ज़िंदगी का अजब फ़साना है रोते-रोते भी मुस्कुराना है इश्क़ में जानते हैं जान गई फिर भी कहते हैं आज़माना है कैसी मुश्किल है कोई क्या जाने आग को आग से बुझाना है दिल लगाया था पर न थी ये ख़बर मौत का ये भी एक बहाना है दिल तो कहता है तेरे पास चलूँ … Continue reading