Songs of Shailendra::
archives

Maashuqa

This tag is associated with 5 posts

१९५३ – माशूक़ा – मासूम दिल की हाँ पे न कह दिया | 1953 – Maashuqa – masoom dil ki haan pe na keh diya

ज़मीं भी चुप, आसमाँ भी चुप है किसीकी दुनिया उजड़ रही है बता ऐ मालिक, ये कैसी क़िस्मत जो बनते-बनते बिगड़ रही है मासूम दिल की हाँ पे ना कह दिया किसीने और बस इसी बहाने, ग़म दे दिया किसीने बाद-ए-सबा जो आई, और फूल मुस्कुराए सहलाके ज़ख़्म मेरे, बहला दिया किसीने और बस इसी … Continue reading

१९५३ – माशूक़ा – आओ श्यामसुंदर अब तो शाम हो चली | 1953 – Maashuqa – aao shyamsundar ab to shaam ho chali

एक आस एक आसरा है तेरे नाम का आसरा है श्याम का एक दीप तेरा ये जहाँ, जहाँ मेरा और कोई नहीं टूट गईं डोर सभी, एक आस बाक़ी रही, श्याम से मिलन की आओ श्यामसुंदर, अब तो शाम हो चली जीवन की मोरे नैन झरे, नैना रोवें जैसे घटा सावन की आओ श्यामसुंदर, अब … Continue reading

१९५३ – माशूक़ा – ये समाँ हम-तुम जवाँ | 1953 – Maashuqa – ye sama hum tum jawan

ये समाँ, हम-तुम जवाँ, पहलू से दिल सरक जाए ये प्यार की टेढ़ी गली, अब छोड़ी न जाए, हाय रे हाय मिल जाए गर तुझसे नज़र, नन्हा-सा दिल धड़क जाए ये प्यार की टेढ़ी गली, अब छोड़ी न जाए, हाय रे हाय भीगी-भीगी ये चाँदनी रात आँखों-ही-आँखों में जाए रे मैं कुछ कहूँ दिल कुछ … Continue reading

१९५३ – माशूक़ा – झिलमिल तारे करें इशारे | 1953 – Maashuqa – jhilmil tare karen ishare

झिलमिल तारे करें इशारे, सो जा, सो जा, सो जा राजदुलारे बन अलबेली नार नवेली निंदिया, निंदिया आई नैन-दुवारे मतलब की अँधी ये दुनिया, कैसे हमें पहचाने दिल के टुकड़े मेरे, दिल के दर्द को तू ही जाने सब कोई सोवे, पर हम रोवें, जागें जागें, जागें ग़म के मारे सुंदर सपने देख मगर, तू … Continue reading

१९५३ – माशूक़ा – मेरा बचपन वापस आया | 1953 – Maashuqa – mera bachpan wapas aaya

मेरा बचपन वापस आया, बलैयां लूँ मैं बार-बार हो गल-बैय्यां डार मुस्काया, बलैयां लूँ मैं बार-बार, हो अपना सबकुछ देके, लाल मैं तेरी ख़ैर मनाऊँ नज़र ना लागे दुनिया की, तुझे पलकों में मैं छुपाऊँ मेरी गोदी में सब जग आया, बलैयां लूँ मैं बार-बार, हो तू में दिन का सूरज, रात को चँदा की … Continue reading