Songs of Shailendra::
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1950s

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१९५५ – चोरी चोरी – मनभावन के घर जाए गोरी | 1955 – Chori Chori – manbhawan ke ghar jaye gori

मनभावन के घर जाए गोरी घूँघट में शरमाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना बचपन के दिन खेल गँवाए, आई जवानी तो बालम आए तेरे आँगन बजे बधाई गोरी, क्यूँ नैना छलकाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना इस दुनिया की … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले | 1955 – Chori Chori – tum arbon ka her pher karnewale

तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले राम-जी सवा लाख की लाटरी भेजो अपने भी नाम जी पैसे-पैसे को जवानी मेरी तरसे सोते-सोते उठ जाऊँ बिस्तर से कब जाएगी ग़रीबी मेरे घर से तुम अरबों का हेर-फेर करनेवाले … कैसी प्यारी है ख़बर अख़बारों में लक्ष्मीदेवी होंगी अपने इशारों में होगा बंगला हमारा भी सितारों में तुम … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – जहाँ मैं जाती हूँ वहीं | 1955 – Chori Chori – jahan main jati hoon wahin

जहाँ मैं जाती हूँ, वहीं चले आते हो चोरी-चोरी मेरे दिल में समाते हो ये तो बताओ कि तुम मेरे कौन हो दिल की दिल से लगन की ये बात है प्यार की राह-रस्म की ये बात है मुझसे ना पूछो कि तुम मेरे कौन हो मैं तो शोर मचाऊँगी, करनी तुम्हारी सबको बताऊँगी ख़ैर … Continue reading →

१९५५ – चिंगारी – बड़ी मुश्किल है अजब मेरा दिल है | 1955 – Chingari – badi mushkil hai ajab mera dil hai

बड़ी मुश्किल है, अजब मेरा दिल है न जाने किसे ढूँढ़े, न जाने किसे चाहे सखियों से छुपती फिरूँ, कहीं जी ना लगे रातों को तारे गिनूँ, पलक भी ना लगे मेरे संग-संग मेरी निंदिया भी सारी रात जगे बड़ी मुश्किल है … सपने आए, मन ललचाए, जाके फिर ना आए दिल नादाँ, ये अरमाँ … Continue reading →

१९५९ – छोटी बहन – बड़ी दूर से आई हूँ तेरा दिल बहलाने | 1959 – Chhoti Bahen – badi door se aayi hoon tera dil behlane

बड़ी दूर से आई हूँ. मैं तेरा दिल बहलाने मैं तो तेरी हो चुकी, कोई माने ना माने बड़ी दूर से आई हूँ बेज़ार हो गया तू, जब थकके सो गया तू बेहोश होके मेरे सपनों में खो गया तू तो मैं चोरी-से आकर, बैठी तेरे सिरहाने मैं तो तेरी हो चुकी, कोई माने ना … Continue reading →

१९५९ – छोटी बहन – बाग़ों में बहारों में इठलाता गाता | 1959 – Chhoti Bahen – bagon mein baharon mein ithlata gata

बाग़ों में बहारों में, इठलाता गाता आया कोई नाज़ुक-नाज़ुक कलियों के दिल को धड़काता आया कोई आया कोई, आया कोई, आया कोई, होय बाग़ों में बहारों में … भीनी हवा ऊदी घटा, कहे तेरे आँगन में बरसेगा प्यार फूलों के हार लेके बहार, करने को आई मेरे सोलह-सिंगार रंगों की उमंगों की गागर छलकाता आया … Continue reading →

१९५९ – छोटी बहन – भैय्या मेरे राखी के बंधन को निभाना | 1959 – Chhoti Bahen – bhaiya mere rakhi ke bandhan ko nibhana

भैय्या मेरे, राखी के बँधन को निभाना भैय्या मेरे, छोटी बहन को ना भुलाना देखो ये नाता निभाना, निभाना भैय्या मेरे, … ये दिन ये त्यौहार ख़ुशीका, पावन जैसे नीर नदीका भाई के उजले माथे पे बहन लगाए मंगल टीका झूमे ये सावन सुहाना, सुहाना भैय्या मेरे, राखी के बँधन को निभाना … बाँधके हमने … Continue reading →

१९५९ – छोटी बहन – मैं रिक्शावाला मैं रिक्शावाला | 1959 – Chhoti Bahen – main rikshavala main rikshavala

मैं रिक्शावाला, मैं रिक्शावाला है चार के बराबर ये दो टाँगवाला कहाँ चलोगे बाबू, कहाँ चलोगे लाला मैं रिक्शावाला, मैं रिक्शावाला दूर-दूर दूर कोई मुझको बुलाए, मुझको बुलाए क्या करूँ दिल उसे भूल ना पाए, भूल ना पाए मैं रिश्ते जोड़ूँ दिल के मुझे ही मंज़िल पे कोई ना पहुँचाए, कोई ना पहुँचाए मैं रिक्शावाला, … Continue reading →

१९५९ – छोटी बहन – ये कैसा न्याय है तेरा | 1959 – Chhoti Bahen – ye kaisa nyay hai tera

ये कैसा न्याय तेरा, दीपक तले अँधेरा किसीको दी निगाह, राह छीन ली किसीको राह दी, निगाह छीन ली ये कैसा न्याय तेरा, दीपक तले अँधेरा तक़्दीर हमसे रूठी, अपने हुए पराए जाने कहाँ चले हैं, जाने कहाँ से आए चारों तरफ़ अँधेरा, बरबादियों ने घेरा किसीको दी निगाह, राह छीन ली किसीको राह दी, … Continue reading →

१९५९ – चाँद – खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना | 1959 – Chaand – khoyi khoyi ankhiyan neend bina

खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना देख रही हैं एक सपना खोई-खोई अँखियाँ नींद बिना झूम-झूमके बहार मेरी सेज बिछाए घड़ी-घड़ी करे अजब इशारे सज-धजके मैं जाऊँ, बैठी-बैठी घबराऊँ गड़ी जाऊँ देखो लाज के मारे आते ही होंगे मोरे सजना खोई-खोई अँखियाँ … आके मेरे मनभाए मेरा घुँघटा उठाएँ मोसे पलक उठाए उठ ना मेरी माँग को … Continue reading →