Songs of Shailendra::
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Mala Sinha

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१९५९ – मैं नशे में हूँ – ग़ैर की गली में पिया तूने मेरा नाम लिया | 1959 – Main Nashe Mein Hoon – gair ki gali mein piya tune mera naam liya

ग़ैर की गली में पिया, तूने मेरा नाम लिया मुझे बदनाम किया, हाय हाय हाय जिसको देखो अब कहता है, दिल है, दिल है, अजी दिल है सभी चाहते हैं मुझसे पहचान कर लें जो मुश्किल है, पहले-से ही आसान कर लें ग़ैर की गली में पिया … कोई कह रहा है, तुम हो बहारों … Continue reading →

१९५७ – एक गाँव की कहानी – ओ हाय कोई देख लेगा | 1957 – Ek Gaon Ki Kahani – o haay koi dekh legaa

ओ हाय, कोई देख लेगा मेरे संग पिया, घबराए मोरा जिया रे हाय, कोई देख लेगा ओ, कोई क्या देख लेगा प्रीत की ये डोरी, दुनिया की नहीं चोरी रे कोई क्या देख लेगा मैं तो ये प्रेम-गली पहले पहल आज चली मेरे संग पिया, घबराए मोरा जिया रे हाय, कोई देख लेगा ओ, परदेसी … Continue reading →

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – दिल तेरा दीवाना है सनम | 1962 – Dil Tera Diwana – dil tera deewana hai sanam

बिजली गिराके आप ख़ुद बिजली से डर गए हम सादगी पे आपकी, लिल्लाह मर गए हाय, हाय, हाय दिल तेरा दीवाना है सनम, दिल तेरा दीवाना है सनम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम जानते हो तुम, कुछ ना कहेंगे हम मोहब्बत की क़सम? मोहब्बत की क़सम प्यार के अलबेले ये हमसफ़र, चल देंगे … Continue reading →

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – जान-ए-वफ़ा जान-ए-जहाँ जान-ए-तमन्ना | 1962 – Dil Tera Diwana – jaan-e-wafa jaan-e-jahan jaan-e-tamanna

जान-ए-वफ़ा, जान-ए-जहाँ, जान-ए-तमन्न कहूँ तू ही बता ऐ अजनबी, आख़िर तुझे क्या कहूँ मैं प्यार की नन्ही कली, तुम चाहे जो नाम दो तुम कौन हो क्या नाम है, तुम भी ज़रा कुछ कहो मेरा नाम प्यार है, मैंने दुनिया को दी ज़िंदगी जीनेवाले मेरे नाम पर रहते हैं ज़िंदा मरके भी मैं प्यार की … Continue reading →

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – मुझे कितना प्यार है तुमसे | 1962 – Dil Tera Diwana – mujhe kitna pyar hai tumse

मुझे कितना प्यार है तुमसे, अपने-ही दिल से पूछो तुम जिसे दिल दिया है वो तुम हो, मेरी ज़िंदगी तुम्हारी है चाहत ने तेरी मुझको कुछ इस तरह से घेरा दिन को हैं तेरे चर्चे, रातों को ख़्वाब तेरा तुम हो जहाँ वहींपर रहता है दिल भी मेरा बस एक ख़याल तेरा, क्या शाम क्या … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – छोड़िये ग़ुस्सा हुज़ूर | 1964 – Detective – chhodiye gussa huzoor

छोड़िए ग़ुस्सा हुज़ूर, ऐसी नाराज़ी भी क्या हमने तो जो कुछ किया, दिल के कहने पर किया आपकी मर्ज़ी है, अब जो चाहे दीजिए सज़ा छोड़िए ग़ुस्सा हुज़ूर, ऐसी नाराज़ी भी क्या सीने के पार कर दो, तिरछी नज़र का तीर हम चुप हैं लो पहना भी दो ज़ुल्फ़ों की ये ज़ंजीर यूँ भी घायल … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – दो चमकती आँखों में | 1958 – Detective – do chamakti ankhon mein

दो चमकती आँखों में कल ख़्वाब सुनहरा था जितना हाय, ज़िंदगी तेरी राहों में आज अँधेरा है उतना हमने सोचा था जीवन में फूल चाँद और तारे हैं क्या ख़बर थी साथ में इनके काँटे और अंगारे हैं हमपे क़िस्मत हँस रही है, कल हँसे थे हम जितना दो चमकती आँखों में … इतने आँसू … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – मुझको तुम जो मिले ये जहाँ मिल गया | 1958 – Detective – mujhko tum jo mile ye jahan mil gaya

मुझको तुम जो मिले, ये जहाँ मिल गया तुम जो मेरे दिल में हँसे, दिल का कमल देखो खिल गया मुझको तुम जो मिले, ये जहाँ मिल गया ये भीगती हुई फ़िज़ा, बरस रही है चाँदनी तारों ने मिलके छेड़ दी, मधुर मिलन की रागिनी लेके क़रार आया है प्यार, क्या है अगर मेरा दिल … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – आँखों पे भरोसा मत कर | 1958 – Detective – ankhon pe bharosa mat kar

आँखों पे भरोसा मत कर, दुनिया जादू का खेल है हर चीज़ यहाँ एक धोखा, हर बात यहाँ बेमेल है ओ मतवाले, हँस ले गा ले, ले जीने का मज़ा इस दुनिया की भीड़ में तू, मेरी तरह नन्हा बन जा आँखों पे भरोसा मत कर, दुनिया जादू का खेल है हर चीज़ यहाँ एक … Continue reading →

१९६३ – अपने हुए पराए – मैंने बुलाया और तुम आए | 1963 – Apne Huye Paraye – main ne bulaya aur tum aaye

मैंने बुलाया और तुम आए, अब दिल चाहे क्या आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना आँचल में हैं फूल ख़ुशीके, तुमसा मीत मिला आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना तुम हँसे और मेरे दिल में रौशनी हो गई ज़िंदगी प्यार की रागिनी के संग खो गई आओ … Continue reading →