Songs of Shailendra::
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Shankar-Jaikishan

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१९६० – एक फूल चार काँटे – सँभल के करना जो भी करना | 1960 – Ek Phool Char Kaante – sambhal ke karna jo bhi karna

सँभलके करना, जो भी करना, नाज़ुक हाथोंवाले नाज़ुक हाथोंवाले लचक ना जाए नरम कलाई, पड़ ना जाएँ छाले पड़ ना जाएँ छाले सँभलके करना, जो भी करना हटाके पर्दे निकल पड़े हो, मुक़ाबला क्या तुम्हीं बड़े हो मगर ऐ जानाँ इधर तो देखो, हम भी हैं दिलवाले हम भी हैं दिलवाले सँभलके करना, जो भी … Continue reading

१९५५ – श्री ४२० – शाम गई रात आई कि बलम आ जा | 1955 – Shree 420 – sham gayi raat aayi ki balam aa ja

शाम गई रात आई, कि बलम आजा तारों की बरात आई, कि बलम आजा ओ बलम आजा, अब तो सनम आजा शाम गई रात आई, कि बलम आजा रात और दिन के मिलन की घड़ी में, ठण्डी-ठण्डी सावन की झड़ी में दो दिलों ने जो बाँधे थे बँधन, उनमें खोई खड़ी मैं, खड़ी मैं याद … Continue reading

१९६६ – तीसरी क़सम – चलत मुसाफ़िर मोह लिया रे | 1966 – Teesri Kasam – chalat musafir moh liya re

चलत मुसाफ़िर मोह लिया रे पिंजड़ेवाली मुनिया उड़-उड़ बैठी हलवैया दोकनिया बर्फ़ी के सब रस ले लिया रे पिंजड़ेवाली मुनिया उड़-उड़ बैठी बजजवा दोकनिया कपड़ा के सब रस ले लिया रे पिंजड़ेवाली मुनिया उड़-उड़ बैठी पनवडिया दोकनिया बीडा के सब रस ले लिया रे पिंजड़ेवाली मुनिया चलत मुसाफ़िर मोह लिया रे पिंजड़ेवाली मुनिया chalat musaafir … Continue reading

१९६६ – तीसरी क़सम – हाय ग़ज़ब कहीं तारा टूटा | 1966 – Teesri Kasam – haay gazab kahin tara toota

हाय गजब कहीं तारा टूटा लूटा रे लूटा, मेरे सैंया ने लूटा हाय गजब कहीं तारा टूटा पहले तारा अटरिया पे टूटा दाँतों तले मैंने दाबा अँगूठा लूटा रे लूटा, साँवरिया ने लूटा हाय गजब कहीं तारा टूटा … दूसरा तारा बजरिया में टूटा देखा है सबने कि मेला था छूटा लूटा रे लूटा, सिपहिया … Continue reading

१९६६ – तीसरी क़सम – पान खाए सैंया हमारो | 1966 – Teesri Kasam – paan khaye sainya hamaro

पान खाए सैंया हमारो साँवरी सुरतिया होंठ लाल-लाल हाय हाय मलमल का कुर्ता मलमल के कुर्ते पे छींट लाल-लाल पान खाए सैंया हमारो हमने मँगाई सुरमेदानी, ले आया ज़ालिम बनारस का ज़र्दा अपनी ही दुनिया में खोया रहे वो, हमरे दिल की न पूछे बेदर्दा पान खाए सैंया हमारो … बगिया गुन-गुन, पायल छुन-छुन, चुपके-से … Continue reading

१९६६ – तीसरी क़सम – सजन रे झूठ मत बोलो | 1966 – Teesri Kasam – sajan re jhooth mat bolo

सजन रे झूठ मत बोलो, ख़ुदा के पास जाना है न हाथी है न घोड़ा है, वहाँ पैदल ही जाना है सजन रे झूठ मत बोलो तुम्हारे महल-चौबारे यहीं रह जाएँगे सारे अकड़ किस बात प्यारे, ये सर फिर भी झुकाना है सजन रे झूठ मत बोलो … भला कीजे भला होगा, बुरा कीजे बुरा … Continue reading

१९६६ – तीसरी क़सम – सजनवा बैरी हो गए हमार | 1966 – Teesri Kasam – sajanwa bairi ho gaye hamar

सजनवा बैरी हो गए हमार चिठिया हो तो हर कोई बाँचे, भाग ना बाँचे कोय करमवा बैरी हो गए हमार जाए बसे परदेस सजनवा सौतन के, भरमाए ना संदेस न कोई ख़बरिया, रुत आए रुत जाए डूब गए हम बीच भंवर में करके सोलह पार सजनवा बैरी हो गए हमार सूनी सेज गोद मोरी सूनी, … Continue reading

१९६७ – दीवाना – तुम्हारी भी जय-जय हमारी भी जय-जय | 1967 – Diwana – tumhari bhi jay jay, hamari bhi jay jay

तुम्हारी भी जय-जय, हमारी भी जय-जय न तुम हारे, न हम हारे सफ़र साथ जितना था, हो ही गया तय न तुम हारे, न हम हारे तुम्हारी भी जय-जय, हमारी भी जय-जय याद के फूल को हम तो, अपने दिल से रहेंगे लगाए और तुम भी हँस लेना जब ये दीवाना याद आए मिलेंगे जो … Continue reading

१९६६ – तीसरी क़सम – लाली लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया | 1966 – Teesri Kasam – lali lali doliya mein lali re dulhaniya

लाली-लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया पिया की पियारी भोली-भाली रे दुल्हनिया मीठे बैन, तीखे नैनोंवाली रे दुल्हनिया पिया की पियारी भोली-भाली रे दुल्हनिया लौटेगी जो गोदी भर, हमें ना भुलाना लड्डू-पेड़े लाना, अपने हाथों से खिलाना तेरी सब रातें हों दीवाली रे दुल्हनिया लाली-लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया पिया की पियारी भोली-भाली रे … Continue reading

१९६० – एक फूल चार काँटे – ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल | 1960 – Ek Phool Char Kaante – o o o meri babydoll

ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल हाँ या ना, अरे कुछ तो बोल दिल की बात, मेरे दिल की बात, मेरे दिल की बात सुन जा ओ ओ ओ मेरी बेबीडॉल … एक नज़र ने तेरी मार दिया एक अदा ने तेरी लूट लिया किस ख़ता का बदला लिया ये बता न सता, ये बता न … Continue reading