बाग़ में कली खिली, बगिया महकी पर हाय रे, अभी इधर भँवरा नहीं आया राह में नज़र बिछी बहकी-बहकी और बेवजह घड़ी-घड़ी ये दिल घबराया हाय रे, क्यूँ न आया, क्यूँ न आया, क्यूँ न आया बैठे हैं हम तो अरमाँ जगाए सीने में लाखों तूफ़ान छुपाए मत पूछो मन को कैसे मनाया बाग़ में … Continue reading
एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन, आजा एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन रात को छुप-छुपके मिलना दुनिया समझे पाप रे एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन ये मदमस्त जवानी है, तेरे लिए ये दीवानी है डूबके इस गहराई में, देख ले कितना पानी है एक दो तीन, आजा मौसम है रंगीन … Continue reading
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय घर आया मेरा परदेसी प्यास बुझी मेरी अँखियन की तू मेरे मन का मोती है इन नैनन की ज्योति है याद है मेरे बचपन की घर आया मेरा परदेसी अब दिल मत तोड़के मत जाना रोती छोड़के मत जाना क़सम तुझे मेरे अँसुवन की घर आया मेरा परदेसी OM … Continue reading
पतिव्रता सीतामाई को तूने दिया बनवास क्यूँ ना फटा धरती का कलेजा क्यूँ ना फटा आकाश जुलम सहे भारी, जनकदुलारी जनकदुलारी, राम की प्यारी फिरे है मारी-मारी, जनकदुलारी जुलम सहे भारी, जनकदुलारी गगनमहल का राजा देखो कैसा खेल दिखाए सीप से मोती, गंदले जल में सुंदर कँवल खिलाए अजब तेरी लीला है गिरधारी pativrataa siitaamaa_ii … Continue reading
नैय्या तेरी मँझधार, होशियार, होशियार सूझे आर ना पार, होशियार, होशियार नैय्या तेरी मँझधार, होशियार, होशियार डर कैसा रे खुला हुआ आसमान सँभलके माँझी, सँभल कि तेरी नाव में है तूफ़ान गहरी चंचल धार, होशियार, होशियार नैय्या तेरी मँझधार, होशियार, होशियार काठ का टुकड़ा बह जाता है, लोहा डूबके रह जाता है ग्यानी सोच विचार, … Continue reading
तेरे बिना आग ये चाँदनी, तू आजा तेरे बिना बेसुरी बाँसरी, ये मेरी ज़िंदगी, दर्द की रागिनी तू आजा, तू आजा ये नहीं है, ये नहीं है ज़िंदगी, ज़िंदगी ये नहीं ज़िंदगी ज़िंदगी की ये चिता में ज़िंदा जल रहा हूँ, हाय साँस के ये आग के ये तीर चीरते हैं आरपार, आरपार मुझको ये … Continue reading
प्यार निभाना, भूल न जाना सजन सलोने, मैं भई आज तेरी साथ जिऊँगी, साथ मरूँगी सजन सलोने, सांची ये प्रीत मेरी प्यार निभाना, भूल न जाना सजन सलोने, मैं भई आज तेरी सजनवा, बलमवा, नैना मेरे झुक-झुकके हर बार आगे तेरे, कहते हैं ये प्यार निभाना, भूल न जाना … पलकों में आके, सपने सजाके … Continue reading
तोसे नज़र लड़ी, सजना रे मेरे मन सुई गड़ी, सजना रे दिल की कसक बढ़ी, सजना रे प्यार की आग लगानेवाले, दिल का चैन चुरानेवाले अब मत आँख चुरा तू हमसे, मत तड़पा तड़पानेवाले बैंया थाम अपना रे तोसे नज़र लड़ी … याद आएँ जब तेरी बातें, आँखों में कटती हैं रातें अंदर जलता है … Continue reading
सागर का झलमल पानी, मछरिया बलखाती जाए देखो बलखाती जाए मतवारी देखे मगरमच्छ लोभी, कमरिया लचकाती जाए देखो लचकाती जाए मतवारी सागर का झलमल पानी, मछरिया बलखाती जाए देखो बलखाती जाए मतवारी सोन-रंग मछली, नीलम-रंग पानी है बिखरा गगन पे गुलाल छुपके किनारे से बूढ़े मछेरे ने फैलाए रेशम के जाल बच-बचके जाए वो हाथ … Continue reading
बुलाती है बहार, चले हम दोनों, ओहो ओहो कोयल बोले कुहू कुहू कुहू, पपीहा कहे पीहू पीहू पीहू बुलाती है बहार अंबुवा की डाली-डाली न जाने क्यूँ झुकती जाए चंचल हवा का झोंका संदेसा जाने किसका लाए भँवरों की टोली घूमे, कलियों के मुखड़े चूमे बुलाती है बहार … महकी-सी जाए जब से बहक गई … Continue reading