Songs of Shailendra::
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Shammi Kapoor

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१९६४ – राज कुमार – आजा आई बहार दिल है बेक़रार | 1964 – Raj Kumar – aa jaa aayi bahar dil hai beqarar

आजा, आई बहार, दिल है बेक़रार ओ मेरे राजकुमार, तेरे बिन रहा न जाए झोंकों से जब भी चले पुरवाई तन मेरा टूटे, आए अँगड़ाई देखो बार-बार, तेरा इंतज़ार ओ मेरे राजकुमार, तेरे बिन रहा न जाए आजा, आई बहार … मन में सुनूँ मैं तेरी मुरलिया नाचूँ मैं छम-छम, बाजे पायलिया दिल का तार-तार, … Continue reading →

१९६४ – राज कुमार – जानेवाले ज़रा होशियार | 1964 – Raj Kumar – janewale zara hoshiyar

होशियार, होशियार जानेवाले ज़रा होशियार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार अमरीकी अंदाज़ भी सीखे, हम योरप के राज़ भी सीखे हमसे जो बाज़ी लेकर जाए, है कोई ऐसा सामने आए सारी दुनिया में अपनी जयकार, यहाँ के हम हैं राजकुमार आगे-पीछे हमारी सरकार, यहाँ के हम हैं … Continue reading →

१९६४ – राज कुमार – दिलरुबा दिल पे तू ये सितम किये जा | 1964 – Raj Kumar – dilruba dil pe tu ye sitam kiye ja

दिलरुबा, दिल पे तू, ये सितम किए जा, किए जा हम भी तो आग में जलते रहे, प्यार के शोलों पे चलते रहे दिलरुबा, दिल पे तू … क्या बताऊँ क्या दिल का हाल है, जिस घड़ी से मिले हम जैसे सैंकड़ों बिजलियाँ गिरीं, और जल उठे हम हाय, क्यूँ मुझे ख़ाक करने पर तुले … Continue reading →

१९६२ – प्रोफ़ेसर – मैं चली मैं चली पीछे-पीछे जहाँ | 1962 – Professor – main chali main chali peechhe peechhe jahan

मैं चली मैं चली, पीछे-पीछे जहाँ ये न पूछो किधर, ये न पूछो कहाँ सजदे में हुस्न के झुक गया आसमाँ लो शुरु हो गई, प्यार की दास्ताँ मैं चली मैं चली जाओ जहाँ कहीं आँखों से दूर, दिल से न जाओगे मेरे हुज़ूर जादू फ़िज़ाओं का छाया सुरूर, ऐसे में बहके तो किसका क़ुसूर … Continue reading →

१९६२ – प्रोफ़ेसर – खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा | 1962 – Professor – khuli palak mein jhootha gussa

ज़रा ठहरो सदा मेरे दिल की ज़रा सुनते जाना खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा, बंद पलक में प्यार जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल आँखों में इक़रार की झलकी, होंठों पे इनकार जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल जिस दिन से देखा तुमको, तुम लगे मुझे अपने-से और आके रहे आँखों में, एक मनचाहे सपने-से … Continue reading →

१९६७ – लाट साहब – सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे | 1967 – Laat Saheb – sawerewali gadi se chale jayenge

सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे, सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली गाड़ी से चले जाएँगे ये मेला दो घड़ी का, दो दिनों की है बहार समय की बहती धार कहती जाती है पुकार मेहमान कब रुके हैं कैसे रोके जाएँगे कुछ लेके जाएँगे हो कुछ देके जाएँगे सवेरेवाली … Continue reading →

१९६७ – लाट साहब – ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा | 1967 – Laat Saheb – ae chand zara chhup ja, ae waqt zara ruk ja

ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा एक बात है होँठों पे, कह लूँ तो क़रार आए, एक बोझ तो हट जाए ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा रुख़ उनका इधर को है, अब क्यूँ न बहार आए, दुनिया न बदल जाए ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ … Continue reading →

१९७१ – जवाँ मोहब्बत – ज़ुल्म-ओ-सितम को भी हम तो अदा समझे | 1971 – Jawan Mohabbat – zulm-o-sitam ko bhi hum to adaa samjhe

ज़ुल्म-ओ-सितम को भी, हम तो अदा समझे पर मेरी चाहत को, जाने वो क्या समझे ख़ुद को भला जाना, मुझको बुरा समझे पर मेरी चाहत को, जाने वो क्या समझे लाया था दिल को नज़र करने, क़ुर्बाँ ये जान-ओ-जिगर करने उनके बिना मेरा हाल है क्या, आया था उनको ख़बर करने टाल दिया लेकिन, मुझको … Continue reading →

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – दिल तेरा दीवाना है सनम | 1962 – Dil Tera Diwana – dil tera deewana hai sanam

बिजली गिराके आप ख़ुद बिजली से डर गए हम सादगी पे आपकी, लिल्लाह मर गए हाय, हाय, हाय दिल तेरा दीवाना है सनम, दिल तेरा दीवाना है सनम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम मोहब्बत की क़सम? मोहब्बत की क़सम प्यार के अलबेले ये हमसफ़र, चल देंगे … Continue reading →

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – जान-ए-वफ़ा जान-ए-जहाँ जान-ए-तमन्ना | 1962 – Dil Tera Diwana – jaan-e-wafa jaan-e-jahan jaan-e-tamanna

जान-ए-वफ़ा, जान-ए-जहाँ, जान-ए-तमन्न कहूँ तू ही बता ऐ अजनबी, आख़िर तुझे क्या कहूँ मैं प्यार की नन्ही कली, तुम चाहे जो नाम दो तुम कौन हो क्या नाम है, तुम भी ज़रा कुछ कहो मेरा नाम प्यार है, मैंने दुनिया को दी ज़िंदगी जीनेवाले मेरे नाम पर रहते हैं ज़िंदा मरके भी मैं प्यार की … Continue reading →