Songs of Shailendra::
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Lyrics

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१९६७ – दीवाना – तुमको सनम पुकारके चल दें न दिन बहार के | 1967 – Diwana – tum ko sanam pukar ke

तुमको सनम पुकारके, चल दें न दिन बहार के आ जाओ, तड़पते हैं हम आ भी जाओ, तड़पते हैं हम तुम बिन तो इस जहाँ में कोई नहीं हमारा बस एक आस तुमसे, एक आसरा तुम्हारा तुमको सनम पुकारके … ये बात अपने दिल की, हम कह न पाए तुमसे लेकिन छुप ही क्या है, … Continue reading →

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – खोया-खोया चँदा खोए-खोए तारे | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – khoya khoya chanda khoye khoe tare

खोया-खोया चँदा, खोए-खोए तारे सो गए, तू भी सो जा चाँद हमारे खोया-खोया चँदा, खोए-खोए तारे लेके जादू की छड़ी, आई सपनों की परी रूपनगरी में तुझे छोड़ आएगी अभी है वो सपनों का जहाँ, एक मेला है वहाँ देस-परदेस के बच्चे चले वहाँ नीले आकाश के गंगा के किनारे खोया-खोया चँदा … झूला चाँदी … Continue reading →

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – पथभूला एक आया मुसाफ़िर | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – pathbhoola ek aaya musafir

पथभूला एक आया मुसफ़िर, लेके मेरा मन दूर चला बिखरे सपने, रह गईं यादें, रात से पहले चाँद ढला पथभूला कोई न समझे, कोई न जाने, दिल की लगी है क्या लाख छुपाऊँ, छुप न सके ये प्रेम का रोग बुरा पथभूला एक आया मुसफ़िर, लेके मेरा मन दूर चला पथभूला दिल कहता है रोक … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – कल तलक हम ठीक था | 1958 – Detective – kal talak hum theek tha

कल तलक हम ठीक था, आज हमें क्या हो गया दिल भी हमको छोड़के, क्या पराया हो गया कल तलक हम ठीक था, आज हमें क्या हो गया ये मचलती रात आधी, मौसम बेक़रार छुप गया क्यूँ छेड़कर तू मेरे दिल के तार हम इधर है जागता, तुम उधर क्या सो गया दिल भी हमको … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – राही चल सँभलके | 1958 – Detective – rahi chal sambhal ke

राही चल सँभल-सँभलके है बड़ा कठिन ये रास्ता बड़ा कठिन है रस्ता ये प्यार का राही चल सँभल-सँभलके है बड़ा कठिन ये रास्ता ये गली लागे भली, दिल तेरा चुराए रे आगे जाकर किसीकी समझ में ना आए रे खो ना जाना, तू कहीं खो ना जाना राही चल सँभल-सँभलके … जो नज़र तुझको उधर … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – छोड़िये ग़ुस्सा हुज़ूर | 1964 – Detective – chhodiye gussa huzoor

छोड़िए ग़ुस्सा हुज़ूर, ऐसी नाराज़ी भी क्या हमने तो जो कुछ किया, दिल के कहने पर किया आपकी मर्ज़ी है, अब जो चाहे दीजिए सज़ा छोड़िए ग़ुस्सा हुज़ूर, ऐसी नाराज़ी भी क्या सीने के पार कर दो, तिरछी नज़र का तीर हम चुप हैं लो पहना भी दो ज़ुल्फ़ों की ये ज़ंजीर यूँ भी घायल … Continue reading →

१९५८ – डिटेक्टिव – आ जा कर ले मुक़ाबला | 1958 – Detective – aa ja kar le muqabla

आजा कर ले मुक़ाबला, ये बाज़ी प्यार की हो जाए आज फ़ैसला, ये बाज़ी प्यार की कहती हूँ मान जा, ऐ नादाँ मान जा उल्फ़त के खेल में ख़तरा है जान का, हो हो जा जा जा जा जा जा जा आजा कर ले मुक़ाबला … चाल मेरी मस्तानी, हर क़दम मेरा तूफ़ानी यहाँ भी … Continue reading →

१९६० – दिल अपना और प्रीत पराई – मेरा दिल अब तेरा ओ साजना | 1960 – Dil Apna Aur Preet Parai – mera dil ab tera o saajna

मेरा दिल अब तेरा, ओ साजना कैसा जादू फेरा, ओ साजना मेरा दिल अब तेरा, ओ साजना नैन हमारे तुम संग लागे, तुम संग प्रीत हमारी मन भाए तुम जानो न जानो, जाने है दुनिया सारी कोई और न मेरा, ओ साजना मेरा दिल अब तेरा … मोरनी बनके राह तकूँ मैं, तुम बादल बन … Continue reading →

१९६० – दिल अपना और प्रीत पराई – अंदाज़ मेरा मस्ताना | 1960 – Dil Apna Aur Preet Parai – andaz mera mastana

अंदाज़ मेरा मस्ताना, माँगे दिल का नज़राना ज़रा सोच के आँख मिलाना, हो जाए न तू दीवाना कि हम भी जवाँ हैं, समाँ भी जवाँ है न फिर हमसे कहना, मेरा दिल कहाँ है, मेरा दिल कहाँ है प्यार की किताब हूँ मैं, सच हूँ फिर भी ख़्वाब हूँ मैं देखकर सुरूर आए, वो अजब … Continue reading →

१९५९ – दीप जलता रहे – छम छम छम छम गीत सुनाए | 1959 – Deep Jalta Rahe – chham chham chham chham geet sunaye

छम छम छम छम गीत सुनाए मेरी पायल गाए दिन आए मिलन के, बालमा खींच बुलाए बाहर कोई, आँगन में मेरा जी ना लगे हो जाऊँगी आज मैं उनकी, जिन संग मेरे नैन लगे जिया लहराए, मेरे बस में न आए दिन आए मिलन के, बालमा छम छम छम छम गीत सुनाए ऊदे रे ऊदे … Continue reading →