Songs of Shailendra::
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Dilip Kumar

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१९५३ – शिकस्त – जब-जब फूल खिले | 1953 – Shikast – jab jab phool khile

जब-जब फूल खिले, तुझे याद किया हमने जब-जब फूल खिले देख अकेला हमें, हमें घेर लिया ग़म ने जब-जब फूल खिले मन को मैंने लाख मनाया पर अब तो है वो भी पराया ज़ख्म किए नासूर, तेरी याद के मरहम ने जब-जब फूल खिले मिलने के हैं लाख बहाने लेकिन मन का मीत न माने … Continue reading →

१९५३ – शिकस्त – नई ज़िंदगी से प्यार करके देख १ | 1953 – Shikast – nayi zindagi se pyar karke dekh 1

नई ज़िंदगी से प्यार करके देख इसके रूप का सिंगार करके देख इसपे जो भी है निसार करके देख नई ज़िंदगी से प्यार करके देख सच कभी तो होंगे ख़्वाब और ख़याल, तेरे ख़्वाब और ख़याल कब तलक रहेंगे बेकसी के जाल, दिल पे बेकसी के जाल वक़्त सुन चुका है तेरे दिल का हाल, … Continue reading →

१९५३ – शिकस्त – नई ज़िंदगी से प्यार करके देख २ | 1953 – Shikast – nayi zindagi se pyar karke dekh 2

नई ज़िंदगी से प्यार करके देख इसके रूप का सिंगार करके देख इसपे जो भी है निसार करके देख नई ज़िंदगी से प्यार करके देख नींद से धरती को जो जगाएगा, ज़मीं को जो जगाएगा बीज आँसुओं के जो बिछाएगा, जो मेहनतें लुटाएगा फूल उसके आँगन में मुस्कुराएगा, मुस्कुराएगा और चार दिन गुज़ार करके देख … Continue reading →

१९५३ – शिकस्त – सपनों की सुहानी दुनिया को | 1953 – Shikast – sapnon ki suhani duniya ko

सपनों की सुहानी दुनिया को आँखों में बसाना मुश्किल है अपनों पे जताना मुश्किल है, ग़ैरों से छुपाना मुश्किल है मेरा बचपन बीत गया है, दिल का लड़कपन बाक़ी है मैं अपने-आप को समझा लूँ, पर दिल को मनाना मुश्किल है अहसान तेरा कैसे भूलूँ, तेरे ग़म के सहारे ज़िंदा हूँ वरना इन जाती सांसों … Continue reading →

१९५८ – मुसाफ़िर – लागी नाही छूटे राम चाहे जिया जाए | 1958 – Musafir – laagi naahi chhute raam, chaahe jiya jaye

लागी नाही छूटे राम, चाहे जिया जाए मन अपनी मस्ती का जोगी, कौन इसे समझाए कौन इसे समझाए, रामा लागी नाही छूटे रामा, चाहे जिया जाए तारों में मुस्कान है तेरी, चाँद तेरी परछाँईं उतने गीत हैं जितनी रातें हमने साथ बिताईं कैसे बोलूँ रे साँवरिया, करूँ मैं कौन उपाय चाहे जिया जाए रिमझिम-रिमझिम बुँदियाँ … Continue reading →

१९५८ – मधुमती – टूटे हुए ख़्वाबों ने | 1958 – Madhumati – toote hue khwabon ne

टूटे हुए ख़्वाबों ने, हमको ये सिखाया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया है टूटे हुए ख़्वाबों ने हम ढूँढ़ते हैं उनको, जो मिलके नहीं मिलते रूठे हैं न जाने क्यूँ, मेहमाँ वो मेरे दिल के क्या अपनी तमन्ना थी, क्या सामने आया है दिल ने जिसे पाया था, आँखों ने गँवाया … Continue reading →

१९५८ – मधुमती – चढ़ गयो पापी बिछुआ | 1958 – Madhumati – chadh gayo papi bichhua

ओ ओ ओ ओ बिछुआ, हाय रे पीपल छैँया बैठी पलभर भरके गगरिया, हाय रे होय ओय ओय ओय दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ ओ हाय हाय रे मर गई, कोई उतारो बिछुआ दैय्या रे, दैय्या रे, चढ़ गयो पापी बिछुआ कैसो रे पापी बिछुआ, कैसो रे पापी बिछुआ दैय्या रे, दैय्या … Continue reading →

१९५८ – मधुमती – सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं | 1958 – Madhumati – suhana safar aur ye mausam haseen

सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं हमें डर है हम खो न जाएँ कहीं सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं ये कौन हँसता है फूलों में छुपकर बहार बेचैन है किसकी धुन पर कहीं गुनगुन, कहीं रुनझुन, कि जैसे नाचे ज़मीं सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं … ये गोरी नदियों का चलना उछलकर कि … Continue reading →

१९५८ – यहुदी – दिल में प्यार का तूफ़ान | 1958 – Yahudi – dil mein pyar ka toofan

Film Yahudi Music Director Shankar-Jaikishan Year 1958 Singer(s) Lata Audio Video On Screen Dilip Kumar दिल में प्यार का तूफ़ान, ना समझे कोई नादान ज़ालिम घूर-घूरके, देखे दूर-दूर से दिल में प्यार का तूफ़ान जिसके लिए मैं सारी रात जगी उसने ही देखो मेरी ख़बर ना ली मौसम छेड़े मीठे राग, मेरे दिल में जागे … Continue reading →

१९५२ – दाग़ – ऐ मेरे दिल कहीं और चल | 1952 – Daag – ae mere dil kahin aur chal

Film Daag Music Director Shankar-Jaikishan Year 1952 Singer(s) Talat Audio Video On Screen Dilip Kumar ऐ मेरे दिल कहीं और चल ग़म की दुनिया से दिल भर गया, ढूँढ़ ले अब कोई घर नया ऐ मेरे दिल कहीं और चल चल जहाँ ग़म के मारे न हों, झूठी आशा के तारे न हों उन बहारों … Continue reading →