Songs of Shailendra::
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Shailendra

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१९५९ – अनाड़ी – 1956 1957 1958 1959 | 1959 – Anari – 1956 1957 1958 1959

१९५६, १९५७, १९५८, १९५९ दुनिया का ढांचा बदला, क़िस्मत का सांचा बदला आँखें तो खोलो ज़रा, लाला हो कहाँ ताज निराले, राज निराले, जीवन के सारे साज़ निराले महफ़िल-महफ़िल घूम धरतीके जाएँ, अंबर पे छाएँ फैलाके बाँहें चँदा बुलाए आ तारों को चूम 1959, 1959, 1959 1956, 1957, 1958, 1959 कल की कहानी हो गई … Continue reading

१९६७ – गुनाहों का देवता – चाहा था बनूँ प्यार की राहों का देवता | 1967 – Gunahon Ka Devta – chaha tha banoon pyar ki rahon ka devta

चाहा था बनूँ प्यार की राहों का देवता मुझको बना दिया है गुनाहों का देवता ये ज़िंदगी एक ख़्वाब है, जीना भी है नशा दो घूँट मैंने पी लिए, तो क्या बुरा किया रहने दो जाम सामने, सबकुछ यही तो है हर ग़मज़दा के आँसुओं-आहों का देवता मुझको बना दिया है गुनाहों का देवता क़िस्मत … Continue reading

१९५१ – काली घटा – il est belle, आ रे, दिन हैं प्यारे-प्यारे | 1951 – Kali Ghata – il est belle, aa re, din hai.n pyaare-pyaare

il est belle, आ रे, दिन हैं प्यारे-प्यारे mon chou, tu mon cheri, तू मेरा मैं तेरी ऐसे में तू आजा रे, ऐसे में तू आजा रे उल्फ़त की है ये नशीली हवा पत्थर का दिल पानी-पानी हुआ काली घटा आई बलखाती, देखो इठलाती il est belle, आ रे … देखा है तुझे कहीं ना … Continue reading

१९५५ – मुनीमजी – घायल हिरनिया मैं बन-बन डोलूँ | 1955 – Munimji – ghayal hiraniya main ban ban doloon

घायल हिरनिया मैं बन-बन डोलूँ किसका लगा बाण, मुख-से न बोलूँ घायल हिरनिया मुड़के जो देखूँ तो बचपन बुलाए पलकों में लेकिन कोई मुस्कुराए जी को दुखाऊँ कि पी संग हो लूँ घायल हिरनिया मैं बन-बन डोलूँ जबसे ये नैना बलम संग लागे दुख-सुख मेरे मन में एक संग जागे पल में हँसूँ, पल में … Continue reading

१९५५ – बसंत बहार – केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले | 1955 – Basant Bahar – ketki gulab juhi champak ban phuule

केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले रितु बसंत, अपनो कंत गोरी गरवा लगाए झुलना में बैठ आज पी के संग झूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले गल-गल कुंज-कुंज, गुन-गुन भँवरों की गुंज राग-रंग अंग-अंग, छेड़त रसिया अनंग कोयल की पंचम सुन दुनिया दुख भूले केतकी, गुलाब, जूही, चम्पक बन फूले मधुर-मधुर थोरी-थोरी, मीठी बतियों … Continue reading

१९६६ – सूरज – देखो मेरा दिल मचल गया | 1966 – Suraj – dekho mera dil machal gaya

देखो मेरा दिल मचल गया उन्हें देखा और बदल गया मचल गया, दिल मेरा देखो मेरा दिल मचल गया चाहत का रोग लगाके, आँखों में उनको बसाके मीठी ये आग लगाके, पछताऊँ मैं, पछताऊँ मैं देखो मेरा दिल मचल गया … जीना है मुश्किल उन बिन, बिगड़े है हालत दिन-दिन बिरहा की अग्नि पलछिन, जलती … Continue reading

१९६० – उसने कहा था – चलते ही जाना | 1960 – Usne Kaha Tha – chalte hi jaana

चलते ही जाना, हो चलते ही जाना जहाँ तक आज ये राह चले कहो कि जग सारा, हमारा है हमारा ये प्यारे-प्यारे नीलगगन के तले चलते ही जाना … न बँधके रहेंगे, न दबके रहेंगे जहाँ भी रहेंगे ये मतवाले हिम्मतवाले, ज़माने से निराले दिलों के शहज़ादे, ये दिलवाले हमीं से उजियारा, है ये जग … Continue reading

१९६० – उसने कहा था – आहा रिमझिम के ये प्यारे-प्यारे गीत लिए | 1960 – Usne Kaha Tha – aha rimjhim ke ye pyare pyare geet liye

आहा, रिमझिम के ये प्यारे-प्यारे गीत लिए आई रात सुहानी देखो प्रीत लिए मीत मेरे सुनो ज़रा, हवा कहे क्या सुनो तो ज़रा, झिंगुर बोले चिकी-मिकी चिकी-मिकी रिमझिम के ये प्यारे-प्यारे गीत लिए खोई-सी भीगी-भीगी रात झूमे आँखों में सपनों की बारात झूमे दिल की ये दुनिया आज बादलों के साथ झूमे आहा, रिमझिम के … Continue reading

१९६२ – हाफ़ टिकट – अरे वाह मेरे मालिक | 1962 – Half Ticket – are waah mere maalik

अरे वाह मेरे मालिक, ख़ूब हैं तेरे खेल पागल सारे छुट्टे घूमें, समझदार को जेल अरे वाह रे मालिक, अरे अरे जूते को पगड़ी, पगड़ी को जूता, चदरी को गमछा, सर को पैर बताएँ ये आँख के अँधे कमलनयन कहलाएँ तन बिन कपड़ा, कपड़ा बिन तन, धड़कन बिन दिल, दिल बिन धड़कन पहले बुढ़ापा, बाद … Continue reading

१९६२ – हाफ़ टिकट – चील चिलचिल्लाके कजरी सुनाए | 1962 – Half Ticket – cheel chilchillake kajari sunaye

आ रहे थे इश्कूल से, रस्ते में हमने देखा एक खेल, सस्ते में क्या बेटा, क्या? चील चिलचिल्लाके कजरी सुनाए झूम-झूम कौवा भी ढोलक बजाए अरे वाह वाह वाह, अरे वाह वाह वाह छुक-छुक-छुक चली जाती है रेल छुप-छुप-छुप तोता-मैना का मेल प्यार की पकौड़ी, मीठी बातों की भेल थोड़ा नून, थोड़ी मिर्च, थोड़ी सूँठ, … Continue reading