – Kahin Aur Chal – dekho kya kya lekar aaya

ओ लक्ष्मी, ओ सरसू, ओ शीला, ओ रजनी देखो क्या-क्या लेकर आया ये मौसम इस बार वो गुलाब भी खिलेगा शायद, जिसका नाम है प्यार ओ लक्ष्मी, ओ सरसू आ गईं चंचल हवाएँ गीत गाने दिल की दुनिया में नई हलचल मचाने प्यार के दिन हैं मोहबात के ज़माने चुप न बैठो, तुम भी छेड़ो … Continue reading →

१९५६ – हलाकू – आजा कि इंतज़ार में | 1956 – Halaku – aa ja ki intezar mein

आजा कि इंतज़ार में, जाने को है बहार भी तेरे बग़ैर ज़िंदगी, दर्द बनके रह गई अरमाँ लिए बैठे हैं हम, सीने में है तेरा-ही ग़म तेरे दिल से प्यार की वो तड़प किधर गई आजा कि इंतज़ार में… दिल की सदा पे ऐ सनम, बढ़ते गए मेरे क़दम अब तो चाहे जो भी हो, … Continue reading →

१९६० – एक फूल चार काँटे – ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल | 1960 – Ek Phool Char Kaante – o o o meri babydoll

ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल हाँ या ना, अरे कुछ तो बोल दिल की बात, मेरे दिल की बात, मेरे दिल की बात सुन जा ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल … एक नज़र ने तेरी मार दिया एक अदा ने तेरी लूट लिया किस ख़ता का बदला लिया ये बता न सता, ये बता न … Continue reading →

१९५५ – श्री ४२० – रमैया वस्तावैया | 1955 – Shree 420 – ramaiyya vastavaiyya

रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया मैंने दिल तुझको दिया, मैंने दिल तुझको दिया ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया नैनों में थी प्यार की रौशनी तेरी आँखों में ये दुनियादारी न थी तू और था, तेरा दिल और था तेरे मन में ये मीठी कटारी न थी मैं जो दुख पाऊँ तो क्या, आज पछताऊँ तो क्या … Continue reading →

१९६१ – ससुराल – ये अलबेला तौर ना | 1961 – Sasural – ye albela taur na dekha

ये अलबेला तौर न देखा तुमसा कोई और ना देखा हुस्न का ये जौर ना देखा वल्लाह, यार लुट गए हम तो नज़र मिलाके तुम हमको अगर इस हाल में पहचानते तो हम आपकी बाँकी नज़र को मानते मेरा फ़साना, पता या ठिकाना, अगर पूछते जानते ये अलबेला तौर न देखा … है जीवन का … Continue reading →

१९५५ – सीमा – कहाँ जा रहा तू ऐ जानेवाले | 1955 – Seema – kahan ja raha hai tu ae janewale

कहाँ जा रहा है तू, ऐ जानेवाले अँधेरा है मन का, दिया तो जला ले कहाँ जा रहा है तू, ऐ जानेवाले कहाँ जा रहा है ये जीवन-सफ़र एक अँधा सफ़र है बहकना है मुमकिन, भटकने का डर है सँभलता नहीं दिल किसीके सँभाले कहाँ जा रहा है तू, ऐ जानेवाले कहाँ जा रहा है … Continue reading →

१९५३ – शिकस्त – नई ज़िंदगी से प्यार करके देख १ | 1953 – Shikast – nayi zindagi se pyar karke dekh 1

नई ज़िंदगी से प्यार करके देख इसके रूप का सिंगार करके देख इसपे जो भी है निसार करके देख नई ज़िंदगी से प्यार करके देख सच कभी तो होंगे ख़्वाब और ख़याल, तेरे ख़्वाब और ख़याल कब तलक रहेंगे बेकसी के जाल, दिल पे बेकसी के जाल वक़्त सुन चुका है तेरे दिल का हाल, … Continue reading →

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – सुध बिसर गई आज | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – sudh bisar gayi aaj

सुध बिसर गई आज अपने गुणन की आई गई बात बीते दिनन की बिखरे सपन सारे, विधना से हम हारे अँसुओं में डूबी हैं पलकें नयन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की जियरा के दो टूक, गई प्रेरणा रूठ घुट-घुट गई सूख सरिता सुरन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की … … Continue reading →

१९६६ – प्यार मोहब्बत – हाय मिल गई मिल गई रे | 1966 – Pyar Mohabbat – haay mil gayi mil gayi mil gayi re

हुस्न को चाँद, जवानी को कँवल कहते हैं कोई सूरत नज़र आए तो ग़ज़ल कहते हैं मिल गई, मिल गई, मिल गई रे, मुझको मोहब्बत मिल गई आख़िर दुखते दिल को मेरे, दर्द से फ़ुरसत मिल गई मिल गई, मिल गई, मिल गई रे, मुझको मोहब्बत मिल गई गुलशन के अनगिन फूलों में, फूल-सा ये … Continue reading →