Songs of Shailendra::
archives

Gaban

This tag is associated with 3 posts

१९६६ – गबन – अबके सजन बरसे नयन | 1966 – Gaban – abke sajan barse nayan

तुम बिन सजन बरसे नयन, जब-जब बादल बरसे मजबूर हम, मजबूर तुम, दिल मिलने को तरसे नागिन-सी ये रात अँधेरी, बैठी है दिल को घेरके रूठे जो तुम, सब चल दिए मुख फेरके तुम बिन सजन … ये दिल तेरे प्यार की ख़ातिर, जग से बेगाना हो गया एक ख़्वाब था, सब लुट गया, सब … Continue reading →

१९६६ – गबन – तुम्हारी क़सम तुम बहुत याद आए | 1966 – Gaban – tumhari qasam tum bahut yaad aaye

मैं हर रात जागी कि इस बार शायद मोहब्बत तुम्हें इस तरफ़ खींच लाए तुम्हारी क़सम तुम बहुत याद आए न पूछो, ये दिन हमने कैसे बिताए तुम्हारी क़सम तुम बहुत याद आए बरसने लगे शब तो क्या नींद आए उधर कडके बिजली, इधर जान जाए न पूछो, ये दिन हमने … ज़रा एक नज़र … Continue reading →

१९६६ – गबन – आए रे दिन सावन के | 1966 – Gaban – aaye re din sawan ke

आए रे दिन सावन के, सावन के बलम तेरे आवन के, आवन के आए रे दिन सावन के तेरे प्यार का जोग लिया, मोहे लोग कहें दीवानी घर-घर की इस कहा-सुनी में, मैं बन गई कहानी आए रे दिन सावन के … दो नैनों के दीप जलाए, जागूँ सारी रैना कैसे लागे नैन पिया जब, … Continue reading →