Songs of Shailendra::
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Door Gagan Ki Chhaon Mein

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१९६४ – दूर गगन की छाँव में – जिन रातों की भोर नहीं है | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – jin raton ki bhor nahin hai

जिन रातों की भोर नहीं है, आज ऐसी ही रात आई बोझ से ग़म के डूब गया दिल, सागर की है गहराई रात के तारो, तुम ही बता दो, मेरी वो मंज़िल है कहाँ पागल बनकर जिसके लिए मैं खो बैठा हूँ दोनों जहाँ जिन रातों की भोर नहीं है, आज ऐसी ही रात आई … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – ओ जग के रखवाले | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – o jag ke rakhwale

ओ जग के रखवाले, हमें तुझबिन कौन सँभाले ओ जग के रखवाले जित देखूँ, देखूँ अँधियारा, घायल मन घबराए जैसे अँधी रात में पँछी राह भूल दुख पाए चहुं-ओर हैं बादल काले हमें तुझबिन कौन सँभाले, ओ जग के रखवाले एक आस अब तुमसे भगवन, एक ही द्वार तुम्हारा बाँह बढ़ाके हमें उठा लो, तुमही … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – छोड़ मेरी बैंया बलम | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – chhod meri bainya balam

आह! छोड़ मेरी बैंया, बलम बेईमान आते-जाते देख लेगा कोई छुईमुई जैसी नन्ही-सी मेरी जान आते-जाते देख लेगा कोई छोड़ मेरी बैंया आहा! निकली थी लेने बलम बगिया से फूल बातों-बातों में तेरी, राह गई भूल हाय रे, मैं आई कहाँ, छूटा घर मेरा वहाँ उड़ती है दूर जहाँ, भेदभरी धूल लागे डर मुझको यहाँ, … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – खोया-खोया चँदा खोए-खोए तारे | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – khoya khoya chanda khoye khoe tare

खोया-खोया चँदा, खोए-खोए तारे सो गए, तू भी सो जा चाँद हमारे खोया-खोया चँदा, खोए-खोए तारे लेके जादू की छड़ी, आई सपनों की परी रूपनगरी में तुझे छोड़ आएगी अभी है वो सपनों का जहाँ, एक मेला है वहाँ देस-परदेस के बच्चे चले वहाँ नीले आकाश के गंगा के किनारे खोया-खोया चँदा … झूला चाँदी … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – पथभूला एक आया मुसाफ़िर | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – pathbhoola ek aaya musafir

पथभूला एक आया मुसफ़िर, लेके मेरा मन दूर चला बिखरे सपने, रह गईं यादें, रात से पहले चाँद ढला पथभूला कोई न समझे, कोई न जाने, दिल की लगी है क्या लाख छुपाऊँ, छुप न सके ये प्रेम का रोग बुरा पथभूला एक आया मुसफ़िर, लेके मेरा मन दूर चला पथभूला दिल कहता है रोक … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – koi lauta de mere beete hue din

Film Door Gagan Ki Chhaon Mein Music Director Kishore Kumar Year 1964 Singer(s) Kishore Audio Video On Screen Kishore Kumar अलबेले दिन प्यारे, मेरे बिछड़े साथ-सहारे हाय कहाँ गए, हाय कहाँ गए आँखों के उजियारे, मेरी सूनी रात के तारे हाय कहाँ गए कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन बीते हुए दिन, वो मेरे … Continue reading

१९६४ – दूर गगन की छाँव में – राही तू मत रुक जाना | 1964 – Door Gagan Ki Chhaon Mein – rahi tu mat ruk jaana

Film Door Gagan Ki Chhaon Mein Music Director Kishore Kumar Year 1964 Singer(s) Hemant Audio Video On Screen Kishore Kumar राही तू मत रुक जाना, तूफ़ाँ से मत घबराना कभी तो मिलेगी तेरी मंज़िल, कहीं दूर गगन की छाँव में माना कि गहरी है धारा, पर है कहीं तो किनारा तू भी मिला आशा के … Continue reading