Songs of Shailendra::
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Shankar-Jaikishan

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१९६२ – हमराही – मन रे तू ही बता क्या गाऊँ | 1962 – Hamrahi – man re tu hi bata kya gaoon

मन रे तू ही बता क्या गाऊँ कह दूँ अपने दिल के दुखडे, या आँसू पी जाऊँ मन रे तू ही बता क्या गाऊँ जिसने बरबस बाँध लिया है इस पिंजरे में क़ैद किया है कब तक मैं उस पत्थर-दिल का जी बहलाती जाऊँ मन रे तू ही बता क्या गाऊँ … नींद में जब … Continue reading

१९६७ – हरे काँच की चूड़ियाँ – पँछी रे ओ पँछी | 1967 – Hare Kaanch Ki Choodiyan – panchhi re o panchhi

पँछी रे ओ पँछी, उड़ जा रे ओ पँछी मत छेड़ तू ये तराने, हो जाएँ ना दो दिल दीवाने पँछी रे ओ पँछी, उड़ जा रे ओ पँछी हम क़रीब आ गए, मंज़िलों को पा गए भा गया हमें कोई, हम किसीको भा गए पँछी रे ओ पँछी, उड़ जा रे ओ पँछी … … Continue reading

१९६७ – हरे काँच की चूड़ियाँ – हाय कहाँ चला रे | 1967 – Hare Kaanch Ki Choodiyan – haay kahan chala re

कहाँ चला रे, कहाँ चला रे कहाँ तेरा कौन तेरी राह तके रे हमको इतना बता जा कहाँ चला रे, कहाँ चला रे कौन दूर-नगरी के छोर से, खींचे तोहे जादू के ज़ोर से बाँध लिया किसने जिया तेरा, बड़े-बड़े नैनों की डोर से कहाँ चला रे, कहाँ चला रे … झूम-झूम झोंका बयार का, … Continue reading

१९६२ – हमराही – दिल तू भी गा | 1962 – Hamrahi – dil tu bhi gaa

दिल, तू भी गा, प्यार में मुस्कुरा सपने में जो आते हैं अक्सर, महफ़िल में उनको बुला कल जो हुआ सो हुआ, भूल जा सपने में जो आते हैं अक्सर, महफ़िल में उनको बुला वो भी न बोले, हम भी न बोले, आँख मिली पहचान हुई कोई चला जब साथ सफ़र में, हमको डगर आसान … Continue reading

१९६२ – हमराही – करके जिसका इंतज़ार | 1962 – Hamrahi – karke jiska intazar

करके जिसका इंतज़ार, मेरा दिल गया हार वही सपनों की शाम देखो लाई मेरा प्यार मुझसे रूठी थीं बेकार, तुम मेरी जान-ए-बहार पूछो अपने ही दिल से, क्या झूठा था मेरा प्यार सैंया मेरा था क़ुसूर, जो मैं तुमसे थी दूर था यक़ीन, मेरी प्रीत रंग लाएगी ज़रूर दोनों बैंया पसार, थकी जिसको पुकार वही … Continue reading

१९५६ – हलाकू – तेरी दुनिया से जाते हैं | 1956 – Halaku – teri duniya se jate hain

तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल में ग़म अपना लिए जाते हैं आँखों में, किसीके प्यार का सपना तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल में ग़म अपना साज़-ए-दिल पे कभी हमने मिलके गाए थे जो नग़्मे उन्हें तुम भूल ही जाना, हमें भी याद मत करना तेरी दुनिया से जाते हैं, छुपाए दिल … Continue reading

१९६५ – गुमनाम – जान-पहचान हो, जीना आसान हो | 1965 – Gumnaam – jaan pehchan ho jeena aasan ho

जान-पहचान हो, जीना आसान हो दिल को चुरानेवालो आँख ना चुराओ, नाम तो बताओ जान-पहचान हो, जीना आसान हो आज की ये शाम जवाँ, यूँ ना चली जाए फिर से ना आएगी ये किसीके बुलाए जान-पहचान हो, जीना आसान हो … बोलो या ना बोलो तुम, हो गए इशारे सीधी-सीधी चोट हुई दिल पे हमारे … Continue reading

१९६५ – गुमनाम – आएगा कौन यहाँ | 1965 – Gumnaam – aayega kaun yahan

आएगा कौन यहाँ, किसको सदाएँ देता है दिल अपना है कौन यहाँ, किसको सदाएँ देता है दिल प्यार का धोखा, ख़्वाब सुहाना देखा था जो कभी आज उसीकी याद से लिपटी, रोती है ज़िंदगी दुश्मन है सारा जहाँ, किसको सदाएँ देता है दिल आएगा कौन यहाँ मेरे दिल के एक कोने में जलता था जो … Continue reading

१९६२ – एक दिल सौ अफ़्साने – मस्त नज़र देख इधर हम हैं वही दिलवाले | 1962 – Ek Dil Sau Afsane – mast nazar dekh idhar hum hain wohi dilwale

मस्त नज़र, देख इधर, हम हैं वही दिलवाले इश्क़ में जो देते हैं जाँ, हम हैं वही मतवाले देखा ये हुस्न जबसे, मेरा दिल ही खो गया है मेरे दोस्त पूछते हैं, क्या तुमको हो गया है मस्त नज़र, देख इधर … ग़ैरों से हँसके बातें, हमसे नज़र चुराना मुझे मार ही न डाले, तेरा … Continue reading

१९६२ – एक दिल सौ अफ़्साने – सुनो जी सुनो हमारी भी सुनो | 1962 – Ek Dil Sau Afsane – suno ji suno hamari bhi suno

सुनो जी सुनो, हमारी भी सुनो अजी मेहरबान, हमारी भी सुनो ना टप्पा ना ठुमरी, ग़ज़ल है ना कजरी ये रागिनी है प्यार की सुनो जी सुनो, हमारी भी सुनो तराना हमारा, ज़माने से न्यारा हर एक सुर में दिल है धड़कता हुआ हर एक बोल प्यारा, कि जैसे सितारा अकेला गगन में चमकता हुआ … Continue reading