Songs of Shailendra::
archives

Raj Hath

This tag is associated with 7 posts

१९५६ – राज हठ – आजा आजा आजा नदिया किनारे | 1956 – Raj Hath – aa jaa aa jaa aa jaa nadiya kinare

आजा आजा आजा नदियाकिनारे, तारों की छैंया तोहे कबसे पुकारे तेरे मन को मन का मीत मिला, तेरे भाग से बढ़कर भाग नहीं कल तक डर था इन आहों से, लग जाए ना जग में आग कहीं आजा आजा आजा … हँसकर ये सुहानी रात कहे, हर शाम के वादे पूरे कर दिल ने तेरे … Continue reading

१९५६ – राज हठ – चले सिपाही धूल उड़ाते | 1956 – Raj Hath – chale sipahi dhool udaate

चले सिपाही धूल उड़ाते, कहाँ किधर कोई क्या जाने कोई कहे ये जलते दीपक, कोई कहे ये परवाने चले सिपाही जीवन की ये अँधी आँधी अपनी राह न देखे किस झोंके में उजड़ जाएगी किसकी चाह, न देखे चले सिपाही धूल उड़ाते, कहाँ किधर कोई क्या जाने चले सिपाही बढ़ते क़दम जहाँ ले जाएँ, तेरा … Continue reading

१९५६ – राज हठ – नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे | 1956 – Raj Hath – nache ang ang ang tere aage

नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे बाजे रे, मन-मृदंग बाजे धड़कते दिल का गीत, मेरी प्रीत नाचे रे नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे सारे जग पे जो छाए तूफ़ान हैं जिनसे काँपे आज सातों आसमान हैं ये तो मेरे अरमानों के उठान हैं सलोने ये तो मेरे अरमानों के उठान हैं नाचे अंग-अंग-अंग तेरे आगे … उस पार … Continue reading

१९५६ – राज हठ – प्यारे बाबुल से बिछड़के | 1956 – Raj Hath – pyare babul se bichhadke

प्यारे बाबुल से बिछड़के, घर का आँगन सूना करके गोरी कहाँ चली, घूँघट में चाँद छुपाए सुनो कहती है शहनाई, गोरी हो गई पराई चंचल घोड़े पे सवार, लेने साजना आए सूने महल उदास अटारी, रूठी-रूठी-सी फुलवारी दिल में तड़प चेहरे पे हँसी है, हाय लगी ये कैसी कटारी बाबुल काहे को छुपाए, दर्द होंठों … Continue reading

१९५६ – राज हठ – कहाँ से मिलते मोती | 1956 – Raj Hath – kahan se milte moti

कहाँ से मिलते मोती, आँसू हैं मेरी तक़्दीर में बदल दूँ कैसे ऐ दिल, लिखा है जो उस बेपीर ने कहाँ से मिलते मोती जिसकी माँग रह गई सूनी, ज़हर है उसका जीना बिन साजन की नारी जैसे बिना तार की बीना लगा दी आग किसीने, मेरे पाँव बाँध ज़ंजीर में कहाँ से मिलते मोती, … Continue reading

१९५६ – राज हठ – आ गई लो आ गई मैं झूमती | 1956 – Raj Hath – aa gayi lo aa gayi main jhoomati

आ गई लो आ गई मैं झूमती अँखियों से अँखियों को चूमती, चूमती आ गई लो आ गई मैं झूमती तुमने बुलाया, चली आई मैं प्यार जताया, ललचाई मैं नैन मिले तो घबराई मैं आ गई लो आ गई मैं झूमती … ऐसे न देखो, शरमाऊँगी फिर कहीं जाके छुप जाऊँगी लाख बुलाओ, नहीं आऊँगी … Continue reading

१९५६ – राज हठ – मेरे सपने में आना रे | 1956 – Raj Hath – mere sapne mein aana re

Film Raj Hath Music Director Shankar-Jaikishan Year 1956 Singer(s) Lata Audio Video On Screen Madhubala, Pradeep Kumar मेरे सपने में आना रे, सजना मेरे सपने में आना रे वो बात ज़रा मेरे कानों में, फिर से कह जाना रे मेरे सपने में आना रे, सजना मेरे सपने में आना रे थके-थके नैन पिया देखें राह … Continue reading