Songs of Shailendra::
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Tanuja

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१९६४ – मेम दीदी – बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ | 1964 – Mem Didi – beta wow wow, mere kaan mat khao

बेटा वाओ वाओ वाओ, मेरे कान मत खाओ सोने की कटोरी में चलके दूध-भात खाओ बेटा वाओ वाओ वाओ आज मैं छुईमुई लड़की, बहू बनूँगी बड़े घर की होगा तू दरबान मेरा, रानी मैं रूपनगर की बेटा वाओ वाओ वाओ … लंच-डिनर पे हरदिन रहेगा आना-जाना खाएँगे हम बिर्यानी, और तू बिस्कुट खाना बेटा वाओ … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – रातों को जब नींद उड़ जाए | 1964 – Mem Didi – raton ko jab neend ud jaye

रातों को जब नींद उड़ जाए, घड़ी-घड़ी याद कोई आए किसी भी सूरत से बहले ना दिल तब क्या किया जाए, बोलो क्या किया जाए ये तो प्यार का रोग है, रोग बुरा जिसे एक दफ़ा ये लगा सो लगा चँदा को देख आग लग जाए, तन्हाई में चाँदनी न भाए ठण्डी हवाओं में काँपे … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – मैं जानती हूँ | 1964 – Mem Didi – main janati hoon

मैं जानती हूँ, तुम झूठ बोलते हो फिर भी कहो अजी फिर से कहो, तुमको मुझसे प्यार है तुम जानती हो, मैं सच बोलता हूँ फिर भी सुनो लो फिर से सुनो, मुझको तुमसे प्यार है मैं जानती हूँ आँखों में झाँको मेरे सपनों की रानी पढ़के तो देखो मेरे दिल की कहानी मैं जानती … Continue reading

१९६४ – मेम दीदी – बचपन ओ बचपन | 1964 – Mem Didi – bachpan o bachpan

बचपन ओ बचपन, प्यारे-प्यारे बचपन हो ल ला, सच बतला कहाँ गया तू छोड़के घर में सहन में ढूँढ़ा, जंगल में बन में ढूँढ़ा कलियों से जाके पूछा, सारे चमन में ढूँढ़ा रिश्ते वो सारे तोड़के बचपन ओ बचपन … जिस दिन से तू गया है, ये दिल मचल रहा है दुनिया है कुछ अजब-सी, … Continue reading

१९६५ – चाँद और सूरज – किसीने जादू किया मैं करूँ क्या | 1965 – Chand Aur Suraj – kisi ne jadoo kiya main karoon kya

किसीने जादू किया, मैं करूँ क्या मेरा मन मोह लिया, मैं करूँ क्या किसीने जादू किया, मैं करूँ क्या करके घायल वो मुझे, बेख़बर हैं मेरी आहें भी वहाँ बेअसर हैं ख़ूब है ये अदा, मैं करूँ क्या किसीने जादू किया … रात मुश्किल से कटे, दिन हैं भारी सदा आँखों में रहे, छब वो … Continue reading

१९६५ – चाँद और सूरज – झनन-झनन बाजे | 1965 – Chand Aur Suraj – jhanan jhanan baaje

झनन-झनन बाजे, बाजे झनन-झनन बाजे, बिछुआ बाजे, ननदी जागे कैसे आऊँ मितवा मोरे झनन-झनन आई व्दार पे जबसे ये रैन कजरारी देखूँ प्यार के सपने मैं बिरहा की मारी मोहे कोई न देखेगा, छाई रहेगी अँधियारी झनन-झनन बाजे … मैं तो लाज की मारी, कुछ बोलूँ ना किसीसे मेरा हाल कभी कोई पूछे मेरे जी … Continue reading

१९६५ – चाँद और सूरज – मेरी और उनकी प्रीत पुरानी | 1965 – Chand Aur Suraj – meri aur unki preet purani

मेरी और उनकी प्रीत पुरानी चल-चल जाऊया मुंबईला मुंबई नगरी सबसे प्यारी वहीं बसे मनमीत मेरा हाँ रे रामा जी जी जी जी जी जी गई एक दिन पिया संग मैं आरे देखे रंगीन प्यारे नज़ारे लगा फूलों के देश में आई गई आगे तो देखी पवाई खुला नीला गगन, नीचे मैं थी मगन वहीं … Continue reading

१९६५ – चाँद और सूरज – तेरी याद ना दिल से जा सकी | 1965 – Chand Aur Suraj – teri yaad dil se na ja saki

तेरी याद ना दिल से जा सकी आती थी नींद कभी-कभी आज तो वो भी ना आ सकी तारों के साए में कितने सपने देखे थे मिलके हमने-तुमने रूठ गए तुम सपने भी रूठे उनको भी मैं ना मना सकी तेरी याद ना दिल से … रातें वो रातें ना, दिन वो दिन हैं मंज़िल … Continue reading

१९६५ – चाँद और सूरज – बाग़ में कली खिली | 1965 – Chand Aur Suraj – baag mein kali khili

बाग़ में कली खिली, बगिया महकी पर हाय रे, अभी इधर भँवरा नहीं आया राह में नज़र बिछी बहकी-बहकी और बेवजह घड़ी-घड़ी ये दिल घबराया हाय रे, क्यूँ न आया, क्यूँ न आया, क्यूँ न आया बैठे हैं हम तो अरमाँ जगाए सीने में लाखों तूफ़ान छुपाए मत पूछो मन को कैसे मनाया बाग़ में … Continue reading