Songs of Shailendra::
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1960s

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१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – ये किसने गीत छेड़ा | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – ye kisne geet chheda

ये किसने गीत छेड़ा, दिल मेरा नाचे थिरक-थिरक किसने गीत छेड़ा ये किसकी ज़ुल्फ़ बिखरी, जग सारा गया महक-महक किसकी ज़ुल्फ़ बिखरी चोरी-चोरी, हौले-हौले, ठण्डी-ठण्डी हवा आए कलियों के मुख चूमे, बगिया को दुलराए डाली-डाली जाए लचक-लचक किसकी ज़ुल्फ़ बिखरी ये किसने गीत छेड़ा, दिल मेरा नाचे थिरक-थिरक किसने गीत छेड़ा तुमने-ही किया टोना, तुमने-ही … Continue reading

१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – तेरे बिन सूने नयन हमारे | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – tere bin soone nayan hamare

तेरे बिन सूने नयन हमारे बाट तकत गए साँझ-सकारे, हाय तेरे बिन सूने रात जो आए, ढल जाए प्यासी दिन का है दूजा नाम उदासी निंदिया न आए, अब मेरे व्दारे तेरे बिन सूने … जग में रहा मैं, जग से पराया साया भी मेरा मेरे पास ना आया हँसने के दिन भी रोके गुज़ारे … Continue reading

१९६३ – मेरी सूरत तेरी आँखें – नाचे मन मोरा मगन | 1963 – Meri Surat Teri Ankhen – nache man mora magan

नाचे मन-मोरा मगन तिक-दा-धीगी-धीगी बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी नाचे मन-मोरा मगन तिक-दा-धीगी-धीगी कुहूके कोयलिया, कुहूके कोयलिया, कहीं दूर पपीहा पुकारे झूला झूलें सखियाँ, झूला झूलें सखियाँ, कि घर आजा बालम हमारे घिर आए, बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी नाचे मन-मोरा मगन तिक-दा-धीगी-धीगी यहीं रुक जाए, यहीं रुक जाए, ये शाम आज ढलने … Continue reading

१९६४ – राज कुमार – आजा आई बहार दिल है बेक़रार | 1964 – Raj Kumar – aa jaa aayi bahar dil hai beqarar

आजा, आई बहार, दिल है बेक़रार ओ मेरे राजकुमार, तेरे बिन रहा न जाए झोंकों से जब भी चले पुरवाई तन मेरा टूटे, आए अँगड़ाई देखो बार-बार, तेरा इंतज़ार ओ मेरे राजकुमार, तेरे बिन रहा न जाए आजा, आई बहार … मन में सुनूँ मैं तेरी मुरलिया नाचूँ मैं छम-छम, बाजे पायलिया दिल का तार-तार, … Continue reading

१९६४ – राज कुमार – जानेवाले ज़रा होशियार | 1964 – Raj Kumar – janewale zara hoshiyar

होशियार, होशियार जानेवाले ज़रा होशियार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार अमरीकी अंदाज़ भी सीखे, हम योरप के राज़ भी सीखे हमसे जो बाज़ी लेकर जाए, है कोई ऐसा सामने आए सारी दुनिया में अपनी जयकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं … Continue reading

१९६४ – राज कुमार – दिलरुबा दिल पे तू ये सितम किये जा | 1964 – Raj Kumar – dilruba dil pe tu ye sitam kiye ja

दिलरुबा, दिल पे तू, ये सितम किए जा, किए जा हम भी तो आग में जलते रहे, प्यार के शोलों पे चलते रहे दिलरुबा, दिल पे तू … क्या बताऊँ क्या दिल का हाल है, जिस घड़ी से मिले हम जैसे सैंकड़ों बिजलियाँ गिरीं, और जल उठे हम हाय, क्यूँ मुझे ख़ाक करने पर तुले … Continue reading

१९६४ – राज कुमार – नाच रे मन बदकम्मा | 1964 – Raj Kumar – naach re man badkamma

नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा मैं भी नाचूँ, तू भी नाचे, हर कोई नाचे बदकम्म नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा पायल मेरी बोले, लाज के घूँघट खोले जो देखे रह जाए दिल की दुनिया डोले नाच रे मन बदकम्मा, ठुमक-ठुमक बदकम्मा … मौसम है मतवाला, नींद उड़ानेवाला तन-मन रंगता जाए, एक-एक रंग निराला … Continue reading

१९६६ – गबन – अबके सजन बरसे नयन | 1966 – Gaban – abke sajan barse nayan

तुम बिन सजन बरसे नयन, जब-जब बादल बरसे मजबूर हम, मजबूर तुम, दिल मिलने को तरसे नागिन-सी ये रात अँधेरी, बैठी है दिल को घेरके रूठे जो तुम, सब चल दिए मुख फेरके तुम बिन सजन … ये दिल तेरे प्यार की ख़ातिर, जग से बेगाना हो गया एक ख़्वाब था, सब लुट गया, सब … Continue reading

१९६८ – कहीं और चल – देखो क्या-क्या लेकर आया | 1968 – Kahin Aur Chal – dekho kya kya lekar aaya

ओ लक्ष्मी, ओ सरसू, ओ शीला, ओ रजनी देखो क्या-क्या लेकर आया ये मौसम इस बार वो गुलाब भी खिलेगा शायद, जिसका नाम है प्यार ओ लक्ष्मी, ओ सरसू आ गईं चंचल हवाएँ गीत गाने दिल की दुनिया में नई हलचल मचाने प्यार के दिन हैं मोहबात के ज़माने चुप न बैठो, तुम भी छेड़ो … Continue reading

१९६८ – कहीं और चल – पानी पे बरसे जब पानी | 1968 – Kahin Aur Chal – pani pe barse jab pani

पानी पे बरसे जब पानी, जब हों फ़िज़ाएँ दीवानी फिर तो ऐसे मौसम में, करता है दिल भी नादानी कुछ ढूँढ़ती हैं दो आँखें, कुछ खोजता है मन मेरा वो कौन है कहाँ पर है, जिसके ख़याल ने घेरा पानी पे बरसे जब पानी … बिजली चमक-चमककर क्यूँ हमें मुँह-चिढ़ाए जाती है नटखट इशारे कर-करके … Continue reading