Songs of Shailendra::
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Mayurpankh

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१९५३ – मयूरपंख – मैं तो चलूँ पश्चिम | 1953 – Mayurpankh – main to chaloon pashchim

मैं तो चलूँ पश्चिम, पूरब चले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया जबसे किसीको बसाया है दिल में हलचल है ग़ैरों की हर महफ़िल में मेरे घर चँदा, सूरज तले दुनिया मेरी क़िस्मत पे बड़ी जले दुनिया मैं तो चलूँ पश्चिम … सपनों में वो जबसे आने लगे हैं शाम-ओ-सहर मुस्कुराने लगे हैं मेरी … Continue reading

१९५३ – मयूरपंख – तंदाना तंदाना … मुश्किल है प्यार छुपाना | 1953 – Mayurpankh – tandana tandana … mushkil hai pyar chhupana

तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना मुश्किल है प्यार छुपाना, तंदाना तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना प्रीत नई दर्द पुराना, तंदाना तू कहीं और का, मैं कहीं और की भँवरा कहीं और का, कली कहीं और की फिर भी हैं मिलने के लाख बहाने तंदाना तंदाना तंदाना, तंदाना नैना चुराके न जाना, तंदाना मौसम बहार का एक बार … Continue reading

१९५३ – मयूरपंख – ये बरखा बहार | 1953 – Mayurpankh – ye barkha bahar

ये बरखा बहार सौतनिया के द्वार न जा मोरे साँवरे पिया न जा मोरे साँवरे पिया अँधेरी रात, घटाओं से दर्द बरसेगा तेरे बिना जलेगी सेज, प्यार तरसेगा मैं रो-रो मरूँ, तोरे पैंया पड़ूँ न जा मोरे साँवरे पिया ये बरखा बहार … तेरे बग़ैर क्या मज़ा है ज़िंदगानी में न जाओ बेरहम, लगाके आग … Continue reading