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Jhuk Gaya Aasman

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१९६८ – झुक गया आसमान – मेरे-तुम्हारे बीच में अब तो ना पर्वत ना सागर | 1968 – Jhuk Gaya Aasman – mere tumhare beech mein ab to na parvat na sagar

मेरे-तुम्हारे बीच में अब तो ना पर्वत ना सागर निसदिन रहे ख़यालों में तुम, अब हो जाओ उजागर अब आन मिलो सजना, अब आन मिलो सजना, सजना आया मदमाता सावन, फिर रिमझिम की रुत आई फिर मन में बजी शहनाई, फिर प्रीत ने ली अँगड़ाई मेरे-तुम्हारे बीच में अब तो … मैं मन को लाख … Continue reading