Songs of Shailendra::
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Rafi

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१९५५ – श्री ४२० – रमैया वस्तावैया | 1955 – Shree 420 – ramaiyya vastavaiyya

रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया मैंने दिल तुझको दिया, मैंने दिल तुझको दिया ओ रमैय्या वस्तावैया, रमैय्या वस्तावैया नैनों में थी प्यार की रौशनी तेरी आँखों में ये दुनियादारी न थी तू और था, तेरा दिल और था तेरे मन में ये मीठी कटारी न थी मैं जो दुख पाऊँ तो क्या, आज पछताऊँ तो क्या … Continue reading

१९६१ – ससुराल – ये अलबेला तौर ना | 1961 – Sasural – ye albela taur na dekha

ये अलबेला तौर न देखा तुमसा कोई और ना देखा हुस्न का ये जौर ना देखा वल्लाह, यार लुट गए हम तो नज़र मिलाके तुम हमको अगर इस हाल में पहचानते तो हम आपकी बाँकी नज़र को मानते मेरा फ़साना, पता या ठिकाना, अगर पूछते जानते ये अलबेला तौर न देखा … है जीवन का … Continue reading

१९५५ – सीमा – कहाँ जा रहा तू ऐ जानेवाले | 1955 – Seema – kahan ja raha hai tu ae janewale

कहाँ जा रहा है तू, ऐ जानेवाले अँधेरा है मन का, दिया तो जला ले कहाँ जा रहा है तू, ऐ जानेवाले कहाँ जा रहा है ये जीवन-सफ़र एक अँधा सफ़र है बहकना है मुमकिन, भटकने का डर है सँभलता नहीं दिल किसीके सँभाले कहाँ जा रहा है तू, ऐ जानेवाले कहाँ जा रहा है … Continue reading

१९५३ – शिकस्त – नई ज़िंदगी से प्यार करके देख १ | 1953 – Shikast – nayi zindagi se pyar karke dekh 1

नई ज़िंदगी से प्यार करके देख इसके रूप का सिंगार करके देख इसपे जो भी है निसार करके देख नई ज़िंदगी से प्यार करके देख सच कभी तो होंगे ख़्वाब और ख़याल, तेरे ख़्वाब और ख़याल कब तलक रहेंगे बेकसी के जाल, दिल पे बेकसी के जाल वक़्त सुन चुका है तेरे दिल का हाल, … Continue reading

१९६२ – संगीत सम्राट तानसेन – सुध बिसर गई आज | 1962 – Sangeet Samrat Tansen – sudh bisar gayi aaj

सुध बिसर गई आज अपने गुणन की आई गई बात बीते दिनन की बिखरे सपन सारे, विधना से हम हारे अँसुओं में डूबी हैं पलकें नयन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की जियरा के दो टूक, गई प्रेरणा रूठ घुट-घुट गई सूख सरिता सुरन की सुध बिसर गई आज अपने गुणन की … … Continue reading

१९६६ – प्यार मोहब्बत – हाय मिल गई मिल गई रे | 1966 – Pyar Mohabbat – haay mil gayi mil gayi mil gayi re

हुस्न को चाँद, जवानी को कँवल कहते हैं कोई सूरत नज़र आए तो ग़ज़ल कहते हैं मिल गई, मिल गई, मिल गई रे, मुझको मोहब्बत मिल गई आख़िर दुखते दिल को मेरे, दर्द से फ़ुरसत मिल गई मिल गई, मिल गई, मिल गई रे, मुझको मोहब्बत मिल गई गुलशन के अनगिन फूलों में, फूल-सा ये … Continue reading

१९६६ – प्यार मोहब्बत – हाय आप नाराज़ ख़ुदा ख़ैर करे | 1966 – Pyar Mohabbat – haay aap naaraz khuda khair kare

आप नाराज़, ख़ुदा ख़ैर करे नाज़-ओ-अंदाज़, ख़ुदा ख़ैर करे अपनी तो जान पे बन आई है दिल की आवाज़, ख़ुदा ख़ैर करे हमने बुलाया तो न आए आप, मेरे साए से भी कतराए आप आख़िर तो कोई बात है मुझमें, आज जो पास चले आए आप आप नाराज़, ख़ुदा ख़ैर करे … आप अच्छे लगे … Continue reading

१९६२ – प्रोफ़ेसर – मैं चली मैं चली पीछे-पीछे जहाँ | 1962 – Professor – main chali main chali peechhe peechhe jahan

मैं चली मैं चली, पीछे-पीछे जहाँ ये न पूछो किधर, ये न पूछो कहाँ सजदे में हुस्न के झुक गया आसमाँ लो शुरु हो गई, प्यार की दास्ताँ मैं चली मैं चली जाओ जहाँ कहीं आँखों से दूर, दिल से न जाओगे मेरे हुज़ूर जादू फ़िज़ाओं का छाया सुरूर, ऐसे में बहके तो किसका क़ुसूर … Continue reading

१९६२ – प्रोफ़ेसर – खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा | 1962 – Professor – khuli palak mein jhootha gussa

ज़रा ठहरो सदा मेरे दिल की ज़रा सुनते जाना खुली पलक में झूठा ग़ुस्सा, बंद पलक में प्यार जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल आँखों में इक़रार की झलकी, होंठों पे इनकार जीना भी मुश्किल, मरना भी मुश्किल जिस दिन से देखा तुमको, तुम लगे मुझे अपने-से और आके रहे आँखों में, एक मनचाहे सपने-से … Continue reading

१९६५ – पूनम की रात – दिल तड़पे तड़पाए | 1965 – Poonam Ki Raat – dil tadpe tadpaye

दिल तड़पे, तड़पाए जिनके मिलन को तरसे, वो तो न आए मौसम आए-जाए दिल तड़पे, तड़पाए सपने तो खो गए करके दीवाना मुझे करनी पे अपने दिल की पड़ा पछताना मुझे ख़ुद को मना लूँ, दुखड़े छुपा लूँ दिल की लगी हाय कौन बुझाए दिल तड़पे, तड़पाए सपनों के साथी मेरे दमभर को आजा घायल … Continue reading