Songs of Shailendra::
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Rafi

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१९५१ – नगीना – हमसे कोई प्यार करो जी | 1951 – Nagina – hum se koi pyar karo ji

हमसे कोई प्यार करो जी hello एक एक एक एक बार करो जी hello हमसे कोई प्यार करो जी एक एक एक एक बार करो दिल को मेरे गुलज़ार करो जी हमसे कोई प्यार करो झाँकके आँखों से कहता दिल, hello hello, hello hello प्यार की दुश्मन है ये दुनिया, भाग चलो, चलो चलो हमसे … Continue reading

१९५१ – नगीना – कोई नहीं घर में | 1951 – Nagina – koi nahin ghar mein

my my my my my dear, आओ near आओ, mummy नहीं daddy नहीं कोई नहीं घर में लगता है मुझको डर, my dear झंडी क्यूँ दिखाई दिल का इंजन बेक़रार है देखूँ तेरे दिल क junction, कबसे इंतज़ार है देखो देखो देखो देखो लागे ना नज़र, मेरी बाली बाली बाली बाली उमर तेरी काली काली … Continue reading

१९५४ – पूजा – रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी | 1954 – Pooja – rumjhumake bajao bansari murari

रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी अंग-अंग में तरंग लाओ बनवारी रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी मधुबन में मधुवंती गाएँ ब्रिजनारी रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी राधा के मन में प्यार, रुनझुन पायल पुकार सखियाँ सजके सिंगार, आईं जमुना के पार रूमझूमके बजाओ बंसरी मुरारी रुक-थमके चाँद चले, तारों का मन मचले रुनक-झुनक धूम-धाम नीलम के गगन तले रूमझूमके … Continue reading

१९५४ – पूजा – जो एक बार कह दो | 1954 – Pooja – jo ek baar keh do

जहाँ कहीं दीपक जलता है, वहाँ पतंगा भी आता है प्रीत की रीत यही है, मूरख, तू कहे घबराता है परवाने की नादानी पर दुनिया हँसती है तो हँसे प्यार की मीठी आग में प्रेमी हँसते-हँसते जल जाता है जो एक बार कह दो कि तुम हो हमारे तो बदले ये दुनिया, बदलें नज़ारे जो … Continue reading

१९५४ – पूजा – होली आई प्यारी-प्यारी | 1954 – Pooja – holi aayi pyari pyari

होली आई प्यारी-प्यारी भर पिचकारी, रंग दे चुनरिया हमारी ओ पिया रंग दे चुनरिया हमारी मेरे तन को भिगा दे, मन को भिगा दे मान ले अरज हमारी ओ पिया रंग दे चुनरिया हमारी एक बरस में एक दिन होली, जग दो दिन का मेला तन का पिंजड़ा छोड़के एक दिन पँछी जाए अकेला दो … Continue reading

१९५४ – पूजा – चल-चल रे मुसाफ़िर चल | 1954 – Pooja – chal chal re musafir chal

चल-चल रे मुसाफ़िर चल, तू उस दुनिया में चल जहाँ दिल का एक इशारा हो, और दुनिया जाए बदल चल-चल रे मुसाफ़िर चल, तू उस दुनिया में चल मस्तीभरी हवाएँ, जिस गली से जाएँ, फूल खिलाएँ ये मदहोश निगाहें, जिसपे टिक जाएँ, अपना बनाएँ जहाँ प्यार का रस्ता कोई ना रोके, कोई ना कहे सम्भल … Continue reading

१९७० – ज्वाला – दुनिया की किताबों से एक दिन मुश्किल का | 1970 – Jwala – duniya ki kitabon se ek din mushkil ka

दुनिया की किताबों से एक दिन, मुश्किल का नाम मिट जाएगा इन्साँ के इरादों के आगे, अंबर भी सर को झुकाएगा दुनिया की किताबों से एक दिन, मुश्किल का नाम मिट जाएगा हम अपनी लगन के दीवाने, तूफ़ाँ से भी टकरा जाएँगे अब झुक ना सकेंगे ऐ दुनिया, हम टूट भले ही जाएँगे जीवन की … Continue reading

१९६० – उसने कहा था – चलते ही जाना | 1960 – Usne Kaha Tha – chalte hi jaana

चलते ही जाना, हो चलते ही जाना जहाँ तक आज ये राह चले कहो कि जग सारा, हमारा है हमारा ये प्यारे-प्यारे नीलगगन के तले चलते ही जाना … न बँधके रहेंगे, न दबके रहेंगे जहाँ भी रहेंगे ये मतवाले हिम्मतवाले, ज़माने से निराले दिलों के शहज़ादे, ये दिलवाले हमीं से उजियारा, है ये जग … Continue reading

१९५२ – परबत – क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या | 1952 – Parbat – kya bataoon mohabbat hai kya

क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या सीने में रह-रहके दर्द उठ रहा है, मगर आ रहा है मज़ा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या मौसम तो हरदम बदलते रहे हैं अरमान दिल के मचलते रहे हैं क्या बात है, छूके आँचल मेरा भाग जाती है पागल हवा क्या बताऊँ मोहब्बत है क्या पहले-भी तूफ़ान आते रहे हैं … Continue reading

१९६१ – ससुराल – एक सवाल मैं करूँ | 1961 – Sasural – ek sawal main karun, ek sawal tum karo

एक सवाल मैं करूँ, एक सवाल तुम करो हर सवाल का सवाल ही जवाब हो एक सवाल मैं करूँ, एक सवाल तुम करो प्यार की बेला, साथ सजन का, फिर क्यूँ दिल घबराए? नैहर से घर जाती दुल्हन क्यूँ नैना छलकाए? है मालूम कि जाना होगा, दुनिया एक सराए फिर क्यूँ जाते वक़्त मुसाफ़िर रोए … Continue reading