Songs of Shailendra::
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Sudha

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१९५८ – डिटेक्टिव – आँखों पे भरोसा मत कर | 1958 – Detective – ankhon pe bharosa mat kar

आँखों पे भरोसा मत कर, दुनिया जादू का खेल है हर चीज़ यहाँ एक धोखा, हर बात यहाँ बेमेल है ओ मतवाले, हँस ले गा ले, ले जीने का मज़ा इस दुनिया की भीड़ में तू, मेरी तरह नन्हा बन जा आँखों पे भरोसा मत कर, दुनिया जादू का खेल है हर चीज़ यहाँ एक … Continue reading →

१९५३ – आग़ोश – बाँसुरिया काहे बजाई | 1953 – Aagosh – baansuriya kaahe bajaai

बाँसुरिया काहे बजाई, बिन सुने रहा नहीं जाए रे मीठी नज़र काहे मिलाई, बिन देखे रहा नहीं जाए रे बाँसुरिया काहे बजाई, बिन सुने रहा नहीं जाए रे जाने-अनजाने जब मुख पे किसीके आए तेरा नाम सरसे सरक जाए चुनरी, सहेली करे बदनाम होवे रे हमरी जगतहँसाई, रे कान्हा बाँसुरिया काहे बजाई … हँस-हँस जादू … Continue reading →

१९५७ – अब दिल्ली दूर नहीं – मालिक तेरे जहान में इतने बड़े जहान में | 1957 – Ab Dilli Door Nahin – maalik tere jahan mein itne bade jahan mein

मालिक तेरे जहाँ में, इतने बड़े जहाँ में कोई नहीं हमारा, कोई नहीं हमारा अब किसके द्वार जाऊँ, दुख में किसे बुलाऊँ सब कर गए किनारा, कोई नहीं हमारा मलिक तेरे जहाँ में इस हाल में भी देखो ठुकरा रही है दुनिया हम पर बनी तो हामसे कतरा रही है दुनिया ना आस ना दिलासा, … Continue reading →

१९५७ – अब दिल्ली दूर नहीं – माता ओ माता | 1957 – Ab Dilli Door Nahin – mata o mata

माता ओ माता जो तू आज होती मुझे यूँ बिलखता अगर देखती तेरा दिल टूट जाता माता ओ माता मुझे चूमकर तूने एक दिन कहा था मेरे लाडले तू तो राजा बनेगा सदा प्यार की पालकी में चलेगा बे-आस बे-घर मैं फिरता हूँ दर-दर मुझे यूँ भटकता अगर देखती तेरा दिल टूट जाता माता ओ … Continue reading →