Songs of Shailendra::
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1960s

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१९६४ – दूर गगन की छाँव में – ओ जग के रखवाले | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – o jag ke rakhwale

ओ जग के रखवाले, हमें तुझबिन कौन सँभाले ओ जग के रखवाले जित देखूँ, देखूँ अँधियारा, घायल मन घबराए जैसे अँधी रात में पँछी राह भूल दुख पाए चहुं-ओर हैं बादल काले हमें तुझबिन कौन सँभाले, ओ जग के रखवाले एक आस अब तुमसे भगवन, एक ही द्वार तुम्हारा बाँह बढ़ाके हमें उठा लो, तुमही … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – छोड़ मेरी बैंया बलम | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – chhod meri bainya balam

आह! छोड़ मेरी बैंया, बलम बेईमान आते-जाते देख लेगा कोई छुईमुई जैसी नन्ही-सी मेरी जान आते-जाते देख लेगा कोई छोड़ मेरी बैंया आहा! निकली थी लेने बलम बगिया से फूल बातों-बातों में तेरी, राह गई भूल हाय रे, मैं आई कहाँ, छूटा घर मेरा वहाँ उड़ती है दूर जहाँ, भेदभरी धूल लागे डर मुझको यहाँ, … Continue reading

१९६२ – एक दिल सौ अफ़्साने – मस्त नज़र देख इधर हम हैं वही दिलवाले | 1962 – Ek Dil Sau Afsane – mast nazar dekh idhar hum hain wohi dilwale

मस्त नज़र, देख इधर, हम हैं वही दिलवाले इश्क़ में जो देते हैं जाँ, हम हैं वही मतवाले देखा ये हुस्न जबसे, मेरा दिल ही खो गया है मेरे दोस्त पूछते हैं, क्या तुमको हो गया है मस्त नज़र, देख इधर … ग़ैरों से हँसके बातें, हमसे नज़र चुराना मुझे मार ही न डाले, तेरा … Continue reading

१९६२ – एक दिल सौ अफ़्साने – सुनो जी सुनो हमारी भी सुनो | 1962 – Ek Dil Sau Afsane – suno ji suno hamari bhi suno

सुनो जी सुनो, हमारी भी सुनो अजी मेहरबान, हमारी भी सुनो ना टप्पा ना ठुमरी, ग़ज़ल है ना कजरी ये रागिनी है प्यार की सुनो जी सुनो, हमारी भी सुनो तराना हमारा, ज़माने से न्यारा हर एक सुर में दिल है धड़कता हुआ हर एक बोल प्यारा, कि जैसे सितारा अकेला गगन में चमकता हुआ … Continue reading

१९६२ – एक दिल सौ अफ़्साने – तुम ही तुम हो मेरे जीवन में | 1962 – Ek Dil Sau Afsane – tum hi tum ho mere jeewan mein

तुम-ही-तुम हो मेरे जीवन में फूल-ही-फूल हैं जैसे चमन में एक हो मेरे तुम इस जहाँ में एक है चँदा जैसे गगन में तुम ही तुम हो तुम मिले मुझे नया जहान मिल गया झूमती ज़मीं को आसमान मिल गया तुम ही तुम हो … तुमसे दिल का चैन है, तुम्हीं से है क़रार तुम … Continue reading

१९६२ – एक दिल सौ अफ़्साने – दूर के ओ चँदा, आ मेरी बाँहों में आ | 1962 – Ek Dil Sau Afsane – door ke o chanda, aa meri banhon mein aa

दूर के ओ चँदा, आ मेरी बाँहों में आ दिल में रौशनी कर, आँखों में तू मुस्कुरा दूर के ओ चँदा, आ मेरी बाँहों में आ घर-घर सावन बरसे है प्यासी ममता तरसे है बिन तेरे, मेरा आँगन सूना-सूना दूर के ओ चँदा … बोली-भाली आँखों में इन मतवाली आँखों में झिलमिल रे जीवन का … Continue reading

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – जान-ए-वफ़ा जान-ए-जहाँ जान-ए-तमन्ना | 1962 – Dil Tera Diwana – jaan-e-wafa jaan-e-jahan jaan-e-tamanna

जान-ए-वफ़ा, जान-ए-जहाँ, जान-ए-तमन्न कहूँ तू ही बता ऐ अजनबी, आख़िर तुझे क्या कहूँ मैं प्यार की नन्ही कली, तुम चाहे जो नाम दो तुम कौन हो क्या नाम है, तुम भी ज़रा कुछ कहो मेरा नाम प्यार है, मैंने दुनिया को दी ज़िंदगी जीनेवाले मेरे नाम पर रहते हैं ज़िंदा मरके भी मैं प्यार की … Continue reading

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – दिल तेरा दीवाना है सनम | 1962 – Dil Tera Diwana – dil tera deewana hai sanam

बिजली गिराके आप ख़ुद बिजली से डर गए हम सादगी पे आपकी, लिल्लाह मर गए हाय, हाय, हाय दिल तेरा दीवाना है सनम, दिल तेरा दीवाना है सनम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम मोहब्बत की क़सम? मोहब्बत की क़सम प्यार के अलबेले ये हमसफ़र, चल देंगे … Continue reading

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – मुझे कितना प्यार है तुमसे | 1962 – Dil Tera Diwana – mujhe kitna pyar hai tumse

मुझे कितना प्यार है तुमसे, अपने-ही दिल से पूछो तुम जिसे दिल दिया है वो तुम हो, मेरी ज़िंदगी तुम्हारी है चाहत ने तेरी मुझको कुछ इस तरह से घेरा दिन को हैं तेरे चर्चे, रातों को ख़्वाब तेरा तुम हो जहाँ वहींपर रहता है दिल भी मेरा बस एक ख़याल तेरा, क्या शाम क्या … Continue reading

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – रिक्शे पे मेरे तुम आ बैठे | 1962 – Dil Tera Diwana – riskhe pe mere tum aa baithe

रिक्शे पे मेरे तुम आ बैठे, अब मेरा हुनर देखो देता है मज़े कैसे-कैसे अपना ये सफ़र देखो रिक्शे पे तुम्हारे आ बैठी, ख़ुशियाँ हैं जिधर देखो ले पहुँची मुझे किस दुनिया में, चाहत की लहर देखो रिक्शे पे मेरे तुम आ बैठे … दुलकी चलूँ मैं, सरपट चलूँ मैं, हर चाल है निराली निकलूँ … Continue reading