Songs of Shailendra::
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१९६२ – दिल तेरा दीवाना – जान-ए-वफ़ा जान-ए-जहाँ जान-ए-तमन्ना | 1962 – Dil Tera Diwana – jaan-e-wafa jaan-e-jahan jaan-e-tamanna

जान-ए-वफ़ा, जान-ए-जहाँ, जान-ए-तमन्न कहूँ तू ही बता ऐ अजनबी, आख़िर तुझे क्या कहूँ मैं प्यार की नन्ही कली, तुम चाहे जो नाम दो तुम कौन हो क्या नाम है, तुम भी ज़रा कुछ कहो मेरा नाम प्यार है, मैंने दुनिया को दी ज़िंदगी जीनेवाले मेरे नाम पर रहते हैं ज़िंदा मरके भी मैं प्यार की … Continue reading →

१९६२ – दिल तेरा दीवाना – मुझे कितना प्यार है तुमसे | 1962 – Dil Tera Diwana – mujhe kitna pyar hai tumse

मुझे कितना प्यार है तुमसे, अपने-ही दिल से पूछो तुम जिसे दिल दिया है वो तुम हो, मेरी ज़िंदगी तुम्हारी है चाहत ने तेरी मुझको कुछ इस तरह से घेरा दिन को हैं तेरे चर्चे, रातों को ख़्वाब तेरा तुम हो जहाँ वहींपर रहता है दिल भी मेरा बस एक ख़याल तेरा, क्या शाम क्या … Continue reading →

१९५६ – दिल्ली दरबार – महफ़िल में कैसी छम-छम | 1956 – Dilli Darbar – mehfil mein kaisi chham chham

महफ़िल में कैसी छम-छम, किसका है ये है तराना तेरे लिए सीखा है नज़रों ने मुस्कुराना ओ बेख़बर तेरे सिवा सारे जहाँ ने जाना महफ़िल में कैसी छम-छम कल तो कहा था, मेरे हो आज नज़र क्यूँ फेरे हो मेरी वफ़ा झूठी है या तेरा वो फ़साना ओ बेख़बर तेरे सिवा सारे जहाँ ने जाना … Continue reading →

१९६० – दिल अपना और प्रीत पराई – मेरा दिल अब तेरा ओ साजना | 1960 – Dil Apna Aur Preet Parai – mera dil ab tera o saajna

मेरा दिल अब तेरा, ओ साजना कैसा जादू फेरा, ओ साजना मेरा दिल अब तेरा, ओ साजना नैन हमारे तुम संग लागे, तुम संग प्रीत हमारी मन भाए तुम जानो न जानो, जाने है दुनिया सारी कोई और न मेरा, ओ साजना मेरा दिल अब तेरा … मोरनी बनके राह तकूँ मैं, तुम बादल बन … Continue reading →

१९६० – दिल अपना और प्रीत पराई – अंदाज़ मेरा मस्ताना | 1960 – Dil Apna Aur Preet Parai – andaz mera mastana

अंदाज़ मेरा मस्ताना, माँगे दिल का नज़राना ज़रा सोच के आँख मिलाना, हो जाए न तू दीवाना कि हम भी जवाँ हैं, समाँ भी जवाँ है न फिर हमसे कहना, मेरा दिल कहाँ है, मेरा दिल कहाँ है प्यार की किताब हूँ मैं, सच हूँ फिर भी ख़्वाब हूँ मैं देखकर सुरूर आए, वो अजब … Continue reading →

१९५२ – दाग़ – लागे जब से नैन लागे | 1952 – Daag – laage jab se nain laage

लागे, जब से नैन लागे दिल तो गया, क्या जाने उल्फ़त में क्या होगा आगे जब से नैन लागे हम उनके घर आके शर्मा रहे हैं क्यूँ खुल गए भेद पछता रहे हैं बँधने लगे लो मोहब्बत के धागे जब से नैन लागे, हो जब से नैन लागे … सपने भी उनके, ये निंदिया भी … Continue reading →

१९५२ – दाग़ – प्रीत ये कैसी बोल री दुनिया | 1952 – Daag – preet ye kaisi bol ri duniya

प्रीत ये कैसी बोल री दुनिया, प्रीत ये कसी बोल री दुनिया, प्रीत ये कैसी बोल धूल में मन का हीरा रोवे, कोई न पूछे मोल दुनिया, बोल री दुनिया बोल देखूँ मैं इक सुंदर सपना, ढूँढ़ूँ तारों में घर अपना अँधी क़िस्मत तोड़ रही है ये सपने अनमोल दुनिया, प्रीत ये कैसी बोल डूब … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – ये रात भीगी-भीगी | 1955 – Chori Chori – ye raat bheegi bheegi

ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फ़िज़ाएँ, उठा धीरे-धीरे वो चाँद प्यारा-प्यारा क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, सोने भी नहीं देता मौसम का ये इशारा इठलाती हवा, नीलम-सा गगन, कलियों पे ये बेहोशी की नमी ऐसे में भी क्यूँ बेचैन है दिल, जीवन में न जाने क्या है कमी क्यूँ आग-सी लगाके गुमसुम है चाँदनी, … Continue reading →

१९५२ – दाग़ – देखो आया ये कैसा ज़माना | 1952 – Daag – dekho aaya ye kaisa zamana

देखो आया ये कैसा ज़माना ये दुनिया अजायबखाना, रे देखो आया ये कैसा ज़माना काली घोडी पे बैठके, कल हम गए बजार तेल तो देखा था पहले से, और देखी तेल की धार जो कुछ देखा, देखके हमको, याद आए श्रीरामा, रे देखो आया ये कैसा ज़माना … चोर की चौकीदारी देखी, और अँधों की … Continue reading →

१९५५ – चोरी चोरी – मनभावन के घर जाए गोरी | 1955 – Chori Chori – manbhawan ke ghar jaye gori

मनभावन के घर जाए गोरी घूँघट में शरमाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना बचपन के दिन खेल गँवाए, आई जवानी तो बालम आए तेरे आँगन बजे बधाई गोरी, क्यूँ नैना छलकाए गोरी बँधी रहे ये प्यार की डोरी हमें ना भुलाना, हमें ना भुलाना इस दुनिया की … Continue reading →