मुझको तुम जो मिले, ये जहाँ मिल गया तुम जो मेरे दिल में हँसे, दिल का कमल देखो खिल गया मुझको तुम जो मिले, ये जहाँ मिल गया ये भीगती हुई फ़िज़ा, बरस रही है चाँदनी तारों ने मिलके छेड़ दी, मधुर मिलन की रागिनी लेके क़रार आया है प्यार, क्या है अगर मेरा दिल … Continue reading
आँखों पे भरोसा मत कर, दुनिया जादू का खेल है हर चीज़ यहाँ एक धोखा, हर बात यहाँ बेमेल है ओ मतवाले, हँस ले गा ले, ले जीने का मज़ा इस दुनिया की भीड़ में तू, मेरी तरह नन्हा बन जा आँखों पे भरोसा मत कर, दुनिया जादू का खेल है हर चीज़ यहाँ एक … Continue reading
ना रो भई ना रो भई ना रो भई ना मैं तेरा बंदर डुग-डुग नाचूँ, ना रो मेरी जाँ ना रो भई ना रो भई ना रो भई ना कहीं चली ना जाए मेरी नौकरी, ना रो मेरी जाँ साहब तो दफ़्तर में हैं अरे नौ सौ झगड़े घर में हैं लो मैं रोया, मुझीं … Continue reading
लागे, जब से नैन लागे दिल तो गया, क्या जाने उल्फ़त में क्या होगा आगे जब से नैन लागे हम उनके घर आके शर्मा रहे हैं क्यूँ खुल गए भेद पछता रहे हैं बँधने लगे लो मोहब्बत के धागे जब से नैन लागे, हो जब से नैन लागे … सपने भी उनके, ये निंदिया भी … Continue reading
एक दौर नया दुनिया में शुरु बच्चों के क़दम से होगा बदनाम हो जिससे देश अपना, वो काम ना हमसे होगा ये राम और श्रीकृष्ण की धरती, धरती बुद्ध महान की युग-युग से इस मिट्टी ने अगवाई की इन्सान की ये देश है अर्जुन-भीम का, राणा प्रताप-से वीर का कुछ करके दिखाएँगे हम भी, कुछ … Continue reading
डाली पे बैठी थीं दस चिड़ियाँ एक उड़ गई फुर्र से न जाने कहाँ तो रह गई डाली पे कितनी चिड़ियाँ, कितनी चिड़ियाँ नौ चिड़ियाँ, हाँ नौ चिड़ियाँ उड़ते-उड़ते चिड़िया पहुँची कमला नेहरू पार्क में जहाँ पे हँसती थी हर क्यारी फूलोंवाली फ़्राक में कमला नेहरू पार्क की निराली शान-बान बच्चो तुमने देखा है वो … Continue reading
प्रीत ये कैसी बोल री दुनिया, प्रीत ये कसी बोल री दुनिया, प्रीत ये कैसी बोल धूल में मन का हीरा रोवे, कोई न पूछे मोल दुनिया, बोल री दुनिया बोल देखूँ मैं इक सुंदर सपना, ढूँढ़ूँ तारों में घर अपना अँधी क़िस्मत तोड़ रही है ये सपने अनमोल दुनिया, प्रीत ये कैसी बोल डूब … Continue reading
ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फ़िज़ाएँ, उठा धीरे-धीरे वो चाँद प्यारा-प्यारा क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा इठलाती हवा, नीलम-सा गगन, कलियों पे ये बेहोशी की नमी ऐसे में भी क्यूँ बेचैन है दिल, जीवन में न जाने क्या है कमी क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, … Continue reading
जवाँ ये ज़िंदगी, ये प्यार का समाँ ओ मेरे दिलबर, कहाँ है तू कहाँ पलकें बिछाए मैं खड़ी हूँ कबसे अरमान जगाए मैं खड़ी हूँ कबसे ये आग-सी लगाए खड़ी हूँ कबसे जवाँ ये ज़िंदगी … ताज के लिए ना तलवार के लिए मेरा दिल है मेरे दिलदार के लिए जान-ए-मन जाँ निसार तेरे प्यार … Continue reading
देखो आया ये कैसा ज़माना ये दुनिया अजायबखाना, रे देखो आया ये कैसा ज़माना काली घोडी पे बैठके, कल हम गए बजार तेल तो देखा था पहले से, और देखी तेल की धार जो कुछ देखा, देखके हमको, याद आए श्रीरामा, रे देखो आया ये कैसा ज़माना … चोर की चौकीदारी देखी, और अँधों की … Continue reading