Songs of Shailendra::
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Shashikala

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१९५६ – पटरानी – दिल गया दर्द रहा सीने में | 1956 – Patrani – dil gaya dard raha seene mein

ऊँचे महल में रहनेवाले, कभी इधर भी देख ले दिल गया, दर्द रहा सीने में तुम नहीं, कुछ भी नहीं जीने में दिल गया आँखों में तुम आए जब से, कुछ और नहीं सूझा तब से तरसाके हमें बरसात गई, हर रात गई तड़पाके दिल गया, दर रहा सीने में … तुम रात के तारों … Continue reading

१९६१ – करोड़पति – देखनेवालो थाम लो दिल को | 1961 – Krorepati – dekhnewalo thaam lo dil ko

देखनेवालो थाम लो दिल को, अपना तमाशा शुरु हो गया हुस्न ने हँसकर तोड़ी क़यामत, फिर से वो क़िस्सा शुरु हो गया मेरी वफ़ा का उनको पता क्या, उनका शबाब नशा उनका ज़माना, महफ़िल भी उनकी, किससे करूँ मैं गिला देखनेवालो थाम लो दिल को … वक़्त है थोड़ा, रात ज़रा-सी, चाँद भी ढलने को … Continue reading

१९६१ – करोड़पति – ओ लड़के बढ़ते-बढ़ते तू तो यहाँ भी | 1961 – Krorepati – o ladake badhate badhate tu to yahan bhi

ओ लड़के, बढ़ते-बढ़ते, तू तो यहाँ भी आ गया ओ लड़की, मर्ज़ी मेरे दिल की, इसमें किसीका क्या गया रस्ते के पार मैं थी खड़ी, हो गई देखा-देखी भोली नज़र लड़ ही पड़ी, आगे की न सोची अब तुम जहाँ, हम भी वहाँ ओ लड़के, बढ़ते-बढ़ते, तू तो यहाँ भी आ गया ओ लड़की, मर्ज़ी … Continue reading

१९६१ – करोड़पति – आप हुए मेरे बलम मैं तुम्हारी हुई | 1961 – Krorepati – aap hue mere balam main tumhari hui

आप हुए मेरे बलम मैं तुम्हारी हुई, मान लीजिए अजी मान लीजिए दिल का इरादा, नज़र के इशारे हुए, जान लीजिए अजी जान लीजिए आप हुए मेरे बलम मैं तुम्हारी हुई, मान लीजिए अजी मान लीजिए ग़ैरों की नज़रों से तुमको चुरा लूँ जी चाहता है पलक में छुपा लूँ प्यार की ये डोरी सजन … Continue reading

१९६३ – अपने हुए पराए – फिर कोई मुस्कुराया फिर एक फूल खिला | 1963 – Apne Huye Paraye – phir koi muskuraya phir koi phool khila

फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला कोई बुलाए और कोई आए, अब दिल चाहे क्या फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला ज़िंदगी फिर वही गीत गुनगुनाने लगी इस गली झूमती फिर बहार आने लगी फिर कोई मुस्कुराया … दिल मेरे झूम ले, याद करके उस शाम को बहके हम जिस घड़ी, पीके प्यार … Continue reading

१९६३ – अपने हुए पराए – गगन के चँदा न पूछ हमसे | 1963 – Apne Huye Paraye – gagan ke chanda na poochh hum se

गगन के चँदा न पूछ हमसे, कहाँ हूँ मैं दिल मेरा कहाँ है किसीके चाहत में खो गए हम, ना अपना दिल है, ना अपनी जाँ है गगन के चँदा नज़र से नज़र मिलके शरमा रही है, हर एक राज़ झुककर कहे जा रही है घड़ी ये मोहब्बत के इक़रार की है, रुत प्यार की … Continue reading