Songs of Shailendra::
archives

Rungoli

This tag is associated with 6 posts

१९६२ – रंगोली – छोटी-सी ये दुनिया | 1962 – Rungoli – chhoti si ye duniya

छोटी-सी ये दुनिया, पहचाने रास्ते हैं तुम कहीं तो मिलोगे, कभी तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल छोटी-सी ये दुनिया हम तो ये समझेंगे हमने एक पत्थर को पूजा लेकिन तुमको अपने जैसा नहीं मिलेगा दूजा छोटी-सी ये दुनिया … सीखा नहीं हमारे दिल ने, प्यार में धीरज खोना आग में जलके भी जो निखरे, है … Continue reading

१९६२ – रंगोली – छोटी-सी ये दुनिया पहचाने रास्ते | 1962 – Rungoli – chhoti si ye duniya pehchane raaste

छोटी-सी ये दुनिया, पहचाने रास्ते हैं तुम कभी तो मिलोगे, कहीं तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल छोटी-सी ये दुनिया सीखा नहीं हमारे दिल ने, प्यार में धीरज खोना आग में जलके भी जो निखरे, वही है सच्चा सोना छोटी-सी ये दुनिया … मेरा पहला प्यार, आख़री भी है इस जीवन का एक बार होता है … Continue reading

१९६२ – रंगोली – एक नज़र किसीने देखा | 1962 – Rungoli – ek nazar kisine dekha

एक नज़र किसीने देखा, और दिल हुआ दीवाना है बात बस इतनी-सी, और बन गया अफ़्साना चोरी-चोरी बगिया में आई जो बहार कलियों की अँखियों से छलका ख़ुमार छुप-छुप किसीसे नज़र हुई चार कोई दिल जीत गया, कोई गया हार मन मेरे झूम, तारों को चूम, आया तेरा ज़माना एक नज़र किसीने देखा … बाजे … Continue reading

१९६२ – रंगोली – हम-तुम ये खोई-खोई राहें | 1962 – Rungoli – hum tum ye khoyi khoyi raahein

हम-तुम, ये खोई-खोई राहें, चंचल इशारों से बुलाएँ आजा, तू आजा कहीं जाएँ, मौसम है प्यार का ले चल, बहारों ने पुकारा है, चंचल इशारों ने पुकारा है झूमते नज़ारों ने पुकारा है, मौसम है प्यार का हम-तुम, ये खोई-खोई राहें … दिल की हर एक धड़कन नग़मा बनती जाए मेरा सपना मेरी बाँहों में … Continue reading

१९६२ – रंगोली – जाओ-जाओ नंद के लाला | 1962 – Rungoli – jao jao nand ke lala

जाओ, जाओ, नंद के लाला, तुम झूठे तुमसे ना बोलूँगी छोड़ो, छोड़ो मोरी बैंया, तुम झूठे तुमसे ना बोलूँगी कैसा तिलक, कहाँ की माला तन काला तेरा, मन भी काला रहने भी दो, बहुत जादू डाला जाओ, जाओ, नंद के लाला … अनपढ़ राधा सबकुछ जाने तुम्हरी तो नस-नस पहचाने किसको आए मुरलिया सुनाने जाओ, … Continue reading

१९६२ – रंगोली – सागर पे आज मौजों का राज | 1962 – Rungoli – sagar pe aaj maujon ka raaj

सागर पे आज मौजों का राज, बेचैन है नज़ारा शायद वो आएँ, शायद वो आएँ, दिल ने जिन्हें पुकारा सागर पे आज … झूम-झूम दे-दे ताली, नाचूँ मैं तो मतवाली बस में नहीं मेरा दिल छुप-छुप चोरी-चोरी, रहे तेरी मेरी जोड़ी अब तो बेदर्दी मिल सागर पे आज … सागर के किनारे जाऊँ, तुझको पुकारे … Continue reading