Songs of Shailendra::
archives

Lyrics

This tag is associated with 395 posts

१९५३ – माशूक़ा – मेरा बचपन वापस आया | 1953 – Maashuqa – mera bachpan wapas aaya

मेरा बचपन वापस आया, बलैयां लूँ मैं बार-बार हो गल-बैय्यां डार मुस्काया, बलैयां लूँ मैं बार-बार, हो अपना सबकुछ देके, लाल मैं तेरी ख़ैर मनाऊँ नज़र ना लागे दुनिया की, तुझे पलकों में मैं छुपाऊँ मेरी गोदी में सब जग आया, बलैयां लूँ मैं बार-बार, हो तू में दिन का सूरज, रात को चँदा की … Continue reading →

१९६१ – करोड़पति – ओ सजना, न पूछ मुझसे प्यार क्या है | 1961 – Krorepati – o sajna, na poochh mujhse pyar kya hai

ओ साजना, न पूछ न मुझसे प्यार क्या है किताब-ए-दिल में पढ़के देख ले, कि प्यार क्या है, प्यार क्या है तारों से रात को, जब दिल की बात हो जान लो, कि जिया खो गया कि दिल्लगी में दिल किसीका हो गया ओ साजना, न पूछ मुझसे … सपने में हर घड़ी आए जब … Continue reading →

१९६६ – कुँवारी – प्यार के पलछिन बीते हुए दिन १ | 1966 – Kunwari – pyar ke palchhin beete hue din 1

प्यार के पलछिन, बीते हुए दिन हम तो ना भूले, तुम भूल गए देखे थे हमने मिलके जो सपने हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार के पलछिन उन यादों को दिल से लगाए भटक रहे हैं हम ख़ुदको भुलाए जो दिन हाय मुड़के न आए हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार … Continue reading →

१९६६ – कुँवारी – प्यार के पलछिन बीते हुए दिन २ | 1966 – Kunwari – pyar ke palchhin beete hue din 2

प्यार के पलछिन, बीते हुए दिन हम तो ना भूले, तुम भूल गए देखे थे हमने मिलके जो सपने हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार के पलछिन सूनी रैना, ये अँधियारा इस नदिया का जाने कहाँ है किनारा साथ तुम्हारा, बाँहों का सहारा हम तो ना भूले, तुम भूल गए प्यार के पलछिन, … Continue reading →

१९६७ – लाट साहब – ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा | 1967 – Laat Saheb – ae chand zara chhup ja, ae waqt zara ruk ja

ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा एक बात है होँठों पे, कह लूँ तो क़रार आए, एक बोझ तो हट जाए ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ वक़्त ज़रा रुक जा रुख़ उनका इधर को है, अब क्यूँ न बहार आए, दुनिया न बदल जाए ऐ चाँद ज़रा छुप जा, ऐ … Continue reading →

१९६१ – करोड़पति – आप हुए मेरे बलम मैं तुम्हारी हुई | 1961 – Krorepati – aap hue mere balam main tumhari hui

आप हुए मेरे बलम मैं तुम्हारी हुई, मान लीजिए अजी मान लीजिए दिल का इरादा, नज़र के इशारे हुए, जान लीजिए अजी जान लीजिए आप हुए मेरे बलम मैं तुम्हारी हुई, मान लीजिए अजी मान लीजिए ग़ैरों की नज़रों से तुमको चुरा लूँ जी चाहता है पलक में छुपा लूँ प्यार की ये डोरी सजन … Continue reading →

१९६१ – करोड़पति – देखनेवालो थाम लो दिल को | 1961 – Krorepati – dekhnewalo thaam lo dil ko

देखनेवालो थाम लो दिल को, अपना तमाशा शुरु हो गया हुस्न ने हँसकर तोड़ी क़यामत, फिर से वो क़िस्सा शुरु हो गया मेरी वफ़ा का उनको पता क्या, उनका शबाब नशा उनका ज़माना, महफ़िल भी उनकी, किससे करूँ मैं गिला देखनेवालो थाम लो दिल को … वक़्त है थोड़ा, रात ज़रा-सी, चाँद भी ढलने को … Continue reading →

१९६१ – करोड़पति – ओ लड़के बढ़ते-बढ़ते तू तो यहाँ भी | 1961 – Krorepati – o ladake badhate badhate tu to yahan bhi

ओ लड़के, बढ़ते-बढ़ते, तू तो यहाँ भी आ गया ओ लड़की, मर्ज़ी मेरे दिल की, इसमें किसीका क्या गया रस्ते के पार मैं थी खड़ी, हो गई देखा-देखी भोली नज़र लड़ ही पड़ी, आगे की न सोची अब तुम जहाँ, हम भी वहाँ ओ लड़के, बढ़ते-बढ़ते, तू तो यहाँ भी आ गया ओ लड़की, मर्ज़ी … Continue reading →

१९६१ – करोड़पति – ओ मेरी मैना, अरे सुन मेरा कहना | 1961 – Krorepati – o meri maina are sun mera kehna

ओ मेरी मैना, तू सुन मेरा कहना हाथों में हाथ चल मेरे साथ, ये चाँद रात क्या बात है ओ मेरी मैना बहारों ने छेड़ा है प्यार का तराना कि अब जाके आया है रंग पे ज़माना क़सम है, न ऐसे में तू रूठ जाना ओ मेरी मैना … आ बादल की गलियों से दूर … Continue reading →

१९६१ – करोड़पति – पहले मुर्गी हुई थी कि अण्डा| 1961 – Krorepati – pehle murgi hui thi ki anda

पहले मुर्गी हुई थी कि अण्डा, ज़रा सोचके बताना जग में पहले गड़ा किसका झण्डा, ज़रा सोचके बताना हर चेहरे पे नक़ली चेहरा, नक़ली चेहरे पे झूठी हँसी ऊपरवाले तेरे ही कारन जान मेरी मुश्किल में फँसी पहले मुर्गी हुई थी कि अण्डा, ज़रा सोचके बताना ज़रा सोचके बताना देख अकेला आँखदिखाई, महफ़िल में आके … Continue reading →