Songs of Shailendra::
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Amarendra R N

Amarendra R N has written 570 posts for शैलेंद्र के गीत | Songs of Shailendra

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – जान-ए-वफ़ा जान-ए-जहाँ जान-ए-तमन्ना | 1962 – Dil Tera Diwana – jaan-e-wafa jaan-e-jahan jaan-e-tamanna

जान-ए-वफ़ा, जान-ए-जहाँ, जान-ए-तमन्न कहूँ तू ही बता ऐ अजनबी, आख़िर तुझे क्या कहूँ मैं प्यार की नन्ही कली, तुम चाहे जो नाम दो तुम कौन हो क्या नाम है, तुम भी ज़रा कुछ कहो मेरा नाम प्यार है, मैंने दुनिया को दी ज़िंदगी जीनेवाले मेरे नाम पर रहते हैं ज़िंदा मरके भी मैं प्यार की … Continue reading

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – दिल तेरा दीवाना है सनम | 1962 – Dil Tera Diwana – dil tera deewana hai sanam

बिजली गिराके आप ख़ुद बिजली से डर गए हम सादगी पे आपकी, लिल्लाह मर गए हाय, हाय, हाय दिल तेरा दीवाना है सनम, दिल तेरा दीवाना है सनम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम मोहब्बत की क़सम? मोहब्बत की क़सम प्यार के अलबेले ये हमसफ़र, चल देंगे … Continue reading

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – मुझे कितना प्यार है तुमसे | 1962 – Dil Tera Diwana – mujhe kitna pyar hai tumse

मुझे कितना प्यार है तुमसे, अपने-ही दिल से पूछो तुम जिसे दिल दिया है वो तुम हो, मेरी ज़िंदगी तुम्हारी है चाहत ने तेरी मुझको कुछ इस तरह से घेरा दिन को हैं तेरे चर्चे, रातों को ख़्वाब तेरा तुम हो जहाँ वहींपर रहता है दिल भी मेरा बस एक ख़याल तेरा, क्या शाम क्या … Continue reading

१९५६ – दिल्ली दरबार – महफ़िल में कैसी छम-छम | 1956 – Dilli Darbar – mehfil mein kaisi chham chham

महफ़िल में कैसी छम-छम, किसका है ये है तराना तेरे लिए सीखा है नज़रों ने मुस्कुराना ओ बेख़बर तेरे सिवा सारे जहाँ ने जाना महफ़िल में कैसी छम-छम कल तो कहा था, मेरे हो आज नज़र क्यूँ फेरे हो मेरी वफ़ा झूठी है या तेरा वो फ़साना ओ बेख़बर तेरे सिवा सारे जहाँ ने जाना … Continue reading

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – रिक्शे पे मेरे तुम आ बैठे | 1962 – Dil Tera Diwana – riskhe pe mere tum aa baithe

रिक्शे पे मेरे तुम आ बैठे, अब मेरा हुनर देखो देता है मज़े कैसे-कैसे अपना ये सफ़र देखो रिक्शे पे तुम्हारे आ बैठी, ख़ुशियाँ हैं जिधर देखो ले पहुँची मुझे किस दुनिया में, चाहत की लहर देखो रिक्शे पे मेरे तुम आ बैठे … दुलकी चलूँ मैं, सरपट चलूँ मैं, हर चाल है निराली निकलूँ … Continue reading

१९६७ – दीवाना – पते की बात कहेगा कहेगा जब भी दीवाना | 1967 – Diwana – pate ki baat kahega kahega jab bhi

पते की बात कहेगा, कहेगा जब भी दीवाना मेरी सूरत पे न जाना, मेरी सूरत पे न जाना पते की बात कहेगा, कहेगा जब भी दीवाना वहाँ कुछ देर है प्यारे, नहीं अँधेर है प्यारे जो तुझको ना दिखाई दे, नज़र का फेर है प्यारे तू बहकावे में न आना, है उसका सब जग जाना … Continue reading

१९६७ – दीवाना – हम तो जाते अपने गाम | 1967 – Diwana – hum to jate apne gaam

मुबारक देने आए थे, मुबारक देके जाते हैं मिला है बहुत कुछ, सीने में जो हम लेके जाते हैं हम तो जाते अपने गाम, अपनी राम-राम-राम अपनी राम-राम-राम, सबको राम-राम-राम हम तो जाते अपने गाम, अपनी राम-राम-राम सबको राम-राम-राम कभी जो कह ना पाए बात, वो होंठों पे अब आई अदालत उठ चुकी है, अब … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – खोया-खोया चँदा खोए-खोए तारे | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – khoya khoya chanda khoye khoe tare

खोया-खोया चँदा, खोए-खोए तारे सो गए, तू भी सो जा चाँद हमारे खोया-खोया चँदा, खोए-खोए तारे लेके जादू की छड़ी, आई सपनों की परी रूपनगरी में तुझे छोड़ आएगी अभी है वो सपनों का जहाँ, एक मेला है वहाँ देस-परदेस के बच्चे चले वहाँ नीले आकाश के गंगा के किनारे खोया-खोया चँदा … झूला चाँदी … Continue reading

१९६७ – दीवाना – तुमको सनम पुकारके चल दें न दिन बहार के | 1967 – Diwana – tum ko sanam pukar ke

तुमको सनम पुकारके, चल दें न दिन बहार के आ जाओ, तड़पते हैं हम आ भी जाओ, तड़पते हैं हम तुम बिन तो इस जहाँ में कोई नहीं हमारा बस एक आस तुमसे, एक आसरा तुम्हारा तुमको सनम पुकारके … ये बात अपने दिल की, हम कह न पाए तुमसे लेकिन छुप ही क्या है, … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – पथभूला एक आया मुसाफ़िर | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – pathbhoola ek aaya musafir

पथभूला एक आया मुसफ़िर, लेके मेरा मन दूर चला बिखरे सपने, रह गईं यादें, रात से पहले चाँद ढला पथभूला कोई न समझे, कोई न जाने, दिल की लगी है क्या लाख छुपाऊँ, छुप न सके ये प्रेम का रोग बुरा पथभूला एक आया मुसफ़िर, लेके मेरा मन दूर चला पथभूला दिल कहता है रोक … Continue reading