Songs of Shailendra::
archives

Lyrics

This tag is associated with 395 posts

१९५१ – बादल – ऐ दिल न मुझसे छुपा | 1951 – Badal – ae dil na mujhse chhupa

ऐ दिल न मुझसे छुपा, सच बता क्या हुआ जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ तारे गिने रातभर, जाने कब याद में सो गई वो ख़्वाब था मदभरा, जिसमें बेहोश मैं खो गई कोई नींद में हमसे रूठके, हमको लूटके, चल दिया जाने भी दो दिलरुबा, जो हुआ सो हुआ ऐ दिल न … Continue reading →

१९५१ – बादल – दो दिन के लिए मेहमान यहाँ | 1951 – Badal – do din ke liye mehman yahan

दो दिन के लिए मेहमान यहाँ मालूम नहीं मंज़िल है कहाँ अरमान-भरा दिल तो है मगर जो दिल से मिले वो दिल है कहाँ इक फूल जला, इक फूल खिला कुछ अपना लुटा, कुछ उनको मिला कैसे करें क़िस्मत से गिला रंगीन हर एक महफ़िल है कहाँ दो दिन के लिए … दुनिया में सवेरा … Continue reading →

१९५१ – बादल – आज माने ना मोरा जिया | 1951 – Badal – aaj mane na mora jiya

आज माने ना मोरा जिया, ठुमक-ठुमक नाचे सावन का मौसम सुहाना देखो आए उमंगभरे रंगभरे बादल लाए ख़ुशी का ख़ज़ाना सावन का मौसम सुहाना उनका आना हुआ, ग़म का जाना हुआ कैसी बाँकी नज़र, दिल निशाना हुआ आज माने ना … मैं यहाँ हूँ मगर दिल तेरे पास है तू हो चाहे जहाँ, तू मेरे … Continue reading →

१९५१ – बादल – उनसे प्यार हो गया | 1951 – Badal – unse pyar ho gaya

उनसे प्यार हो गया, उनसे प्यार हो गया दिल मेरा खो गया, दिल उनका खो गया दिल दिल से मिल गया उनसे प्यार हो गया दर्द मिटाए तूने तीर चुभाके आग बुझाई एक आग लगाके उनसे प्यार हो गया … नैनों से नैन मिले, बदले ज़माने समझनेवाले समझे, और ना जाने और ना जाने, कोई … Continue reading →

१९६३ – अपने हुए पराए – मैंने बुलाया और तुम आए | 1963 – Apne Huye Paraye – main ne bulaya aur tum aaye

मैंने बुलाया और तुम आए, अब दिल चाहे क्या आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना आँचल में हैं फूल ख़ुशीके, तुमसा मीत मिला आओ तुम्हें पलकों में रख लूँ, सच कर लूँ सपना तुम हँसे और मेरे दिल में रौशनी हो गई ज़िंदगी प्यार की रागिनी के संग खो गई आओ … Continue reading →

१९६३ – अपने हुए पराए – फिर कोई मुस्कुराया फिर एक फूल खिला | 1963 – Apne Huye Paraye – phir koi muskuraya phir koi phool khila

फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला कोई बुलाए और कोई आए, अब दिल चाहे क्या फिर कोई मुस्कुराया, फिर एक फूल खिला ज़िंदगी फिर वही गीत गुनगुनाने लगी इस गली झूमती फिर बहार आने लगी फिर कोई मुस्कुराया … दिल मेरे झूम ले, याद करके उस शाम को बहके हम जिस घड़ी, पीके प्यार … Continue reading →

१९६३ – एप्रिल फ़ूल – आ गले लग जा मेरे अपने मेरे सपने मेरे पास आ | 1963 – April Fool – aa gale lag ja mere apne mere sapne mere paas aa

आ गले लग जा मेरे सपने, मेरे अपने मेरे पास आ आबाद है तू मेरी धड़कनों में, मेरी जान तुझमें बसी है बादल से जो आस है मोर को मेरे दिल को वो तुझसे लगी है एक तेरी मुस्कान, अँगड़ाई लेती हुई मेरी तक़्दीर जागे एक तेरी झलकी, चली आएँ पल में मेरी मंज़िलें मेरे … Continue reading →

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – दुनिया की सैर कर लो | 1967 – Around The World – duniya ki sair kar lo

दुनिया की सैर कर लो, दुनिया की सैर कर लो इन्साँ के दोस्त बनकर, इन्साँ से प्यार कर लो Around the world in 8 dollars Around the world in 8 dollars Los Angeles भड़कीला, जहाँ Hollywood है रंगीला देखो Disneyland में आकर, परियों का देश धरतीपर दुनिया की सैर कर लो … जब Grand Canyon … Continue reading →

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – जाने भी दे सनम मुझे | 1967 – Around The World – jane bhi de ae sanam mujhe

जाने भी दे ऐ सनम मुझे अभी जाने जाने जाने जाने दे कल भी तो फिर मिलेंगे हम जाने दे, जाने जाने दे जाने भी दे ऐ सनम मुझे देख रहे हैं दुनियावाले क्या समझेंगे मन के काले छोड़ दे दामन, ओ मतवाले जाने जाने जाने दे जाने भी दे ऐ सनम मुझे … दिल … Continue reading →

१९६७ – अराउंड द वर्ल्ड – जोश-ए-जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से | 1967 – Around The World – josh-e-jawani haay re haay nikale jidhar se

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से धूम मचाए दुनिया का मेला, मैं हूँ अकेला कितना अकेला हूँ मैं शाम का रंगीं शोख़ नज़ारा और बेचारा ये दिल ढूँढके हारा कोई सहारा पर ना मिली मंज़िल जोश-ए-जवानी हाय रे हाय … कोई तो हमसे दो बात करता कोई तो कहता हलो घर ना बुलाता, पर … Continue reading →