Songs of Shailendra::
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Amarendra R N

Amarendra R N has written 570 posts for शैलेंद्र के गीत | Songs of Shailendra

१९६२ – हाफ़ टिकट – चाँद रात तुम हो साथ | 1962 – Half Ticket – chand raat tun ho sath

चाँद-रात, तुम हो साथ क्या करें, अजी अब तो दिल मचल-मचल गया दिल का ऐतबार क्या क्या करोगे जी, कल जो ये बदल-बदल गया जुल्मी नज़र, कैसी निडर, दिल चुरा लिया जाने किस अजब-से देश में बुला लिया ये भी कोई दिल है क्या जहाँ मौका मिला फिसल-फिसल गया चाँद-रात, तुम हो साथ … सुनिये … Continue reading →

१९६२ – हमराही – मन रे तू ही बता क्या गाऊँ | 1962 – Hamrahi – man re tu hi bata kya gaoon

मन रे तू ही बता क्या गाऊँ कह दूँ अपने दिल के दुखडे, या आँसू पी जाऊँ मन रे तू ही बता क्या गाऊँ जिसने बरबस बाँध लिया है इस पिंजरे में क़ैद किया है कब तक मैं उस पत्थर-दिल का जी बहलाती जाऊँ मन रे तू ही बता क्या गाऊँ … नींद में जब … Continue reading →

१९६७ – हरे काँच की चूड़ियाँ – पँछी रे ओ पँछी | 1967 – Hare Kaanch Ki Choodiyan – panchhi re o panchhi

पँछी रे ओ पँछी, उड़ जा रे ओ पँछी मत छेड़ तू ये तराने, हो जाएँ ना दो दिल दीवाने पँछी रे ओ पँछी, उड़ जा रे ओ पँछी हम क़रीब आ गए, मंज़िलों को पा गए भा गया हमें कोई, हम किसीको भा गए पँछी रे ओ पँछी, उड़ जा रे ओ पँछी … … Continue reading →

१९६७ – हरे काँच की चूड़ियाँ – हाय कहाँ चला रे | 1967 – Hare Kaanch Ki Choodiyan – haay kahan chala re

कहाँ चला रे, कहाँ चला रे कहाँ तेरा कौन तेरी राह तके रे हमको इतना बता जा कहाँ चला रे, कहाँ चला रे कौन दूर-नगरी के छोर से, खींचे तोहे जादू के ज़ोर से बाँध लिया किसने जिया तेरा, बड़े-बड़े नैनों की डोर से कहाँ चला रे, कहाँ चला रे … झूम-झूम झोंका बयार का, … Continue reading →

१९५९ – हीरा मोती – नाच रे धरती के प्यारे | 1959 – Heera Moti – nach re dharti ke pyare

नाच रे धरती के प्यारे, तेरे अरमानों की दुनिया समने है तेरे आज तेरे घर होने को हैं फिर ख़ुशियों के फेरे धान की बाली, ये हरियाली कहती है तुझसे रे जैसे-तैसे कट गई ग़म की रात काली गली-गली शोर है, आएगी दीवाली कड़ी मेहनत की फ़सल, अपने धीरज का ये फल, मीठा लागे रे … Continue reading →

१९६२ – हमराही – दिल तू भी गा | 1962 – Hamrahi – dil tu bhi gaa

दिल, तू भी गा, प्यार में मुस्कुरा सपने में जो आते हैं अक्सर, महफ़िल में उनको बुला कल जो हुआ सो हुआ, भूल जा सपने में जो आते हैं अक्सर, महफ़िल में उनको बुला वो भी न बोले, हम भी न बोले, आँख मिली पहचान हुई कोई चला जब साथ सफ़र में, हमको डगर आसान … Continue reading →

१९६२ – हमराही – करके जिसका इंतज़ार | 1962 – Hamrahi – karke jiska intazar

करके जिसका इंतज़ार, मेरा दिल गया हार वही सपनों की शाम देखो लाई मेरा प्यार मुझसे रूठी थीं बेकार, तुम मेरी जान-ए-बहार पूछो अपने ही दिल से, क्या झूठा था मेरा प्यार सैंया मेरा था क़ुसूर, जो मैं तुमसे थी दूर था यक़ीन, मेरी प्रीत रंग लाएगी ज़रूर दोनों बैंया पसार, थकी जिसको पुकार वही … Continue reading →

१९५६ – हलाकू – तेरी दुनिया से जाते हैं | 1956 – Halaku – teri duniya se jate hain

तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल में ग़म अपना लिए जाते हैं आँखों में, किसीके प्यार का सपना तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल में ग़म अपना साज़-ए-दिल पे कभी हमने मिलके गाए थे जो नग़्मे उन्हें तुम भूल ही जाना, हमें भी याद मत करना तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल … Continue reading →

१९५७ – एक गाँव की कहानी – ओ हाय कोई देख लेगा | 1957 – Ek Gaon Ki Kahani – o haay koi dekh legaa

ओ हाय, कोई देख लेगा मेरे संग पिया, घबराए मोरा जिया रे हाय, कोई देख लेगा ओ, कोई क्या देख लेगा प्रीत की ये डोरी, दुनिया की नहीं चोरी रे कोई क्या देख लेगा मैं तो ये प्रेम-गली पहले पहल आज चली मेरे संग पिया, घबराए मोरा जिया रे हाय, कोई देख लेगा ओ, परदेसी … Continue reading →

१९६५ – गुमनाम – जान-पहचान हो, जीना आसान हो | 1965 – Gumnaam – jaan pehchan ho jeena aasan ho

जान-पहचान हो, जीना आसान हो दिल को चुरानेवालो आँख ना चुराओ, नाम तो बताओ जान-पहचान हो, जीना आसान हो आज की ये शाम जवाँ, यूँ ना चली जाए फिर से ना आएगी ये किसीके बुलाए जान-पहचान हो, जीना आसान हो … बोलो या ना बोलो तुम, हो गए इशारे सीधी-सीधी चोट हुई दिल पे हमारे … Continue reading →