Songs of Shailendra::
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Kahin Aur Chal

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१९६८ – कहीं और चल – देखो क्या-क्या लेकर आया | 1968 – Kahin Aur Chal – dekho kya kya lekar aaya

ओ लक्ष्मी, ओ सरसू, ओ शीला, ओ रजनी देखो क्या-क्या लेकर आया ये मौसम इस बार वो गुलाब भी खिलेगा शायद, जिसका नाम है प्यार ओ लक्ष्मी, ओ सरसू आ गईं चंचल हवाएँ गीत गाने दिल की दुनिया में नई हलचल मचाने प्यार के दिन हैं मोहबात के ज़माने चुप न बैठो, तुम भी छेड़ो … Continue reading

१९६८ – कहीं और चल – रे आनेवाले आ तू देर ना लगा | 1968 – Kahin Aur Chal – re aanewale aa tu der na laga

रे आनेवाले आ, तू देर ना लगा हर आहट पे हो धक-से दीवाना दिल मेरा रे आनेवाले आ कबसे तेरी राहों में खड़ी मैं बेक़रार बोला जो पपीहा, थी वो मेरी ही पुकार फूलों को सजाए जैसे बाग़ों में बहार आँखों में सजाए मैंने सपने हज़ार रे आनेवाले आ … पापी मेरा दिल मेरे बस … Continue reading

१९६८ – कहीं और चल – पानी पे बरसे जब पानी | 1968 – Kahin Aur Chal – pani pe barse jab pani

पानी पे बरसे जब पानी, जब हों फ़िज़ाएँ दीवानी फिर तो ऐसे मौसम में, करता है दिल भी नादानी कुछ ढूँढ़ती हैं दो आँखें, कुछ खोजता है मन मेरा वो कौन है कहाँ पर है, जिसके ख़याल ने घेरा पानी पे बरसे जब पानी … बिजली चमक-चमककर क्यूँ हमें मुँह-चिढ़ाए जाती है नटखट इशारे कर-करके … Continue reading